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शोध: पृथ्वी के केंद्र में पहली बार छल्लेदार आकृति! ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक बोले- भूमध्य रेखा के समानांतर है जगह

Mon, 02 Sep 2024 02:50 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिडनी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिडनी Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 02 Sep 2024 02:50 AM IST
सार

पृथ्वी के केंद्र में पहली बार छल्लेदार आकार वाले क्षेत्र की आकृति देखी गई है। ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों को एक शोध के दौरान चौंकाने वाले परिणाम मिले हैं। ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के मुताबिक छल्लेदार आकृति वाला क्षेत्र भूमध्य रेखा के समानांतर केंद्रित है।

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Research first time ring shape seen at centre of Earth Australian scientists says place is parallel to the equ
पृथ्वी के केंद्र में पहली बार दिखी छल्लेदार आकृति - फोटो : एएनआई / अमर उजाला

विस्तार

भूकंपीय तरंगों के विश्लेषण से ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों को चौंकाने वाले परिणाम मिले हैं। शोध में पता चला है कि पृथ्वी के बाहरी कोर पर छल्लेदार आकृति स्थित है। वैज्ञानिकों के मुताबिक रहस्यों से भरी पृथ्वी के केंद्र में पहली बार छल्लेदार आकार वाले क्षेत्र की आकृति देखी गई है। यह क्षेत्र पृथ्वी के तरल कोर के भीतर है, जो हमारे ग्रह की चुंबकीय क्षेत्र की गतिशीलता के बारे में नए रहस्य उजागर करता है।
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ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (एएनयू) के वैज्ञानिकों ने इसे डोनट यानी गोल आकार का बताया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, पृथ्वी के तरल कोर के भीतर की संरचना केवल कम अक्षांशों पर पाई जाती है और यह भूमध्य रेखा के समानांतर बैठती है।
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साइंस एडवांसेज में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, पृथ्वी की दो कोर परतें हैं। आतंरिक कोर जो एक ठोस परत है और बाहरी कोर जो एक तरल है। पृथ्वी के कोर के चारों ओर मेंटल है। नई खोज में छल्लेदार आकार का क्षेत्र पृथ्वी के बाहरी कोर के शीर्ष पर है, जहां तरल कोर मेंटल से मिलता है। इस खोज को करने वाले शोध दल ने बड़े भूकंपों से पैदा होने वाली तरंगों का विश्लेषण किया।
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ऐसे की गई खोज
एनयू के भूभौतिकीविद प्रोफेसर ह्रवोजे टकालसिक ने बताया कि ये तरंगे पृथ्वी के भीतर से होकर गुजरती है, इससे वैज्ञानिकों को इसकी आंतरिक संरचना की जानकारी मिलती है। टकालसिक ने बताया कि शोधकर्ताओं ने इस बात पर ध्यान केंद्रित किया कि तरल कोर के बाहरी हिस्से और मेंटल के बीच से गुजरती भूकंपीय तरंगें कैसे धीमी हो रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि उन तरंगों के रास्ते और यहां से गुजरने के उनके समय को देखकर हमने पृथ्वी के बाहरी कोर के माध्यम से तरंकों की यात्रा को फिर बनाया।


भूमध्य रेखा के समानांतर केंद्रित है छल्लेदार क्षेत्र
वैज्ञानिकों के मुताबिक, तरंगों की गति धीमी होने से इसके बाहरी कोर के भीतर भूमध्य रेखा के समानांतर केंद्रित छल्लेदार आकार के क्षेत्र का पता चला। वैज्ञानिकों ने तुरंत भूकंप का अवलोकन करने की जगह झटकों के कई घंटों बाद तरंगों के बीच समानता का विश्लेषण किया। अध्ययन के सह लेखक डॉ. शियाओलोंग मा ने कहा कि यह खोज पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र की गतिशीलता के कुछ रहस्यों को उजागर करती है।
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