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अमेरिकी शोध: रोगियों में विटामिन डी की कमी पूरी करने का मिला प्रभावी इलाज
Sun, 23 May 2021 08:28 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, बोस्टन
एजेंसी, बोस्टन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sun, 23 May 2021 08:28 AM IST
सार
- शोधकर्ताओं के मुताबिक, इन रोगियों के शरीर में अक्सर विटामिन डी पचाने में दिक्कत रहती है। इससे इन लोगों में विटामिन डी की कमी का खतरा बढ़ जाता है
- मालअब्जॉर्प्शन सिंड्रोम में मोटापा और गैस्ट्रिक बाइपास सर्जरी वाले लोग शामिल हैं
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
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विस्तार
एक शोध में 25-हाइड्रोक्सी विटामिन डी3 कुछ रोगियों में विटामिन डी की कमी पूरी करने के लिए प्रभावी इलाज पाया गया है। अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रीशन प्रकाशित इस अध्ययन के मुताबिक, दुनिया में कई लाखों लोग विभिन्न मालअब्जॉर्प्शन सिंड्रोम से ग्रसित हैं।
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इनमें मोटापा और गैस्ट्रिक बाइपास सर्जरी वाले लोग शामिल हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इन रोगियों के शरीर में अक्सर विटामिन डी पचाने में दिक्कत रहती है। इससे इन लोगों में विटामिन डी की कमी का खतरा बढ़ जाता है और ये ऑस्टियोपोरोसिस और ऑस्टियोमलेशिया के शिकार हो सकते हैं।
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25 हाइड्रोक्सी विटामिन डी3 खास रोगियों में मिली कारगर
अध्ययन स्वस्थ व्यस्क, फैट मालअब्जॉर्प्शन सिंड्रोम वाले वयस्क और मोटे वयस्कों को विटामिन डी और इसका ज्यादा घुलनशील रूप 25 हाइड्रोक्सी विटामिन डी3 की समान खुराक देकर इनके प्रभाव की तुलना की गई थी। शोधकर्ताओं ने पाया कि स्वस्थ व्यक्ति की तुलना में फैट मालअब्जॉर्प्शन सिंड्रोम और गैस्ट्रिक बाइपास सर्जरी वाले रोगियों के रक्त में मुंह से दी गई विटामिन डी3 की केवल 36 फीसदी मात्रा तक पाई गई।
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वहीं, इन्हीं वयस्कों को जब 25-हाइड्रोक्सी विटामिन डी3 दी गई तो फैट मालअब्जॉर्प्शन सिंड्रोम वाले रोगियों में विटामिन डी का अवशोषण अच्छा रहा और उनमें इसका समान स्तर पाया गया। मोटापे के शिकार हुए वयस्को में भी कमोबेश यही नतीजा दिखा।
शोध के लेखक बोस्टन यूनिवर्सिटी ऑफ स्कूल मेडिसिन में प्रोफेसर माइकल एफहोलिक का कहना है कि इन नतीजों के आधार पर विटामिन डी की कमी के इलाज के लिए 25-हाइड्रोक्सी विटामिन डी3 देना सही दृष्टिकोण हो सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, लगभग एक तिहाई वयस्क मोटे हैं और उन्हें शारीरिक जरूरतें पूरी करने के लिए विटामिन डी की कहीं ज्यादा खुराक की जरूरत होती है।