फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Putin on Russia-Ukraine War If any army enter ukraine before peace agreement considered legitimate target

Russia-Ukraine War: 'शांति समझौते से पहले किसी देश की फौज घुसी तो तबाही तय', यूक्रेन पर पुतिन का सख्त रुख

Fri, 05 Sep 2025 02:43 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव Published by: हिमांशु चंदेल Updated Fri, 05 Sep 2025 02:43 PM IST
सार

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है कि शांति समझौते से पहले अगर विदेशी सैनिक यूक्रेन में तैनात किए जाते हैं तो उन्हें वैध निशाना माना जाएगा। यह बयान फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के उस प्रस्ताव के बाद आया जिसमें 26 देशों ने शांति बल भेजने की प्रतिबद्धता जताई। पुतिन ने कहा कि रूस किसी भी अंतिम शांति समझौते का पालन करेगा, लेकिन युद्ध के दौरान विदेशी सैनिक बर्दाश्त नहीं होंगे।

विज्ञापन
Putin on Russia-Ukraine War If any army enter ukraine before peace agreement considered legitimate target
व्लादिमीर पुतिन, रूसी राष्ट्रपति - फोटो : ANI

विस्तार

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को साफ चेतावनी दी कि अगर किसी भी विदेशी सैनिक को शांति समझौते से पहले यूक्रेन में तैनात किया जाता है, तो उन्हें रूस की सेना 'वैध निशाना' मानेगी। पुतिन ने यह बयान ऐसे समय दिया है जब यूरोपीय नेताओं ने यूक्रेन के लिए संभावित शांति मिशन को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
विज्ञापन


व्लादिवोस्तोक में आयोजित ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में पुतिन ने कहा कि अगर यूक्रेन में कोई सैनिक आता है, खासकर अभी जब लड़ाई जारी है, तो हम मानेंगे कि वे वैध निशाने हैं। उन्होंने शांति बलों की तैनाती के विचार को खारिज करते हुए कहा कि रूस किसी भी अंतिम शांति समझौते का पालन करेगा, लेकिन फिलहाल लड़ाई के बीच विदेशी सैनिकों की मौजूदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- अमेरिका में कितना निवेश कर रहे? डिनर पार्टी में ट्रंप का टेक दिग्गजों से सीधा सवाल; मिला ये जवाब
विज्ञापन
विज्ञापन


फ्रांस के राष्ट्रपति का प्रस्ताव
पुतिन की यह प्रतिक्रिया फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 26 देशों ने सैनिक भेजने की प्रतिबद्धता जताई है। पेरिस में 35 देशों के गठबंधन की बैठक के बाद मैक्रों ने कहा कि ये सैनिक किसी भी युद्धविराम या शांति समझौते के बाद 'रिअश्योरेंस फोर्स' के तौर पर तैनात होंगे।

रूस की असहमति
रूस बार-बार कह चुका है कि नाटो या किसी भी तरह के अंतरराष्ट्रीय शांति बल की यूक्रेन में मौजूदगी अस्वीकार्य है। पुतिन ने जोर देकर कहा कि रूस और यूक्रेन दोनों की सुरक्षा गारंटी जरूरी हैं। उन्होंने इशारा किया कि शांति समझौते के बाद भी रूस अपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की चूक नहीं करेगा।


ये भी पढ़ें-  श्रीलंका बस दुर्घटना: 1000 फीट से ज्यादा गहरी खाई में गिरी; 15 लोगों की मौत

रूस-यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि रूस ने 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर हमला किया था। इससे पहले 2014 में रूस ने यूक्रेन के क्रीमिया प्रायद्वीप पर कब्जा कर लिया था। अब तक यह संघर्ष साढ़े तीन साल से जारी है और हजारों लोगों की जान जा चुकी है। रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।

पुतिन का यह बयान संकेत देता है कि रूस यूक्रेन में किसी भी विदेशी सैन्य उपस्थिति को सीधे चुनौती देगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि शांति समझौते के बाद रूस उसका पालन करेगा। लेकिन जब तक युद्ध जारी है, किसी भी बाहरी ताकत का दखल रूस को सीधे युद्ध विस्तार की ओर धकेल सकता है। यह स्थिति यूरोप और पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed