Protests in London: अवैध माइग्रेशन बिल को लेकर लोगों में गुस्सा, पूरे ब्रिटेन में हो रहे विरोध-प्रदर्शन
विरोध-प्रदर्शन का आयोजन 'स्टैंड अप टू रेसिज्म ग्रुप' द्वारा किया गया था। इसके अलावा इसे स्टॉप द वार कोअलिशन, ब्लैक लाइव्स मैटर, मुस्लिम और यहूदी समाजों के साथ-साथ कई यूनियनों और पर्यावरण संगठनों सहित कई अलग-अलग समूहों और संगठनों का समर्थन मिला।
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ब्रिटेन में सरकार के 'अवैध माइग्रेशन बिल' के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। अनादोलु एजेंसी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को ब्रिटेन के कई शहरों में सरकार के अवैध माइग्रेशन बिल के खिलाफ मार्च निकाला। आयोजकों ने दावा किया कि प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए। मध्य लंदन में बीबीसी मुख्यालय के बाहर पोर्टलैंड प्लेस में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए और "शरणार्थियों का यहां स्वागत है" जैसे नारे लगाए।
अनादोलु एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, विरोध-प्रदर्शन का आयोजन 'स्टैंड अप टू रेसिज्म ग्रुप' द्वारा किया गया था और इसे स्टॉप द वार कोअलिशन, ब्लैक लाइव्स मैटर, मुस्लिम और यहूदी समाजों के साथ-साथ कई यूनियनों और पर्यावरण संगठनों सहित कई अलग-अलग समूहों और संगठनों का समर्थन मिला।
प्रदर्शनकारियों ने कंजर्वेटिव पार्टी की प्रवासन नीतियों (Migration Policies) को खारिज कर दिया और विवादास्पद "रवांडा योजना" और हाल ही में "अवैध प्रवासन विधेयक" को लेकर देश की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन (Suella Braverman) की आलोचना की। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने "निर्वासन बंद करो", "सुरक्षित मार्ग, रवांडा उड़ानें नहीं" और "शरण मांगना कोई अपराध नहीं है" जैसे बैनर और पोस्टर लहराए। बाद में प्रदर्शनकारियों ने डाउनिंग स्ट्रीट की ओर मार्च किया।
अनादोलू से बात करते हुए एक प्रदर्शनकारी मेल्ली ने कहा कि वह देश में आने वाले शरणार्थियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए प्रदर्शन में शामिल हुई है, जिनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया जाता जैसा की उनके साथ करना चाहिए। सरकार की रवांडा योजना पर उन्होंने कहा कि "यह अवैध है," क्योंकि सभी के पास एक विकल्प होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस योजना ने कई अप्रवासियों के लिए "तनाव और आघात" पैदा किया है।
यूके सरकार द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस साल मार्च में पेश किया गया ब्रिटेन सरकार का अवैध माइग्रेशन बिल, यूनाइटेड किंगडम से उन व्यक्तियों को हटाने के संबंध में प्रावधान करता है जो आप्रवासन नियंत्रण के उल्लंघन करके प्रवेश कर चुके हैं या पहुंचे हैं। यह विधेयक आप्रवासन उद्देश्यों को रोकने का प्रावधान करता है। बयान में कहा गया है कि इस विधेयक में अकेले बच्चों को, गुलामी या मानव तस्करी के पीड़ितों को यूनाइटेड किंगडम में प्रवेश करने या रहने के लिए छोड़ने से रोकने का प्रवाधन किया गया है।
ब्रिटिश गृह मंत्री द्वारा अवैध माइग्रेशन बिल पेश किए जाने के बाद संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने कहा था कि ब्रिटेन का अवैध माइग्रेशन बिल अंतरराष्ट्रीय कानून को कमजोर कर देगा। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने एक बयान में कहा था कि ब्रिटिश गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने इस सप्ताह एक अवैध प्रवासन विधेयक पेश किया, जिसका उद्देश्य अंग्रेजी चैनल को पार करके ब्रिटेन पहुंचने वाले लोगों से निपटना था। अगर यह विधेयक पारित हो जाता है तो यह शरण पर प्रतिबंध के बराबर होगा।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा कि नाव से अवैध रूप से ब्रिटेन आने वाले प्रवासियों को हिरासत में लिया जाएगा, बाहर किया जाएगा और देश में फिर से प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। सुनक ने कहा, यह उन लोगों के साथ अन्याय है जो यहां कानूनी रूप से आते हैं और नियमों से खेलने वाले लोग ब्रिटिश लोगों के साथ अन्याय कर रहे हैं। यह अवैध प्रवासन विधेयक नावों को रोकने के लिए नए कानून पेश करता है। बता दें कि पिछले साल 45,000 से अधिक लोगों ने छोटी नावों में सवार होकर अवैध रूप से अंग्रेजी चैनल पार किया था।