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ट्रंप के सेना उतारने वाले विचार की रक्षा नेताओं ने की आलोचना, कहा- वह लोगों के बीच दूरियां बढ़ा रहे
Fri, 05 Jun 2020 09:16 AM IST
अनवर अंसारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: अनवर अंसारी
Updated Fri, 05 Jun 2020 09:16 AM IST
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अमेरिका में प्रदर्शन
- फोटो : PTI
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अमेरिका के पूर्व रक्षा सचिव जेम्स मैटिस ने बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फटकार लगाते हुए कहा कि वह जॉर्ज फ्लॉयड की मौत को लेकर व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन करने वाले लोगों के साथ हैं।
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मैटिस ने प्रदर्शनों को रोकने और अशांति को खत्म करने के लिए सेना को उतारने वाली ट्रंप की धमकी की आलोचना की। वह अब उन शीर्ष रक्षा नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने ट्रंप की या तो खुले तौर पर आलोचना की है या उनके बयान से खुद को अलग कर लिया है।
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समाचार प्रकाशन अटलांटिक को लिखे एक बयान में मैटिस ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप मेरे जीवनकाल के पहले राष्ट्रपति हैं, जो अमेरिकी लोगों को एकजुट करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। वह ऐसा करने की कोशिश का नाटक भी नहीं कर रहे हैं। इसके उलट, वह लोगों के बीच दूरियों को बढ़ा रहे हैं।
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पेंटागन में उनके उत्तराधिकारी मार्क एस्पर के बयान के कुछ घंटे बाद ही मैटिस ने यह बयान दिया है। दरअसल, एस्पर ने ट्रंप के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सेना को उतारने वाले बयान से किनारा कर लिया था।
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एस्पर ने कहा कि वह राज-विद्रोह अधिनियम को लागू करने का समर्थन नहीं करते हैं। दरअसल, राष्ट्रपति ट्रंप की योजना है कि वह 200 साल पुराने कानून का प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सैन्य बलों को तैनात करें।
नस्लवाद और पुलिस के अत्याचारों की निंदा करने के लिए अमेरिका के विभिन्न शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए लेकिन इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की। अब तक कम से कम 10,000 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। बुधवार को, न्यूयॉर्क में कर्फ्यू के दौरान एक पुलिस अधिकारी को चाकू मार दिया गया था और कम से कम दो लोगों को ब्रुकलिन में गोली मार दी गई।
अमेरिकी प्रमुखों के पूर्व अध्यक्ष माइक मुलेन ने अटलांटिक समाचार को लिखे एक लेख में कहा कि मुझे यकीन नहीं है कि हमारी सड़कों पर स्थितियां उस स्तर तक बढ़ गई हैं, जहां हमें सैन्य बलों को उतारना पड़े। निश्चित रूप से, हमने उस सीमा को पार नहीं किया है जिसे देखते हुए राज-विद्रोह अधिनियम के प्रावधानों को लागू करना उचित होगा।
क्या है राज-विद्रोह अधिनियम?
1807 का राज-विद्रोह अधिनियम संयुक्त राज्य अमेरिका का संघीय कानून है जो अमेरिका के राष्ट्रपति को विशेष परिस्थितियों में संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर अमेरिकी सैन्य और संघीय राष्ट्रीय गार्ड सैनिकों को तैनात करने का अधिकार देता है। इन विशेष परिस्थितियों में राज्य के खिलाफ विद्रोह को दबाना भी शामिल है।