फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Protest in America over racism: What happened George Floyd in final moments of his life, explained

जॉर्ज फ्लॉयड के साथ आखिरी 30 मिनट में क्या हुआ था?

Mon, 01 Jun 2020 02:17 PM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: अनवर अंसारी Updated Mon, 01 Jun 2020 02:17 PM IST
विज्ञापन
Protest in America over racism: What happened George Floyd in final moments of his life, explained
अमेरिका में एक अफ्रीकी मूल के अमेरिकी शख्स की पुलिस बर्बरता से मौत हो गई - फोटो : Social Media

एक अफ्रीकी-अमेरिकी अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत के बाद से ही पूरे अमेरिका में विरोध प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया है। देशभर में लोग रंगभेद और नस्लवाद को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। 

विज्ञापन


46 वर्षीय जॉर्ज फ्लॉयड को मिनेसोटा के मिनयापोलिस में एक दुकान के बाहर पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद उसकी मौत हो गई। 25 मई को उसके हिरासत के दिन की जारी हुई वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि उसे एक श्वेत पुलिस अधिकारी डेरेक शोविन ने गिरफ्तार किया। 
विज्ञापन



यह भी पढ़ें: जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका में भड़की हिंसा, जानें क्या है पूरा मामला 
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस अधिकारी ने जॉर्ज को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें जमीन पर लिटा दिया और उनकी गर्दन पर अपने घुटने को रखकर उसे दबाया। 44 वर्षीय शोविन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। 

इस घटना के 30 मिनट बाद ही फ्लॉयड की मौत हो गई। लेकिन यह सवाल उठता है कि आखिर इतनी जल्दी क्या हुआ कि फ्लॉयड को अपनी जान गंवानी पड़ी। आइए आपको गवाहों, वीडियो फुटेज और अधिकारियों के बयान के आधार पर बताते हैं कि उस 30 मिनट में क्या-क्या हुआ? 

20 डॉलर के नकली नोट को लेकर शुरू हुआ विवाद

इसकी शुरुआत एक 20 डॉलर के नकली नोट से हुई। एक रिपोर्ट के अनुसार, 25 मई की शाम को फ्लॉयड ने 'कप फूड्स' नामक एक स्टोर से सिगरेट का एक पैकेट खरीदा। उन्होंने  इसके लिए 20 डॉलर का भुगतान किया, लेकिन स्टोर के एक कर्मचारी को लगा कि वह नोट नकली है और उसने इसकी सूचना पुलिस को दे दी।  

फ्लॉयड अपने मूल निवास ह्यूस्टन, टेक्सास से निकलकर कई सालों से मिनयापोलिस में रह रहे थे। वह कुछ समय पहले तक शहर में एक बाउंसर के तौर पर काम कर रहे थे, लेकिन लाखों अमेरिकियों की तरह कोरोना वायरस महामारी के चलते उन्हें भी अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। 

फ्लॉयड 'कप फूड्स' के नियमित ग्राहक थे। स्टोर के मालिक माइक अबुमयालेह ने बताया कि वह बहुत ही मिलनसार और खुशमिजाज ग्राहक थे और उन्होंने कभी भी कोई परेशानी नहीं खड़ी की थी। 

लेकिन घटना के दिन अबुमयालेह स्टोर पर नहीं थे। नकली नोट होने की शंका पर स्टोर के नाबालिग कर्मचारी ने वही किया, जो प्रोटोकॉल था। उसने प्रोटोकॉल के तहत पुलिस को इसकी जानकारी दी। 

पुलिस के पास 8.01 बजे स्टोर से कॉल आया
अधिकारियों द्वारा जारी बयान के अनुसार स्टोर कर्मचारी ने 911 को 8.01 बजे कॉल लगाया और ऑपरेटर को बताया कि एक ग्राहक से उसने सिगरेट वापस करने को कहा है लेकिन उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया है। प्रतिलेख के अनुसार, कर्मचारी ने कहा कि वह आदमी नशे में लग रहा है और उसका खुद पर काबू नहीं है। 

पुलिस अधिकारी 8.08 बजे घटनास्थल पर पहुंचे

इस कॉल के कुछ देर बाद ही, लगभघ 8.08 बजे पर दो पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। स्टोर के किनारे पार्क की गई कार के पास फ्लॉयड दो अन्य व्यक्तियों के साथ बैठे हुए थे। 

कार के पास पहुंचने पर उनमें से एक पुलिस अधिकारी थॉमस लेन ने अपनी बंदूक बाहर निकाली और फ्लॉयड को अपने हाथ ऊपर करने को कहा। हालांकि, अभियोजन पक्ष की तरफ से अभी तक यह नहीं बताया गया है कि आखिर लेन को फ्लॉयड में ऐसा क्या संदिग्ध दिखा कि उन्होंने अपनी बंदूक बाहर निकालकर उनपर तान दी। 

पुलिस अधिकारी लेन के अभियोजकों ने कहा कि लेन ने उन्हें कार से बाहर निकाला और उन्हें हथकड़ी लगाने लगे, जिसपर फ्लॉयड ने विरोध किया। हथकड़ी लगने के बाद फ्लॉयड ने विरोध बंद कर दिया और लेन ने उन्हें गिरफ्तार करने की वजह बताई। उन्होंने बताया कि फ्लॉयड को नकली नोट का प्रयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, जब पुलिस अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर कार में बैठाना चाहा तो फ्लॉयड ने आनाकानी की। 

फ्लॉयड 8.14 बजे जमीन पर गिर गए और दम घुटने की बात कही

बयान के अनुसार, करीब 8.14 बजे, फ्लॉयड जमीन पर गिर गए और अधिकारियों को कहा कि उनका दम घुट रहा है। इसी दौरान वहां पुलिस अधिकारी डेरेक शोविन पहुंचे। शोविन और अन्य अधिकारियों ने फ्लॉयड को जबरदस्ती कार में बैठाने की कोशिश की। 

पुलिस अधिकारी शोविन ने 8.19 बजे फ्लॉयड की गर्दन पर घुटने रखे
बयान के अनुसार, इसी कोशिश में 8.19 बजे शोविन ने फ्लॉयड को कार से बाहर निकाला, जिससे वह जमीन पर गिर गए। वह जमीन पर मुंह के बल लेटे हुए थे और उनके हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी। 

इसी दौरान वहां मौजूद गवाहों ने इसका वीडियो बनाना शुरू किया। इस घटना को कई मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया गया और इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा किया गया। 

फ्लॉयड को अधिकारियों ने काबू किया हुआ था, जबकि शोविन उनके गर्दन और सिर के बीच अपने घुटने को रखकर नीचे की ओर दबा रहा था। वीडियो में देखा जा सकता है कि फ्लॉयड लगातार कह रहे हैं कि वह सांस नहीं ले पा रहे हैं। वह अपनी मां की कसम खा रहे हैं और अधिकारियों को उन्हें छोड़ने के लिए कह रहे हैं। 

आठ मिनट 46 सेकंड बाद शोविन ने घुटने को फ्लॉयड की गर्दन से हटाया

इसमें कहा गया कि आठ मिनट 46 सेकंड के बाद शोविन ने अपने घुटने को फ्लॉयड की गर्दन से हटा लिया। इस आठ मिनट 46 सेकंड के दरमियान लगभग छह मिनट तक फ्लॉयड बेसुध रहे। घटना के वीडियो में देखा जा सकता है कि वह बिल्कुल शांत हो गए और फिर एक राहगीर ने पुलिस अधिकारियों को उनकी नब्ज को देखने को कहा। 

एक अधिकारी जेए क्वेंग ने उनकी नब्ज को जांचा, लेकिन उसे कुछ महसूस नहीं हुआ। हालांकि, इस दौरान भी शोविन ने अपने घुटने को फ्लॉयड की गर्दन से नहीं हटाया। 

8.27 बजे शोविन ने फ्लॉयड की गर्दन से अपने घुटने को हटाया। बेसुध पड़े फ्लॉयड को एक स्ट्रेचर पर लिटाया गया और उन्हें एंबुलेंस में बैठाकर हेनेपिन काउंटी मेडिकल सेंटर ले जाया गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed