खुलासा: झूठा है प्राइवेसी रक्षा का व्हाट्सएप का वादा? निगरानी के लिए कंपनी ने रखे हैं हजार से ज्यादा कर्मचारी
प्रोपब्लिका की इस रिपोर्ट के मुताबिक व्हाट्सएप के ऑस्टिन, डब्लिन, और सिंगापुर स्थित दफ्तरों में एक हजार से ज्यादा ऐसे कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी हैं, जो फेसबुक के एक खास सॉफ्टवेयर के जरिए व्हाट्सएप के जरिए भेजने वाले लोगों के करोड़ों निजी संदेशों, फोटो और वीडियो की निगरानी करते हैं। वे संदेशों के प्रकार के हिसाब से लगातार वहां लगाए गए स्क्रींस पर मेसेज फ्लैश करते रहते हैं...
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फेसबुक कंपनी अपने सोशल मीडिया एप- व्हाट्सएप का विज्ञापन यह बता कर करती है कि इसके जरिए भेजे जाने वाले संदेशों को बीच में कोई नहीं पढ़ सकता। इस रूप में वह यूजर्स की प्राइवेसी की पूरी रक्षा का वादा करती है। लेकिन अमेरिकी वेबसाइट प्रोपब्लिका.ओआरजी ने अपनी खबर में यह दावा किया है कि फेसबुक का ये कहना झूठ है।
प्रोपब्लिका की इस रिपोर्ट के मुताबिक व्हाट्सएप के ऑस्टिन, डब्लिन, और सिंगापुर स्थित दफ्तरों में एक हजार से ज्यादा ऐसे कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी हैं, जो फेसबुक के एक खास सॉफ्टवेयर के जरिए व्हाट्सएप के जरिए भेजने वाले लोगों के करोड़ों निजी संदेशों, फोटो और वीडियो की निगरानी करते हैं। वे संदेशों के प्रकार के हिसाब से लगातार वहां लगाए गए स्क्रींस पर मेसेज फ्लैश करते रहते हैं। इसके तहत फ्रॉड, स्पैम, बाल नग्नता (पोर्न), और आतंकवादी षड्यंत्र संबंधी संदेहों के बारे में वे चेतावनी देते हैं। प्रोपब्लिका के मुताबिक ये काम संदेश भेजे जाने के बाद एक मिनट से भी कम समय में कर दिया जाता है।
प्रोपब्लिका ने कहा है कि मार्च 2019 में जब फेसबुक के मालिक मार्क जकरबर्ग ने अपनी कंपनी की ‘प्राइवेसी केंद्रित दृष्टि’ की घोषणा की थी, तब उन्होंने व्हाट्सएप को अपना मॉडल बताया था। उस दृष्टि पत्र में उन्होंने स्वीकार किया था- ‘फिलहाल प्राइवेसी रक्षा की सेवाएं देने के लिहाज से हमारी प्रतिष्ठा अच्छी नहीं है।’ लेकिन उन्होंने कहा था- ‘मेरी राय है कि भविष्य के संवाद में हम लगातार प्राइवेसी रक्षा की तरफ बढ़ेंगे। हम इन्क्रिप्टेड सेवाओं को अपनाएंगे, जिससे लोगों में भरोसा जग सके कि वे एक दूसरे से जो भी कहते हैं, वह सुरक्षित रहेगा। हमने जो व्हाट्सएप में व्यवस्था बनाई है, उसे ही हम अपनाना चाहते हैं।’
प्रोपब्लिका ने ध्यान दिलाया है कि यही बात व्हाट्सएप के हर यूजर के मेसेज बॉक्स में लिखी रहती है। उसमें कहा जाता है- ‘इस चैट से बाहर कोई भी इसे पढ़ या सुन नहीं सकता- यहां तक कि व्हाट्सएप भी नहीं।’ वेबसाइट का कहना है कि व्हाट्सएप के दफ्तरों में असल में जो किया जा रहा है, वह साफ तौर पर इन आश्वासनों का उल्लंघन है। इस रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी न सिर्फ भेजे गए संदेशों पर नजर रखती है, बल्कि वह संदेश भेजने वाले लोगों और उनके एकाउंट की भी पूरी निगरानी करती है।
प्रोपब्लिका के मुताबिक व्हाट्सएप के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर कार्ल वूग ने स्वीकार किया कि कंपनी कॉन्ट्रैक्ट कर्मी व्हाट्सएप पर भेजे गए संदेशों की समीक्षा करते है, ताकि वे इस माध्यम का दुरुपयोग करने वालों को हटा सकें। लेकिन वूग ने दावा किया कि यह काम कंटेंट निगरानी की श्रेणी में नहीं आता है। प्रोपब्लिका के मुताबिक कंपनी के अधिकारियों ने उसकी इस खबर पर इंटरव्यू के लिए मिलने से इनकार कर दिया। लेकिन उन्होंने वेबसाइट के सवालों का लिखित जवाब दिया। इसमें उन्होंने कहा- ‘व्हाट्सएप दुनिया के करोड़ों लोगों की जीवनरेखा है। हम अपने एप को क्या रूप दें, इस बारे में हमारे फैसले यूजर्स की प्राइवेसी पर केंद्रित रहते हैं। हम उच्चस्तरीय विश्वसनीयता को कायम रखते हुए यह सुनिश्चित करते हैं कि इस माध्यम का दुरुपयोग ना हो।’