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PM Modi: ईस्ट एशिया सम्मेलन को पीएम मोदी ने किया संबोधित, यह खास उपलब्धि पाने वाले पहले नेता
Fri, 11 Oct 2024 01:35 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वियेनतियान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वियेनतियान
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 11 Oct 2024 01:35 PM IST
सार
सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी की इस बात के लिए भी तारीफ हुई, क्योंकि पीएम मोदी ने सबसे ज्यादा बार (19 में से 9 बार) ईस्ट एशिया सम्मेलन में भाग लिया।
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पीएम मोदी
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईस्ट एशिया सम्मेलन को संबोधित किया। गौरतलब है कि ईस्ट एशिया सम्मेलन की अध्यक्षता पाने वाले लाओस के प्रधानमंत्री के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही सम्मेलन को संबोधित किया। यह सम्मान पाने वाले पीएम मोदी पहले नेता हैं। सम्मेलन में आसियान देशों में भारत की अहमियत के बारे में भी बताया गया। सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी की इस बात के लिए भी तारीफ हुई, क्योंकि पीएम मोदी ने सबसे ज्यादा बार (19 में से 9 बार) ईस्ट एशिया सम्मेलन में भाग लिया।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आसियान की बताई अहमियत
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा आसियान देशों की एकता का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आसियान भारत की हिंद प्रशांत नीति और क्वाड सहयोग का केंद्र भी है। एक मुक्त, समावेशी और समृद्ध, नियम आधारित हिंद प्रशांत क्षेत्र पूरे इलाके की शांति और समृद्धि के लिए बहुत जरूरी है। इससे पहले पीएम मोदी ने शुक्रवार को ईस्ट एशिया सम्मेलन से इतर अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ भी द्विपक्षीय मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिका में चक्रवाती तूफान मिल्टन में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने लाओस में 21वें आसियान भारत सम्मेलन में भी शिरकत की। भारत की एक्ट ईस्ट नीति के 10 साल पूरे होने के मौके पर आसियान-भारत सम्मेलन का आयोजन किया गया।
पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में शामिल देशों को दिया नालंदा विश्वविद्यालय में होने वाले सम्मेलन का न्योता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में शामिल हुए देशों को बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले पहले उच्च शिक्षा सम्मेलन का न्योता दिया। आधिकारिक बयान के मुताबिक पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के महत्व को दोहराते हुए और इसे मजबूत करने के लिए भारत के समर्थन के साथ पीएम मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार को लेकर पूर्वी एशिया देशों से मिली सहायता को याद किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर नालंदा विश्वविद्यालय में होने वाले उच्च शिक्षा के प्रमुखों के सम्मेलन के लिए पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में शामिल देशों को आमंत्रित किया। सम्मेलन की तारीख जारी नहीं की गई है।
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ईस्ट एशिया समूह का सदस्य है भारत
ईस्ट एशिया सम्मेलन में इसके सदस्य देशों के राष्ट्रप्रमुख इस वार्षिक बैठक में भाग लेते हैं। ईस्ट एशिया सम्मेलन की शुरुआत साल 2005 में हुई थी। ईस्ट एशिया सम्मेलन की पहली बैठक मलयशिया के कुआलालंपुर में आयोजित हुई थी। ईस्ट एशिया सम्मेलन में 16 सदस्य देश हैं, जिनमें आसियान सदस्य देश, ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, जापान, न्यूजीलैंड और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। साल 2011 में छठे ईस्ट एशिया सम्मेलन में अमेरिका और रूस को भी शामिल किया गया।
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अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आसियान की बताई अहमियत
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा आसियान देशों की एकता का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आसियान भारत की हिंद प्रशांत नीति और क्वाड सहयोग का केंद्र भी है। एक मुक्त, समावेशी और समृद्ध, नियम आधारित हिंद प्रशांत क्षेत्र पूरे इलाके की शांति और समृद्धि के लिए बहुत जरूरी है। इससे पहले पीएम मोदी ने शुक्रवार को ईस्ट एशिया सम्मेलन से इतर अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ भी द्विपक्षीय मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिका में चक्रवाती तूफान मिल्टन में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने लाओस में 21वें आसियान भारत सम्मेलन में भी शिरकत की। भारत की एक्ट ईस्ट नीति के 10 साल पूरे होने के मौके पर आसियान-भारत सम्मेलन का आयोजन किया गया।
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पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में शामिल देशों को दिया नालंदा विश्वविद्यालय में होने वाले सम्मेलन का न्योता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में शामिल हुए देशों को बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले पहले उच्च शिक्षा सम्मेलन का न्योता दिया। आधिकारिक बयान के मुताबिक पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के महत्व को दोहराते हुए और इसे मजबूत करने के लिए भारत के समर्थन के साथ पीएम मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार को लेकर पूर्वी एशिया देशों से मिली सहायता को याद किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर नालंदा विश्वविद्यालय में होने वाले उच्च शिक्षा के प्रमुखों के सम्मेलन के लिए पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में शामिल देशों को आमंत्रित किया। सम्मेलन की तारीख जारी नहीं की गई है।
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ईस्ट एशिया समूह का सदस्य है भारत
ईस्ट एशिया सम्मेलन में इसके सदस्य देशों के राष्ट्रप्रमुख इस वार्षिक बैठक में भाग लेते हैं। ईस्ट एशिया सम्मेलन की शुरुआत साल 2005 में हुई थी। ईस्ट एशिया सम्मेलन की पहली बैठक मलयशिया के कुआलालंपुर में आयोजित हुई थी। ईस्ट एशिया सम्मेलन में 16 सदस्य देश हैं, जिनमें आसियान सदस्य देश, ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, जापान, न्यूजीलैंड और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। साल 2011 में छठे ईस्ट एशिया सम्मेलन में अमेरिका और रूस को भी शामिल किया गया।