फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Person allegedly responsible for nearly half of the coronavirus cases in Sri Lanka dismissed the allegations

श्रीलंका में कोरोना के आधे से ज्यादा मामलों के जिम्मेदार ठहराए गए शख्स ने दी सफाई

Wed, 15 Jul 2020 05:27 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, कोलंबो
पीटीआई, कोलंबो Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 15 Jul 2020 05:27 PM IST
विज्ञापन
Person allegedly responsible for nearly half of the coronavirus cases in Sri Lanka dismissed the allegations
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

श्रीलंका में कोविड-19 के सामने आए 2,600 से अधिक मामलों में से आधे के लिए प्रशासन ने एक ही व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराया है। महीनों तक गुमनामी में रहने वाले इस शख्स का नाम प्रसाद दिनेश है और वह पहली बार सभी के सामने आया है। दिनेश ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। 

विज्ञापन


राज्य खुफिया सेवा के सहायक निदेशक प्रक्रमा डी सिल्वा ने बताया कि राष्ट्रपति पद पर गोटबाया राजपक्षे जब पिछले साल निर्वाचित हुए तो उन्होंने खुफिया सेवा में एक स्वास्थ्य इकाई बनाई और कोविड-19 का पहला मामला सामने आने के साथ यह इकाई सक्रिय हो गई।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि खुफिया अधिकारी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, पुलिस अधिकारी और सैन्यकर्मी साथ मिलकर कोरोना संक्रमितों और उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाते थे और उन्हें सेना संचालित पृथकवास केंद्र भेजते थे। दिनेश (33) के अप्रैल में कोविड-19 का मरीज होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद नौसैनिकों ने उसके गांव में छापा मारा और उसके संपर्क में आए लोगों को पृथकवास में जाने को मजबूर किया। आरोप लगाया कि दिनेश की वजह से और 1,100 लोग संक्रमित हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन मामलों को सार्वजनिक रूप से घोषित किया गया और केवल एक मरीज से संक्रमण का संबंध जोड़ा गया। सरकारी अधिकारी दिनेश का उल्लेख ‘मरीज संख्या 206’ के रूप में करते हैं और टेलीविजन एवं सोशल मीडिया पर कम से कम तीन संक्रमण केंद्रों और 900 नौसैनिकों के संक्रमित होने के लिए दिनेश को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। क्योंकि, ये नौसैनिक राजधानी कोलंबो से 19 किलोमीटर उत्तर स्थित छोटे से कस्बे जा इला में कार्रवाई के बाद संक्रमित हुए थे।

हालांकि, दिनेश ने कहा कि नशे की लत की वजह से उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा है। बता दें कि, श्रीलंका में नशा कानूनन अपराध है। करीब एक महीने तक अस्पताल में रहने के बाद लौटे दिनेश ने कहा, ‘मैं यह स्वीकार नहीं करता कि नौसैनिकों सहित इतने लोगों को संक्रमित करने के लिए मैं जिम्मेदार हूं।’ महामारी की वजह से श्रीलंका में लागू लॉकडाउन से पहले दिनेश ऑटो रिक्शा चालक का काम करते था, लेकिन अब उसे काम नहीं मिल रहा है।


दिनेश ने कहा, ‘‘लोगों को यह जानकारी मिलने पर कि मैं ही 'मरीज संख्या 206' हूं, लोग काम नहीं दे रहे हैं।’ उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया में ‘मरीज संख्या 31’ को कोरोना वायरस का प्रसारक माना जाता है। यह महिला मरीज थी जो गुप्त चर्च समूह की सदस्य थी। मीडिया दिनेश की तुलना इस महिला से कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed