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Hindi News ›   Chandigarh ›   wrong blood transfusion case: Suman has not found, case may be dismissed

सुमन नहीं मिली तो मुआवजे का मामला हो सकता है रफा दफा

Sat, 12 Mar 2016 08:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 12 Mar 2016 08:04 AM IST
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wrong blood transfusion case:  Suman has not found, case may be dismissed
महिला - फोटो : demo

चर्चित सुमन मामला अब रफा दफा होने के कगार पर आ पहुंचा है। कारण कि सुमन अब मिल नहीं रही है। इसके वकील पंकज चांदगोठिया ने इसको खूब तलाश कर लिए, लेकिन वह कालोनी नंबर चार में नहीं मिली न ही उसके परिवार के कोई सदस्य। पता चला है कि वह अपने यूपी में अपने गांव चली गई है। उनका मौजूदा कॉन्टैक्ट नंबर किसी के पास नहीं था।

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गवर्नमेंट मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल सेक्टर-16 से सुमन को गलत खून चढ़ाए जाने के मामले में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में अपील अब असमंजस के दायरे में आती नजर आ रही है। वकील पंकज चांदगोठिया ने बताया कि 26 नवंबर 2015 को राष्ट्रीय आयोग के समक्ष सुनवाई के दौरान तीनों दोषी डॉक्टर कीर्ति सूद, नवजीत कौर और मनप्रीत कौर ने समझौता करने की इच्छा जाहिर की थी। जिसके तहत सुमन को एक एक डॉक्टर दो-दो लाख रुपए देकर मामले को खत्म कराना चाहते थे। इस तरह से सुमन को कुल मिलाकर 10.50 लाख रुपए मिल जाता। मामले की सुनवाई 16 दिसंबर 2015 के लिए स्थगित की गई।
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हाजिर नहीं हो पाई सुमन...
जिस दिन समझौते पर सभी पक्षों के हस्ताक्षर होने थे उस दिन सुमन कोर्ट में हाजिर नहीं हो पाई, जिसके कारण चांदगोठिया ने कोर्ट से समय मांगा उस दिन उन्हें इस साल 21 जनवरी की तारीख मिली। मगर तब से सुमन और उसका परिवार नहीं मिल रहा है। उनके वकील चांदगोठिया ने उनके सभी नंबरों पर व उनके पते पर भी जाकर देखा मगर कोई नहीं मिला।
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  इसके बाद से मामला राष्ट्रीय आयोग के समक्ष सुनवाई के लिए तीन बार आ चुका है। यह मामला वीरवार को नेशनल कमीशन की बेंच के अध्यक्ष जस्टिस वीबी गुप्ता के समक्ष फि र सुनवाई के लिए आया जिस पर चांदगोठिया ने बताया कि वह सुमन को किसी भी तरह से नहीं खोज पा रहे हैं, जिस पर कमीशन ने उन्हें आखिरी मौका देते हुए 31 मार्च की तारीख सुनवाई के लिए तय कर दी है। चांदगोठिया ने कहा कि अगर  इस तारीख पर भी वे सुमन को पेश नहीं कर पाए तो मामला रफा दफा हो सकता है।


स्टेट कमीशन का फैसला...
राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ ने सुमन को इस मामले में साढ़े चार लाख रुपए का मुआवजा और हॉस्पिटल लाइफ टाइम फ्र ी ट्रीटमेंट का आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ  नेशनल कमीशन से मुआवजा बढ़ाने की अपील की गई है, वहीं दूसरी ओर तीनों डॉक्टरों की तरफ  से आदेशों को खारिज करने के लिए अपील दायर की गई है।

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