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Pakistan: पीओके के गिलगित-बाल्टिस्तान में बाढ़ की तबाही, भूस्खलन में नौ लोगों की मौत
Mon, 11 Aug 2025 03:01 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 11 Aug 2025 03:01 PM IST
सार
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बार-बार आने वाली हीटवेट और तापमान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के चलते ग्लेशियरों के पिघलने की गति तेज हो गई है, जिससे क्षेत्र में बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं बढ़ गई हैं।
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पाकिस्तान में बाढ़ का अलर्ट
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के गिलगित क्षेत्र में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई हुई है। गिलगित बालटिस्तान के दान्योर नाला इलाके में रविवार रात हुए भूस्खलन में नौ लोगों की मौत की खबर है। भूस्खलन की चपेट में आए लोग एक क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत के काम में जुटे थे। इसी दौरान मिट्टी का एक बड़ा ढेर मजदूरों पर गिर गया, जिसमें दबकर कई की मौत हो गई और तीन अन्य लोग घायल हो गए।
नौ लोगों की मौत की पुष्टि हुई
पुलिस ने बताया कि घटना के बाद स्थानीय अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अस्पताल के अधिकारियों ने नौ लोगों की मौत की पुष्टि की है और आशंका जताई है कि अभी और लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं। एक अन्य घटना में, बीते शुक्रवार को शिश्पर ग्लेशियर से एक हिमनद झील में गिर गया, जिससे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अचानक बाढ़ आ गई। इस बाढ़ में पाकिस्तान को चीन से जोड़ने वाला कराकोरम राजमार्ग का एक हिस्सा बह गया।
ये भी पढ़ें- UK: विदेशी अपराधियों को सजा मिलते ही देश वापस भेजेगा ब्रिटेन, डिपोर्ट के बाद होगी अपील; सूची में भारत शामिल
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पीने के पानी की व्यवस्था हुई तबाह
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ से सुरक्षा दीवार तबाह हो गई और बाढ़ का पानी खेतों में भर गया। साथ ही 50 से ज्यादा घर भी खतरे में आ गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि हसनाबाद नल्ला में साल 2018 के बाद ये सबसे भीषण बाढ़ आई है। बाढ़ से सिंचाईं और पीने के पानी की व्यवस्था को नुकसान हुआ है। इससे हजारों लोग पीने के पानी से भी मोहताज हो गए हैं। हुनजा के अलियाबाद और नजदीकी गांवों की बड़ी आबादी का मुख्य सड़क से कनेक्शन कट गया है। बाढ़ से नगर खास में हॉपर घाटी का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। पुल के टूटने से कई इलाके मुख्य इलाकों से कट गए हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बार-बार आने वाली हीटवेट और तापमान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के चलते ग्लेशियरों के पिघलने की गति तेज हो गई है, जिससे क्षेत्र में बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं बढ़ गई हैं।
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नौ लोगों की मौत की पुष्टि हुई
पुलिस ने बताया कि घटना के बाद स्थानीय अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अस्पताल के अधिकारियों ने नौ लोगों की मौत की पुष्टि की है और आशंका जताई है कि अभी और लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं। एक अन्य घटना में, बीते शुक्रवार को शिश्पर ग्लेशियर से एक हिमनद झील में गिर गया, जिससे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अचानक बाढ़ आ गई। इस बाढ़ में पाकिस्तान को चीन से जोड़ने वाला कराकोरम राजमार्ग का एक हिस्सा बह गया।
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पीने के पानी की व्यवस्था हुई तबाह
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ से सुरक्षा दीवार तबाह हो गई और बाढ़ का पानी खेतों में भर गया। साथ ही 50 से ज्यादा घर भी खतरे में आ गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि हसनाबाद नल्ला में साल 2018 के बाद ये सबसे भीषण बाढ़ आई है। बाढ़ से सिंचाईं और पीने के पानी की व्यवस्था को नुकसान हुआ है। इससे हजारों लोग पीने के पानी से भी मोहताज हो गए हैं। हुनजा के अलियाबाद और नजदीकी गांवों की बड़ी आबादी का मुख्य सड़क से कनेक्शन कट गया है। बाढ़ से नगर खास में हॉपर घाटी का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। पुल के टूटने से कई इलाके मुख्य इलाकों से कट गए हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बार-बार आने वाली हीटवेट और तापमान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के चलते ग्लेशियरों के पिघलने की गति तेज हो गई है, जिससे क्षेत्र में बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं बढ़ गई हैं।