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Pakistan: आठ अगस्त को संसद भंग करेगी पाकिस्तान सरकार, सत्तारूढ़ पीडीएम गठबंधन के दो घटक दलों ने जताई सहमति

Tue, 18 Jul 2023 07:55 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 18 Jul 2023 07:55 PM IST
सार

Pakistan: पाकिस्तान में सत्तारूढ़ गठबंधन पीडीएम के प्रमुख सहयोगी नेशनल असेंबली का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से कुछ दिन पहले आठ अगस्त को उसे भंग करने पर सहमत हो गए हैं ताकि आम चुनावों के लिए अतिरिक्त समय मिल सके।

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Pakistan govt to dissolve Parliament on Aug 8: Report
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ - फोटो : Social Media

विस्तार

पाकिस्तान में सत्तारूढ़ गठबंधन पीडीएम के प्रमुख सहयोगी नेशनल असेंबली का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से कुछ दिन पहले आठ अगस्त को उसे भंग करने पर सहमत हो गए हैं ताकि आम चुनावों के लिए अतिरिक्त समय मिल सके। स्थानीय मीडिया ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। 

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा नेशनल असेंबली का पांच साल का संवैधानिक कार्यकाल 12 अगस्त की मध्यरात्रि को समाप्त हो रहा है। संघीय सरकार के दो प्रमुख हितधारक पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) आठ अगस्त को विधायिका को भंग करने पर सहमत हो गए हैं। 
 

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रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि 9 और 10 अगस्त पर भी चर्चा हुई, लेकिन संसद के निचले सदन को जल्द भंग करने में किसी भी बाधा से बचने के लिए आठ अगस्त को मतदान करने का फैसला किया गया। संविधान के मुताबिक, यदि राष्ट्रपति सिफारिश को मंजूरी नहीं देते हैं तो नेशनल असेंबली 48 घंटे में भंग हो जाती है, जिससे सरकार को समय से पहले भंग करने करने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है। 

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देश के संविधान के मुताबिक, नेशनल असेंबली या प्रांतीय विधानसभा के लिए आम चुनाव उस दिन के तुरंत बाद साठ दिनों की अवधि के भीतर आयोजित किया जाना चाहिए  जिस दिन असेंबली का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, जब तक कि विधानसभा को जल्द भंग न किया गया हो। 

हालांकि, पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) 90 दिनों के भीतर आम चुनाव कराने के लिए बाध्य है, अगर विधानसभा अपने संवैधानिक कार्यकाल से पहले भंग हो जाती है। पीएमएल-एन पार्टी के नेतृत्व वाले पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) गठबंधन को लगता है कि नेशनल असेंबली को भंग करना उसके लिए फायदेमंद होगा।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा, अगले महीने हमारी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। हम अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले चले जाएंगे और एक अंतरिम सरकार आएगी। बिलावल भुट्टो के नेतृत्व वाली पीपीपी ने पहले प्रस्ताव दिया था कि नेशनल असेंबली को उसके संवैधानिक कार्यकाल से पहले भंग करने दिया जाना चाहिए। 

इस बीच, सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब ने अपने ट्विटर हैंडल पर कहा कि नेशनल असेंबली को भंग करने की तारीख अभी तय नहीं की गई है। उन्होंने कहा, 'तारीख पीडीएम और अन्य सहयोगी दलों के परामर्श से तय की जाएगी। नेशनल असेंबली को भंग करने की तारीख पर फैसले की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

एक बार नेशनल असेंबली भंग हो जाने के बाद संघीय सरकार को एक कार्यवाहक सेटअप की आवश्यकता होगी। कार्यवाहक सरकार के गठन तक शरीफ प्रधानमंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों को जारी रखेंगे। कार्यवाहक सरकार के गठन के लिए शरीफ विधानसभा भंग होने के 48 घंटे के भीतर नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता राजा रियाज को पत्र लिखकर कार्यवाहक प्रधानमंत्री के लिए तीन नाम मांगेंगे और खुद तीन नाम सुझाएंगे।
 

यदि दोनों नेताओं के बीच उम्मीदवार के नाम पर तीन दिनों तक गतिरोध बना रहता है तो नेशनल असेंबली के अध्यक्ष एक समिति का गठन करेंगे जिसमें निवर्तमान विधानसभा के छह सदस्य होंगे जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष का बराबर प्रतिनिधित्व होगा। समिति में प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता दो-दो उम्मीदवारों को भेजेंगे। इसके बाद समिति के पास एक नाम पर आम सहमति बनाने के लिए तीन दिन का समय होगा। यदि ऐसा नहीं होता है, तो उम्मीदवारों के नाम दो दिनों के भीतर अंतिम निर्णय के लिए पाकिस्तान के चुनाव आयोग को भेजे जाएंगे।

खबर में कहा गया है कि चयनित उम्मीदवार नई सरकार के गठन तक अंतरिम प्रधानमंत्री के कर्तव्यों का पालन करेगा। कार्यवाहक प्रधानमंत्री के पास कैबिनेट सदस्यों को शामिल करने का भी अधिकार है।  शरीफ ने पिछले साल अप्रैल में तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान को नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए अपदस्थ किए जाने के बाद प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान पद से हटाए जाने के बाद से ही जल्द राष्ट्रीय चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं।

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