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Pakistan: पीटीआई का नवाज शरीफ और बिलावल भुट्टो की पार्टी से गठबंधन से इनकार, कहा- विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे
Mon, 12 Feb 2024 10:21 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 12 Feb 2024 10:21 AM IST
सार
पीटीआई, जमात ए इस्लामी के साथ गठबंधन करने की कोशिश कर रही है। चुनाव नतीजे में जमात ए इस्लामी को खैबर पख्तूनख्वा असेंबली में तीन सीटें मिली हैं। दोनों पार्टियां पहले भी गठबंधन में रह चुकी हैं।
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल)
- फोटो : ANI
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विस्तार
पाकिस्तान में चुनाव नतीजे के बाद अब सरकार बनाने के लिए जोड़-तोड़ की कोशिश शुरू हो गई है। हालांकि इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने साफ इनकार कर दिया है कि वे सत्ता के लिए नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन या बिलावल भुट्टो की पार्टी पीपीपी से कोई गठबंधन नहीं करने वाले हैं। पीटीआई के चेयरमैन बैरिस्टर गौहर खान ने पीएमएल-एन और पीपीपी के साथ किसी सीट बंटवारे की बातचीत से साफ मना कर दिया है।
'पीएमएल-एन और पीपीपी के साथ नहीं होगा गठबंधन'
बैरिस्टर गौहर खान ने कहा कि 'वे अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दोनों पार्टियों से गठबंधन करने का कोई इरादा नहीं है।' पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, गौहर खान ने कहा 'हम दोनों के साथ सहज नहीं हैं। इनके साथ सरकार बनाने से अच्छा होगा कि हम विपक्ष में बैठें।' उन्होंने कहा कि अगर वे सरकार बनाने में सफल नहीं हुए तो वे मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएंगे।
पीटीआई, जमात ए इस्लामी के साथ गठबंधन करने की कोशिश कर रही है। चुनाव नतीजे में जमात ए इस्लामी को खैबर पख्तूनख्वा असेंबली में तीन सीटें मिली हैं। दोनों पार्टियां पहले भी गठबंधन में रह चुकी हैं। हालांकि मई 2018 में जमात ए इस्लामी ने पीटीआई के साथ गठबंधन तोड़ लिया था। पीटीआई मजलिस ए वहदतुल मुसलमीन के साथ भी गठबंधन की कोशिश कर रही है।
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पीएमएल-एन और पीपीपी के बीच चल रही गठबंधन की बातचीत
पाकिस्तान में हुए आम चुनाव के नतीजे में इमरान खान की पार्टी 101 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन अभी भी वह बहुमत के आंकड़े 133 से दूर है। नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन को 75 और पीपीपी को 54 सीटों पर जीत मिली है। ऐसे में पीएमएल-एन और पीपीपी गठबंधन कर पाकिस्तान में सरकार बना सकती हैं। दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच बातचीत भी चल रही है और माना जा रहा है कि जल्द ही गठबंधन पर अंतिम फैसला हो सकता है। साल 2022 में जब इमरान खान की सरकार अविश्वास मत हारकर सत्ता से बाहर हुई थी, तब भी पीएमएल-एन और पीपीपी ने गठबंधन कर सरकार बनाई थी, जिसका नेतृत्व शहबाज शरीफ ने किया था।
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'पीएमएल-एन और पीपीपी के साथ नहीं होगा गठबंधन'
बैरिस्टर गौहर खान ने कहा कि 'वे अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दोनों पार्टियों से गठबंधन करने का कोई इरादा नहीं है।' पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, गौहर खान ने कहा 'हम दोनों के साथ सहज नहीं हैं। इनके साथ सरकार बनाने से अच्छा होगा कि हम विपक्ष में बैठें।' उन्होंने कहा कि अगर वे सरकार बनाने में सफल नहीं हुए तो वे मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएंगे।
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पीटीआई, जमात ए इस्लामी के साथ गठबंधन करने की कोशिश कर रही है। चुनाव नतीजे में जमात ए इस्लामी को खैबर पख्तूनख्वा असेंबली में तीन सीटें मिली हैं। दोनों पार्टियां पहले भी गठबंधन में रह चुकी हैं। हालांकि मई 2018 में जमात ए इस्लामी ने पीटीआई के साथ गठबंधन तोड़ लिया था। पीटीआई मजलिस ए वहदतुल मुसलमीन के साथ भी गठबंधन की कोशिश कर रही है।
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पीएमएल-एन और पीपीपी के बीच चल रही गठबंधन की बातचीत
पाकिस्तान में हुए आम चुनाव के नतीजे में इमरान खान की पार्टी 101 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन अभी भी वह बहुमत के आंकड़े 133 से दूर है। नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन को 75 और पीपीपी को 54 सीटों पर जीत मिली है। ऐसे में पीएमएल-एन और पीपीपी गठबंधन कर पाकिस्तान में सरकार बना सकती हैं। दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच बातचीत भी चल रही है और माना जा रहा है कि जल्द ही गठबंधन पर अंतिम फैसला हो सकता है। साल 2022 में जब इमरान खान की सरकार अविश्वास मत हारकर सत्ता से बाहर हुई थी, तब भी पीएमएल-एन और पीपीपी ने गठबंधन कर सरकार बनाई थी, जिसका नेतृत्व शहबाज शरीफ ने किया था।