{"_id":"665da9ce7b9fa1c7190e2f0a","slug":"pak-court-acquits-imran-khan-in-two-vandalism-cases-during-a-protest-march-in-2022-news-in-hindi-2024-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Imran Khan: पाकिस्तान कोर्ट ने इमरान खान को किया बरी, 2022 में विरोध मार्च के दौरान दो मामले हुए थे दर्ज","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Imran Khan: पाकिस्तान कोर्ट ने इमरान खान को किया बरी, 2022 में विरोध मार्च के दौरान दो मामले हुए थे दर्ज
Mon, 03 Jun 2024 05:03 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 03 Jun 2024 05:03 PM IST
सार
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पार्टी के नोताओं के खिलाफ 2022 में विरोध मार्च के दौरान दो मामले दर्ज थे, जिसमें उनपर तोड़फोड़ का आरोप लगा था।
विज्ञापन
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान
- फोटो : एएनआई (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान की एक अदालत ने सोमवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पार्टी के अन्य नेताओं को बरी कर दिया है। इमरान खान और पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ वर्ष 2022 में विरोध मार्च के दौरान तोड़फोड़ के मामले दर्ज किए गए थे।
71 वर्षीय पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के संस्थापक को अप्रैल 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद से संस्थापक पर आरोप लगाए गए। 200 मामलों में से कुछ में दोषी पाए जाने के बाद से ही वह पिछले साल अगस्त से जेल में बंद हैं।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद की जिला और सत्र अदालत ने 'हकीकी आजादी' मार्च के दौरान तोड़फोड़ के दो मामलों में इमरान खान, पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, पूर्व संचार मंत्री मुराद सईद और अन्य पीटीआई नेताओं को बरी कर दिया।
विज्ञापन
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी के 71 वर्षीय संस्थापक पिछले साल अगस्त से जेल में बंद हैं। उन्हें अप्रैल 2022 में सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद उन पर लगाए गए, लगभग 200 मामलों में से कुछ में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में डाल दिया गया था।
पूर्व क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान ने मई 2022 में लाहौर से इस्लामाबाद की तरफ जुलूस निकाला था, जिसका उद्देश्य शहबाज शरीफ की गठबंधन सरकार को गिराना था। यह सरकार तब सत्ता में आई थी, जब इमरान खान को अविश्वास मत के बाद प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था। यह रैली "वास्तविक स्वतंत्रता" प्राप्त करने और राष्ट्र को "अमेरिका समर्थित" गठबंधन सरकार की "गुलामी" से मुक्त कराने के लिए पीटीआई के संघर्ष का हिस्सा थी। खान ने गठबंधन सरकार पर "अमेरिका समर्थित साजिश" के माध्यम से सत्ता में आने का आरोप लगाया था। उस समय इस्लामाबाद पुलिस ने संघीय राजधानी में आगजनी और तोड़फोड़ के आरोपों पर खान, कुरैशी और पार्टी के अन्य नेताओं सहित 150 लोगों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए थे।
इस महीने की शुरुआत में, इस्लामाबाद के एक न्यायिक मजिस्ट्रेट ने भी खान को 2022 में उनकी पार्टी के दो लंबे मार्च के दौरान तोड़फोड़ के दो मामलों में बरी कर दिया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट शाइस्ता कुंडी ने इस्लामाबाद के लोही भैर और सहला पुलिस स्टेशनों में दर्ज मामलों और अदालत में उनकी पेशी से संबंधित एक मामले में पूर्व प्र
विज्ञापन
71 वर्षीय पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के संस्थापक को अप्रैल 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद से संस्थापक पर आरोप लगाए गए। 200 मामलों में से कुछ में दोषी पाए जाने के बाद से ही वह पिछले साल अगस्त से जेल में बंद हैं।
विज्ञापन
एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद की जिला और सत्र अदालत ने 'हकीकी आजादी' मार्च के दौरान तोड़फोड़ के दो मामलों में इमरान खान, पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, पूर्व संचार मंत्री मुराद सईद और अन्य पीटीआई नेताओं को बरी कर दिया।
विज्ञापन
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी के 71 वर्षीय संस्थापक पिछले साल अगस्त से जेल में बंद हैं। उन्हें अप्रैल 2022 में सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद उन पर लगाए गए, लगभग 200 मामलों में से कुछ में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में डाल दिया गया था।
पूर्व क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान ने मई 2022 में लाहौर से इस्लामाबाद की तरफ जुलूस निकाला था, जिसका उद्देश्य शहबाज शरीफ की गठबंधन सरकार को गिराना था। यह सरकार तब सत्ता में आई थी, जब इमरान खान को अविश्वास मत के बाद प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था। यह रैली "वास्तविक स्वतंत्रता" प्राप्त करने और राष्ट्र को "अमेरिका समर्थित" गठबंधन सरकार की "गुलामी" से मुक्त कराने के लिए पीटीआई के संघर्ष का हिस्सा थी। खान ने गठबंधन सरकार पर "अमेरिका समर्थित साजिश" के माध्यम से सत्ता में आने का आरोप लगाया था। उस समय इस्लामाबाद पुलिस ने संघीय राजधानी में आगजनी और तोड़फोड़ के आरोपों पर खान, कुरैशी और पार्टी के अन्य नेताओं सहित 150 लोगों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए थे।
इस महीने की शुरुआत में, इस्लामाबाद के एक न्यायिक मजिस्ट्रेट ने भी खान को 2022 में उनकी पार्टी के दो लंबे मार्च के दौरान तोड़फोड़ के दो मामलों में बरी कर दिया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट शाइस्ता कुंडी ने इस्लामाबाद के लोही भैर और सहला पुलिस स्टेशनों में दर्ज मामलों और अदालत में उनकी पेशी से संबंधित एक मामले में पूर्व प्र