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P20 Summit: भारत ने दिखाई वैश्विक ऊर्जा नेतृत्व की राह, हरिवंश बोले- इन खनिजों से भारत बनेगा आत्मनिर्भर

Thu, 02 Oct 2025 11:03 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, केप टाउन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, केप टाउन Published by: हिमांशु चंदेल Updated Thu, 02 Oct 2025 11:03 PM IST
सार

राज्यसभा उपसभापति हरिवंश ने दक्षिण अफ्रीका में आयोजित P20 शिखर सम्मेलन में भारत के राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि यह मिशन घरेलू खोज, तकनीकी विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर आधारित है। सात साल के इस कार्यक्रम में 16,300 करोड़ रुपये का निवेश होगा। ह

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P20 Summit India shows global energy leadership Harivansh India become self-reliant with critical minerals
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश - फोटो : ANI

विस्तार

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने दक्षिण अफ्रीका के क्लेनमंड में आयोजित 11वें जी20 संसदीय अध्यक्षों के शिखर सम्मेलन (पी20) में भारत के राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन की महत्ता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह मिशन न केवल भारत के लिए आत्मनिर्भरता का मार्ग है, बल्कि वैश्विक स्तर पर जलवायु लक्ष्यों की प्राप्ति में भी मददगार साबित होगा।
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हरिवंश ने सम्मेलन में 'न्यायसंगत ऊर्जा संक्रमण के लिए वित्त जुटाना' विषय पर बोलते हुए भारत की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और वर्ष 2070 तक नेट जीरो लक्ष्य प्राप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
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महत्वपूर्ण खनिज पर भारत की रणनीति
अपने मुख्य संबोधन में हरिवंश ने महत्वपूर्ण खनिज की महत्ता पर जोर देते हुए बताया कि भारत का नेशनल महत्वपूर्ण खनिज मिशन घरेलू खोज, तकनीकी विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का संगम है। इसका उद्देश्य लचीली वैल्यू चेन बनाना और दीर्घकालिक खनिज सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से सहयोग
उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न देशों के साथ तकनीक, प्रशिक्षण और सतत विकास प्रथाओं के आधार पर सहयोग बढ़ा रहा है। इसमें अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे क्षेत्र अहम साझेदार होंगे। इसके अलावा, भारत रणनीतिक भंडार और ज्ञान नेटवर्क भी तैयार कर रहा है।


सात साल का मिशन, 16,300 करोड़ का निवेश
हरिवंश ने बताया कि यह मिशन वित्त वर्ष 2024-25 से 2030-31 तक सात वर्षों के लिए लागू किया जाएगा। इसके लिए 16,300 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है। साथ ही, सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य स्रोतों से करीब 18,000 करोड़ रुपये का निवेश भी अपेक्षित है। अब तक सरकार ने 59 खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी की है।

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नवीकरणीय ऊर्जा में भारत की स्थिति
उन्होंने कहा कि भारत विश्व में नवीकरणीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता में चौथे स्थान पर है। पवन ऊर्जा में भी भारत चौथे और सौर ऊर्जा में तीसरे स्थान पर है। पीएम सूर्य घर, पीएम-कुसुम और पीएम जनमन जैसी योजनाओं ने इस बदलाव को गति दी है। इनसे किसानों, आदिवासी इलाकों और आम नागरिकों तक ऊर्जा पहुंचाई जा रही है।

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