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ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं को कोरोना वैक्सीन विकसित करने में सफलता मिलने की उम्मीद

Thu, 16 Jul 2020 06:36 PM IST
मुकेश कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: मुकेश कुमार झा Updated Thu, 16 Jul 2020 06:36 PM IST
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Oxford university researchers hope to succeed in developing covid-19 vaccine
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं का मानना है कि कोविड-19 का टीका विकसित करने में उन्हें सफलता मिल सकती है। ब्रिटिश मीडिया में आई खबरों में यह कहा गया है। दरअसल, अनुसंधानकर्ताओं की टीम ने यह पता लगाया है कि मानव पर शुरूआती चरण के परीक्षणों के बाद कोरोना वायरस के खिलाफ यह टीका 'दोहरी सुरक्षा' उपब्लध करा सकता है। 

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इसके बाद, अनुसंधान के सफल होने की उनकी उम्मीद बढ़ गई है। 'द डेली टेलीग्राफ' ने परीक्षण टीम से जुड़े एक सूत्र के हवाले से बताया कि ब्रिटिश स्वयंसेवकों के एक समूह से रक्त के नमूने लिए जाने के बाद उन पर टीके का परीक्षण किया गया, जिसमें यह पता चला कि इसने शरीर को एंटीबॉडी और खात्मा करने वाले 'टी-सेल' बनाने के लिए प्रेरित किया।
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यह खोज काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि अलग-अलग अध्ययनों में यह सामने आया है कि एंटीबॉडी कुछ ही महीनों में खत्म हो सकती है, जबकि 'टी-सेल' कई साल तक बने रह सकते हैं। हालांकि, सूत्र ने आगाह किया कि ये नतीजे बहुत ज्यादा उम्मीद जगाते हैं लेकिन अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि ऑक्सफोर्ड का टीका कोविड-19 के खिलाफ लंबे समय के लिये प्रतिरक्षा उपलब्ध कराता है या नहीं। 
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सूत्र ने कहा, 'मैं आपसे कह सकता हूं कि हम अब जानते हैं कि ऑक्सफोर्ड के टीके में दोनों आधार हैं-यह शरीर में टी-सेल और एंटीबॉडी, दोनों उत्पन्न करता है। इन दोनों का साथ में होना लोगों को सुरक्षित रखने की उम्मीद जगाता है। यह एक अहम क्षण है। लेकिन हमें अभी लंबा सफर तय करना है।'

पढ़ें- Coronavirus Vaccine: सितंबर तक आएगी कोरोना की वैक्सीन! जानें भारत समेत पूरी दुनिया का अपडेट

अनुसंधान टीम से जुड़े एक अन्य सूत्र ने कहा कि एंटीबॉडी और टी-सेल, दोनों की मौजूदगी कोविड-19 के खिलाफ 'दोहरी सुरक्षा' है। 'द लांसेट' मेडिकल जर्नल ने इस बात की पुष्टि की है कि यह सोमवार को ऑक्सफोर्ड टीम के मानव पर शुरूआती परीक्षण का आंकड़ा प्रकाशित करेगा।


बर्कशायर रिसर्च एथिक्स कमेटी के अध्यक्ष डेविड कारपेंटर ने कहा कि टीके पर काम कर रही टीम 'बिल्कुल सही दिशा में आगे बढ़ रही है।' उन्होंने ही ऑक्सफोर्ड के परीक्षण को मंजूरी दी थी। उन्होंने कहा, 'कोई भी इसके लिये अंतिम तारीख नहीं तय कर सकता...चीजें गलत दिशा में जा सकती हैं लेकिन यह हकीकत है कि एक बड़ी औषधि कंपनी के साथ काम करने से टीका सितंबर तक व्यापक रूप से उपलब्ध हो सकेगा और वे इसी लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं।' 

विश्वविद्यालय के जेनर संस्थान द्वारा टीका विकसित किए जाने के कार्य में ब्रिटिश सरकार और औषधि कंपनी एस्ट्राजेनेका सहयोग कर रही है। दुनियाभर में कोरोना से 1.3 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमित हैं जबकि कम से कम 5.82 लाख लोगों की मौत हो चुकी है।

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