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सुनीता विलियम्स की पृथ्वी पर वापसी: आठ दिन का मिशन नौ महीने में कैसे बदला? जानें NASA को कब-कब आई दिक्कतें
Thu, 13 Mar 2025 03:03 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 13 Mar 2025 03:03 PM IST
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सुनीता विलियम्स और बैरी विलमोर।
- फोटो :
NASA
विस्तार
अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से वापसी हो चुकी है। उनका आठ दिन का अंतरिक्ष का सफर देखते ही देखते नौ महीने में बदल गया। हालांकि, वजहें सिर्फ अंतरिक्ष यान में आई कोई खराबी ही नहीं रही, बल्कि लॉन्च व्हीकल में आई तकनीकी समस्या, नासा की तरफ से शेड्यूल की दिक्कतें भी इसकी वजह रहीं। हालांकि, 13 मार्च को क्रू-10 की लॉन्चिंग के साथ ही आखिरकार यह तय हो गया था कि जून में आईएसएस पहुंचीं सुनीता विलियम्स क्रू-9 के साथ लौटकर पृथ्वी पर आ रही हैं।सुनीता विलियम्स की वापसी में होगा विलंब; तकनीकी खामी के कारण नासा-स्पेस एक्स ने टाला मिशन
सुनीता विलियम्स का अंतरिक्ष में रहने वाला जो मिशन महज 8 दिन में खत्म हो जाना था, उसे अब नौ महीने से ज्यादा हो गए। ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर सुनीता विलियम्स को जिस मिशन पर भेजा गया था, उसमें कहां अड़चन आई? उनकी लंबे समय तक पृथ्वी पर वापसी क्यों नहीं हो पाई? कितनी बार उन्हें पृथ्वी पर वापस लाने की तैयारी की गई? और हर बार किन कारणों से उन्हें लाने की कोशिशों को रोका गया? आइये जानते हैं...
सुनीता विलियम्स को किस मिशन पर भेजा गया था?
5 जून 2024 को नासा का बोइंग क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था। इस मिशन के तहत नासा ने अपने दो अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बैरी बुच विल्मोर को आठ दिन की यात्रा पर भेजा। दोनों को स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान के जरिए मिशन पर भेजा गया था। यह अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान की पहली उड़ान थी।
जिस मिशन पर सुनीता और बैरी हैं वो नासा के व्यावसायिक क्रू कार्यक्रम का हिस्सा है। दरअसल, नासा का लक्ष्य है कि वह अमेरिका के निजी उद्योग के साथ साझेदारी में अमेरिका से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक सुरक्षित, विश्वसनीय और कम लागत के मानव मिशन भेजे। इसी उद्देश्य से यह टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था। इस मिशन का लक्ष्य अंतरिक्ष स्टेशन पर छह महीने के रोटेशनल मिशन (बारी-बारी से मिशन) को अंजाम देने की स्टारलाइनर की क्षमता को दिखाना था। लंबी अवधि की उड़ानों से पहले तैयारी को परखने और जरूरी परफॉर्मेंस डेटा जुटाने के लिए क्रू उड़ान परीक्षण को बनाया गया था।
5 जून 2024 को नासा का बोइंग क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था। इस मिशन के तहत नासा ने अपने दो अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बैरी बुच विल्मोर को आठ दिन की यात्रा पर भेजा। दोनों को स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान के जरिए मिशन पर भेजा गया था। यह अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान की पहली उड़ान थी।
जिस मिशन पर सुनीता और बैरी हैं वो नासा के व्यावसायिक क्रू कार्यक्रम का हिस्सा है। दरअसल, नासा का लक्ष्य है कि वह अमेरिका के निजी उद्योग के साथ साझेदारी में अमेरिका से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक सुरक्षित, विश्वसनीय और कम लागत के मानव मिशन भेजे। इसी उद्देश्य से यह टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था। इस मिशन का लक्ष्य अंतरिक्ष स्टेशन पर छह महीने के रोटेशनल मिशन (बारी-बारी से मिशन) को अंजाम देने की स्टारलाइनर की क्षमता को दिखाना था। लंबी अवधि की उड़ानों से पहले तैयारी को परखने और जरूरी परफॉर्मेंस डेटा जुटाने के लिए क्रू उड़ान परीक्षण को बनाया गया था।
किस वजह से आईएसएस पर ही फंस गईं सुनीता और बैरी?
हालांकि, अंतरिक्ष स्टेशन के लिए स्टारलाइनर की उड़ान के दौरान, अंतरिक्ष यान के कुछ थ्रस्टर्स ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया। थ्रस्टर्स' आमतौर पर कम फोर्स वाले रॉकेट मोटर्स को कहा जाता है। थ्रस्टर्स के कमजोर प्रदर्शन के अलावा स्टारलाइनर के हीलियम सिस्टम में कई लीक भी देखे गए। इसके बाद नासा और बोइंग ने अंतरिक्ष यान के बारे में व्यापक डेटा विश्लेषण के जरिए जानकारी जुटाई। इस जांच में अंतरिक्ष शटल कोलंबिया दुर्घटना के बाद स्थापित हुए संगठन शामिल थे। यह दुर्घटना 1 फरवरी, 2003 को हुई थी। यह दुर्घटना तब हुई थी जब कोलंबिया अंतरिक्ष यान पृथ्वी के वातावरण में वापस आ रहा था। इस दुर्घटना में सभी सात अंतरिक्ष यात्री मारे गए थे जिसमें भारतीय मूल की कल्पना चावला भी शामिल थीं।
हालांकि, अंतरिक्ष स्टेशन के लिए स्टारलाइनर की उड़ान के दौरान, अंतरिक्ष यान के कुछ थ्रस्टर्स ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया। थ्रस्टर्स' आमतौर पर कम फोर्स वाले रॉकेट मोटर्स को कहा जाता है। थ्रस्टर्स के कमजोर प्रदर्शन के अलावा स्टारलाइनर के हीलियम सिस्टम में कई लीक भी देखे गए। इसके बाद नासा और बोइंग ने अंतरिक्ष यान के बारे में व्यापक डेटा विश्लेषण के जरिए जानकारी जुटाई। इस जांच में अंतरिक्ष शटल कोलंबिया दुर्घटना के बाद स्थापित हुए संगठन शामिल थे। यह दुर्घटना 1 फरवरी, 2003 को हुई थी। यह दुर्घटना तब हुई थी जब कोलंबिया अंतरिक्ष यान पृथ्वी के वातावरण में वापस आ रहा था। इस दुर्घटना में सभी सात अंतरिक्ष यात्री मारे गए थे जिसमें भारतीय मूल की कल्पना चावला भी शामिल थीं।
सुनीता-बैरी को लौटाने के लिए अब तक क्या किया गया?
1. नासा ने इसके बाद बोइंग के स्टारलाइनर को वापस पृथ्वी पर लौटाने की संभावनाओं को तलाशा। जांच के बाद यह सामने आया कि स्टारलाइनर में यात्रियों को वापस लाना सुरक्षित नहीं होगा। आखिरकार तीन महीने के इंतजार के बाद नासा ने फैसला किया कि स्टारलाइनर को बिना क्रू के ही वापस धरती पर लाया जाएगा। 6 सितंबर 2024 को स्टारलाइनर बिना क्रू के ही धरती पर लौट आया।
2. इस बीच नासा ने सुनीता और बैरी को वापस लाने के लिए नई योजना पर काम शुरू कर दिया था। बताया जाता है कि स्टारलाइनर के आईएसएस में अटके होने की वजह से अगस्त में आईएसएस भेजा जाने वाला स्पेसएक्स का क्रू-9 मिशन सितंबर तक अटक गया था। ऐसे में नासा ने स्पेसएक्स की तरफ से तय किए गए चार अंतरिक्ष यात्रियों में से सिर्फ दो को ही सितंबर के अंत में भेजने का फैसला किया, ताकि इसकी वापसी में सुनीता और बैरी को खाली पड़े स्लॉट में जगह देकर पृथ्वी पर लौटाया जा सके। क्रू-9 को आखिरकार 28 सितंबर को लॉन्च कर दिया गया।
सुनीता विलियम्स को ISS से पृथ्वी पर वापस लाने का नासा का नया मिशन क्या, कैसे-कब लौटाने की योजना? जानें
1. नासा ने इसके बाद बोइंग के स्टारलाइनर को वापस पृथ्वी पर लौटाने की संभावनाओं को तलाशा। जांच के बाद यह सामने आया कि स्टारलाइनर में यात्रियों को वापस लाना सुरक्षित नहीं होगा। आखिरकार तीन महीने के इंतजार के बाद नासा ने फैसला किया कि स्टारलाइनर को बिना क्रू के ही वापस धरती पर लाया जाएगा। 6 सितंबर 2024 को स्टारलाइनर बिना क्रू के ही धरती पर लौट आया।
2. इस बीच नासा ने सुनीता और बैरी को वापस लाने के लिए नई योजना पर काम शुरू कर दिया था। बताया जाता है कि स्टारलाइनर के आईएसएस में अटके होने की वजह से अगस्त में आईएसएस भेजा जाने वाला स्पेसएक्स का क्रू-9 मिशन सितंबर तक अटक गया था। ऐसे में नासा ने स्पेसएक्स की तरफ से तय किए गए चार अंतरिक्ष यात्रियों में से सिर्फ दो को ही सितंबर के अंत में भेजने का फैसला किया, ताकि इसकी वापसी में सुनीता और बैरी को खाली पड़े स्लॉट में जगह देकर पृथ्वी पर लौटाया जा सके। क्रू-9 को आखिरकार 28 सितंबर को लॉन्च कर दिया गया।
सुनीता विलियम्स को ISS से पृथ्वी पर वापस लाने का नासा का नया मिशन क्या, कैसे-कब लौटाने की योजना? जानें
3. क्रू-9 मिशन की वापसी 17 दिसंबर को तय की गई थी। यानी सुनीता और बैरी को दो महीने से ज्यादा समय और आईएसएस पर ही बिताना था। लेकिन इस अवधि को भी लगातार बढ़ाया गया। दरअसल, नासा ने फैसला किया कि क्रू-9 को पृथ्वी पर लौटाने से पहले वह स्पेसएक्स के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को एक नए क्रू-10 मिशन के लिए लॉन्च कर देना चाहता है। लेकिन क्रू-10 की लॉन्चिंग की तैयारियां दिसंबर में पूरी नहीं हो पाईं। नासा ने बताया कि ड्रैगन अंतरिक्ष यान जनवरी की शुरुआत में फ्लोरिडा पहुंचेगा। इसके बाद क्रू-10 की लॉन्चिंग को फरवरी तक के लिए टाल दिया गया।
4. फरवरी में वापसी तय होने के बाद जहां क्रू-9 के दोनों सदस्यों- अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री निक हेग और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्सांद्र गोरबुनोव को फ्लाइट से जुड़े कई परीक्षण करने थे, तो वहीं सुनीता विलियम्स इस दौरान आईएसएस के एक्सपीडिशन 72 की कमांडर बन गईं। उनके अनुभव के मद्देनजर स्पेस स्टेशन पर रहने वाले हर व्यक्ति के कामकाज और देखरेख की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। पांच महीने के दौरान अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी हुए, जिनमें आईएसएस पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों ने भी वोट डाले।
4. फरवरी में वापसी तय होने के बाद जहां क्रू-9 के दोनों सदस्यों- अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री निक हेग और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्सांद्र गोरबुनोव को फ्लाइट से जुड़े कई परीक्षण करने थे, तो वहीं सुनीता विलियम्स इस दौरान आईएसएस के एक्सपीडिशन 72 की कमांडर बन गईं। उनके अनुभव के मद्देनजर स्पेस स्टेशन पर रहने वाले हर व्यक्ति के कामकाज और देखरेख की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। पांच महीने के दौरान अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव भी हुए, जिनमें आईएसएस पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों ने भी वोट डाले।
5. इस बीच नासा ने आईएसएस में मौजूद सुनीता और बैरी को लौटाने की प्रक्रिया को तेज करने की कोशिश की। हालांकि, 12 फरवरी को एक बार फिर टीम की तैयारियों को झटका लगा। दरअसल, एजेंसी को ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट की तैयारियों की प्रक्रिया के प्रमाणन में समय लग रहा था। ऐसे में इसकी लॉन्चिंग को एक महीने के लिए टाल दिया गया और क्रू-10 को 12 मार्च को आईएसएस के लिए लॉन्च करने की तैयारी हुई।
6. 12 मार्च को नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होने से करीब एक घंटे पहले क्रू-10 मिशन को एक बार फिर टाल दिया गया। बताया गया कि स्पेसएक्स के फैल्कन 9 रॉकेट में ग्राउंड सपोर्ट क्लैंप आर्म के साथ हाइड्रॉलिक सिस्टम समस्या के कारण लॉन्चिंग को रद्द कर दिया गया है। इसके बाद लॉन्च की अगली तारीख 13 मार्च को शाम 7.26 बजे(भारतीय समय के अनुसार 14 मार्च सुबह 4:56 बजे) तय की गई है।
6. 12 मार्च को नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होने से करीब एक घंटे पहले क्रू-10 मिशन को एक बार फिर टाल दिया गया। बताया गया कि स्पेसएक्स के फैल्कन 9 रॉकेट में ग्राउंड सपोर्ट क्लैंप आर्म के साथ हाइड्रॉलिक सिस्टम समस्या के कारण लॉन्चिंग को रद्द कर दिया गया है। इसके बाद लॉन्च की अगली तारीख 13 मार्च को शाम 7.26 बजे(भारतीय समय के अनुसार 14 मार्च सुबह 4:56 बजे) तय की गई है।
7. 13 मार्च को क्रू-10 का लॉन्च आखिरकार सफल रहा। इसके बाद अंतरिक्ष यात्री निक हेग, सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के साथ रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्सांद्र गोरबुनोव का क्रू-9 मिशन हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद सोमवार 18 मार्च को सुबह अंतरिक्ष स्टेशन से प्रस्थान कर गए। फ्लोरिडा के स्पेस स्टेशन के पास मौसम ठीक रहने के बाद 19 मार्च की अल-सुबह सुनीता विलियम्स और उनके साथ बुच विलमोर सही-सलामत पृथ्वी पर लौट आए।