फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Mark Esper contradicted Donald Trump, says US would not target Iranian cultural sites

ईरान के सांस्कृतिक स्थलों पर हमले की ट्रंप की धमकी से पेंटागन ने बनाई दूरी 

Tue, 07 Jan 2020 12:31 PM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Sneha Baluni Updated Tue, 07 Jan 2020 12:31 PM IST
विज्ञापन
Mark Esper contradicted Donald Trump, says US would not target Iranian cultural sites
अमेरिका ईरान में तनाव बढ़ गया है - फोटो : social media

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के सांस्कृतिक स्थलों को निशाना बनाने वाले बयान से सोमवार को पेंटागन ने दूरी बना ली। गौरतलब है कि इस तरह के हमलों पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध है। रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने कहा कि अमेरिका 'सैन्य संघर्ष के नियमों का पालन करेगा।'

विज्ञापन


जब उनसे पूछा गया कि क्या इसका मतलब यह होगा कि सांस्कृतिक स्थलों को निशाना नहीं बनाया जाएगा तो इस पर एस्पर ने कहा, 'सैन्य संघर्ष का यही नियम है।' राष्ट्रपति और पेंटागन प्रमुख के बीच यह मतभेद ऐसे वक्त पर सामने आया है जब ईरान के कुद्स बलों के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी की अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत के बाद अमेरिका और तेहरान के बीच तनाव बेहद बढ़ गया है।
विज्ञापन


एस्पर की सार्वजनिक तौर पर की गई टिप्पणी में अन्य रक्षा एवं सैन्य अधिकारियों की चिंता की झलक मिलती है, जो विशेष परिस्थितियों को छोड़कर धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों, असैन्य स्थलों पर हमलों को लेकर कानूनी प्रतिबंधों का हवाला देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ट्रंप ने शनिवार को एक ट्वीट में सांस्कृतिक स्थलों को निशाना बनाने की ओर संकेत दिया था और इसके अगले ही दिन संवाददाताओं से बातचीत में यही बात दोहराई थी। उन्होंने शनिवार को ट्वीट करके चेतावनी दी थी कि यदि ईरान अमेरिकी जवानों या सम्पत्ति पर हमला करता है तो अमेरिका 52 ईरानी स्थलों को निशाना बनाएगा और उन पर 'बहुत तेजी से और जोरदार हमला' करेगा।

उनके इस बयान की चौतरफा आलोचना हुई थी, इसके बावजूद ट्रंप अगले दिन अपने बयान पर कायम रहे। ट्रंप ने कहा, 'उन्हें हमारे लोगों को मारने की अनुमति है। उन्हें हमारे लोगों का उत्पीड़न करने का अधिकार है। उन्हें सड़क किनारे बम विस्फोट करने और हमारे लोगों को उड़ाने की अनुमति है और हमें उनके सांस्कृतिक स्थलों को भी छूने का अधिकार नहीं है? ऐसा नहीं चलेगा।'


हेग संधि, 1954 कहती है कि देशों को सांस्कृतिक संपत्तियों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाना चाहिए और इस तरह की संपत्ति को लेकर की गई किसी भी शत्रुतापूर्ण गतिविधि से दूर रहना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed