Los Angeles: ट्रंप के खिलाफ आज नो किंग कार्यक्रम; लॉस एंजिलिस में मरीन तैनात, देशभर में प्रदर्शन की तैयारी तेज
संघीय आव्रजन प्रवर्तन छापों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हर दिन अमेरिका के नए-नए शहरों और प्रांतों में भड़क रहे हैं। यह सब शनिवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ होने वाले सबसे बड़े प्रदर्शन की तैयारी के रूप में देखे जा रहे हैं। जहां आज अमेरिका के अलग-अलग जगहों पर ट्रंप की नीतियों के खिलाफ 'नो किंग्स' नामक रैलियां निकाली जा रही है। हालांकि इससे पहले लॉस एंजिलिस में शुक्रवार को 200 मरीन फेडरल बिल्डिंग की सुरक्षा में लगाए गए।
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अमेरिका में आव्रजन (इमिग्रेशन) छापों को लेकर एक हफ्ते से चल रहे विरोध के बीच करीब 200 अमेरिकी मरीन सैनिकों को लॉस एंजिलिस में एक फेडरल बिल्डिंग की सुरक्षा में तैनात किया गया। कारण है कि शनिवार को अमेरिका भर में ट्रंप की नीतियों के खिलाफ 'नो किंग्स' (कोई राजा नहीं) नाम से एक बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। वहीं दूसरी ओर इसी दिन वॉशिंगटन डीसी में एक सैन्य परेड भी होगी, जिसमें सैनिक मार्च करेंगे और टैंक सड़कों पर दिखाई देंगे।
आज नो किंग्स नामक विरोध से गूंजेगा अमेरिका
शनिवार को कार्यकर्ताओं ने वाशिंगटन, डीसी में ट्रंप की योजनाबद्ध सैन्य परेड के साथ मेल खाने के लिए पूरे देश में नो किंग्स कार्यक्रमों की योजना बनाई हैं। शनिवार के प्रदर्शनों से देशभर में तनाव भड़कने की आशंका को देखते हुए नेशनल गार्ड को सचेत रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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पुलिस की सुरक्षा के लिए नेशनल गार्ड
फेडरल बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए तैनात मरीन जवानों को नेशनल गार्ड के कुछ जवानों की जगह तैनात किया गया है, ताकि नेशनल गार्ड अब छापों के दौरान पुलिस की सुरक्षा कर सकें। मरीन पूरी तरह से हथियारों, संचार उपकरणों और सुरक्षा गियर के साथ आए हैं, और शुक्रवार से तैनाती शुरू कर दी गई है।
क्यों की गई मरीन सैनिकों की तैनाती?
बता दें कि मरीन की तैनाती उस फैसले के बाद हुई है, जिसमें 9वें यूएस सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने एक फेडरल जज के आदेश को रोक दिया था। उस आदेश में कहा गया था कि ट्रंप को कैलिफोर्निया को नेशनल गार्ड की कमान लौटानी चाहिए क्योंकि गार्ड की तैनाती गैरकानूनी थी और ट्रंप के अधिकारों से बाहर थी। जज ने मरीन की तैनाती पर कोई फैसला नहीं दिया है।
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कैलिफोर्निया बनाम ट्रंप प्रशासन
इन दिनों कैलिफोर्नियां और ट्रंप प्रशासन के बीच तकरार भी तेज होता हुआ दिख रहा है। जहां बीते दिनों कैलिफोर्नियां के गवर्नर गैविन न्यूसम ने सैनिकों की तैनाती को राज्य की संप्रभुता पर हमला बताया है और कोर्ट का रुख किया है। ट्रंप ने संविधान की उस धारा का हवाला दिया है, जो विद्रोह या विद्रोह की आशंका होने पर सैन्य बल लगाने की इजाजत देती है।
हालांकि, एक फेडरल जज ने कहा कि लॉस एंजिलिस की स्थिति विद्रोह जैसी नहीं है और आदेश दिया कि नेशनल गार्ड का नियंत्रण कैलिफोर्निया को वापस मिले। लेकिन नाइंथ सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने इस आदेश पर रोक लगा दी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इसका स्वागत किया और कहा, “अगर मैंने सेना नहीं भेजी होती, तो लॉस एंजिलिस जल रहा होता।