फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Madhav Kumar Nepal replaces KP Oli as the chairman of Nepal Communist Party

दो फाड़ होने की कगार पर नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी, ओली की जगह माधव बने अध्यक्ष

Tue, 22 Dec 2020 10:23 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 22 Dec 2020 10:23 PM IST
विज्ञापन
Madhav Kumar Nepal replaces KP Oli as the chairman of Nepal Communist Party
केपी शर्मा ओली और माधव कुमार नेपाल - फोटो : सोशल मीडिया

भारत के कुछ राज्यों के साथ नेपाल में भी राजनीतिक उथल पुथल चरम पर चल रही है। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) अब दो फाड़ होने के और करीब पहुंच गई है। माधव कुमार नेपाल अब प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की जगह पार्टी के अध्यक्ष बन गए हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय समिति के कुल 315 सदस्यों ने माधव नेपाल के पक्ष में वोट दिया। 

विज्ञापन


मंगलवार को पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' नीत खेमे ने केंद्रीय समिति की बैठक के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष पद से हटाने की घोषणा की। प्रचंड नीत खेमे ने केंद्रीय समिति की बैठक में वरिष्ठ नेता माधव कुमार नेपाल को सर्वसम्मति से पार्टी का दूसरा अध्यक्ष नियुक्त किया। प्रचंड पार्टी के पहले अध्यक्ष हैं।
विज्ञापन



इससे पहले ओली ने संगठन पर अपनी पकड़ को मजबूत करने के उद्देश्य से मंगलवार को पार्टी की आम सभा के आयोजन के लिए 1199 सदस्यीय नई समिति का गठन किया था। केंद्रीय समिति की सदस्य रेखा शर्मा ने कहा, 'पार्टी के नियमों के अनुसार अब पुष्प कमल दहल प्रचंड और माधव कुमार नेपाल बारी-बारी से बैठकों की अध्यक्षता करेंगे।'
विज्ञापन
विज्ञापन


काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट में शर्मा के हवाले से कहा गया, 'पार्टी के खिलाफ जाने के चलते केपी शर्मा ओली को पार्टी अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है।' इससे पहले दिन में सत्तारूढ़ दल के दो प्रमुखों में से एक केपी ओली ने अपने आधिकारिक आवास पर पार्टी की केंद्रीय समिति के अपने करीबी सदस्यों के साथ बैठक के दौरान नई समिति की घोषणा की।


उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ओली ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को आश्चर्यचकित करते हुए रविवार को राष्ट्रपति से संसद भंग करने की सिफारिश कर दी थी और इसे राष्ट्रपति विद्या देवी की ओर से मंजूरी भी मिल गई। पीएम ओली और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ के बीच सत्ता के लिए लंबे समय से चल रहे संघर्ष के बीच यह कदम उठाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed