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Japan: 'सुनिश्चित करेंगे दोबारा न हो ऐसी त्रासदी...', हिरोशिमा परमाणु बम हमले की 80वीं बरसी पर बोले पीएम इशिबा
Wed, 06 Aug 2025 04:22 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हिरोशिमा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हिरोशिमा
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 06 Aug 2025 04:22 PM IST
सार
Japan: जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने हिरोशिमा परमाणु हमले की 80वीं बरसी पर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और शांति व परमाणु हथियार मुक्त दुनिया के लिए काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जापान नाटो जैसे किसी परमाणु साझेदारी समझौते में शामिल नहीं होगा और उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जापान अपने अनुभव से दुनिया को परमाणु हमले के खतरों से आगाह करता रहेगा ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
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हिरोशिमा शहर के शांति स्मारक पार्क में आयोजित स्मृति समारोह में शिगेरू इशिबा
- फोटो : एक्स/शिगेरू इशिबा
विस्तार
जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने हिरोशिमा पर परमाणु हमले की 80वीं बरसी पर उन लोगों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने इस हमले में अपनी जान गंवाई थी। उन्होंने हिरोशिमा में आयोजित एक स्मृति समारोह में भाग लिया और फिर मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी सरकार शांति बनाए रखने और परमाणु हथियारों को खत्म करने के लिए लगातार काम करती रहेगी।
प्रधानमंत्री इशिबा ने यह भी स्पष्ट किया कि जापान का नाटो जैसे किसी परमाणु साझेदारी समझौते में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। युद्ध के बाद अमेरिका जापान का सबसे करीबी सहयोगी बन गया है। इस बारे में उन्होंने किसी बदलाव की संभावना खारिज किया।
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प्रधानमंत्री इशिबा ने यह भी स्पष्ट किया कि जापान का नाटो जैसे किसी परमाणु साझेदारी समझौते में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। युद्ध के बाद अमेरिका जापान का सबसे करीबी सहयोगी बन गया है। इस बारे में उन्होंने किसी बदलाव की संभावना खारिज किया।
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स्मृति समारोह में शामिल हुए पीएम इशिबा
एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री इशिबा ने कहा, मैंने आज हिरोशिमा शहर के शांति स्मारक पार्क में आयोजित स्मृति समारोह में भाग लिया। आज से 80 साल पहले हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया गया था, जिससे यह शहर पलभर में राख में बदल गया। मैंने उन सभी आत्माओं को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने इस त्रासदी में अपनी जान गंवाई।
ये भी पढ़ें: भारत को लेकर ट्रंप का दोहरा रवैया: रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद US-यूरोप का मॉस्को से कितना कारोबार, आंकड़े क्या?
एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री इशिबा ने कहा, मैंने आज हिरोशिमा शहर के शांति स्मारक पार्क में आयोजित स्मृति समारोह में भाग लिया। आज से 80 साल पहले हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया गया था, जिससे यह शहर पलभर में राख में बदल गया। मैंने उन सभी आत्माओं को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने इस त्रासदी में अपनी जान गंवाई।
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मृतकों को श्रद्धांजलि देते पीएम इशिबा शिगेरू
- फोटो : एक्स/इशिबा शिगेरू
'दुखद अनुभव को पीढ़ियों तक पहुंचाएंगे'
प्रधानमंत्री ने आगे लिखा, समारोह के बाद मैंने एक बार फिर शांति स्मारक संग्रहालय का दौरा किया। हम दुनिया का एकमात्र ऐसा देश हैं, जो परमाणु बम के भयावह अनुभव को दूसरों तक पहुंचा सकता है। हम इस दुखद अनुभव की याद को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएंगे और यह सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की अगुवाई करेंगे कि फिर कभी ऐसी कोई त्रासदी न हो। हिरोशिमा में परमाणु हमले में बचे हुए पीड़ितों के प्रतिनिधियों से बातचीत में मैंने परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया बनाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों, ‘हिरोशिमा एक्शन प्लान’, पीड़ितों के लिए सहायता योजनाएं और संग्रहालय के विस्तार पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने आगे लिखा, समारोह के बाद मैंने एक बार फिर शांति स्मारक संग्रहालय का दौरा किया। हम दुनिया का एकमात्र ऐसा देश हैं, जो परमाणु बम के भयावह अनुभव को दूसरों तक पहुंचा सकता है। हम इस दुखद अनुभव की याद को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएंगे और यह सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की अगुवाई करेंगे कि फिर कभी ऐसी कोई त्रासदी न हो। हिरोशिमा में परमाणु हमले में बचे हुए पीड़ितों के प्रतिनिधियों से बातचीत में मैंने परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया बनाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों, ‘हिरोशिमा एक्शन प्लान’, पीड़ितों के लिए सहायता योजनाएं और संग्रहालय के विस्तार पर चर्चा की।
परमाणु हथियार अपनाने की योजना नहीं
उन्होंने कहा, सरकार परमाणु हथियार न रखने के तीन सिद्धांतों को पूरी मजबूती से अपनाए हुए है और इनमें बदलाव की कोई योजना नहीं है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री इशिबा ने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका की ओर से जापान को मिलने वाले सुरक्षा सहयोग को और प्रभावी कैसे बनाया जाए, इस पर विचार करना जरूरी है। इसमें अमेरिका की परमाणु क्षमताएं भी शामिल हैं।
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उन्होंने कहा, सरकार परमाणु हथियार न रखने के तीन सिद्धांतों को पूरी मजबूती से अपनाए हुए है और इनमें बदलाव की कोई योजना नहीं है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री इशिबा ने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका की ओर से जापान को मिलने वाले सुरक्षा सहयोग को और प्रभावी कैसे बनाया जाए, इस पर विचार करना जरूरी है। इसमें अमेरिका की परमाणु क्षमताएं भी शामिल हैं।
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शांति स्मारक पार्क में पीएम इशिबा शिगेरू
- फोटो : एक्स/इशिबा शिगेरू
अमेरिका ने गिराया था हिरोशिमा में परमाणु बम
देश के रक्षा मंत्री रह चुके इशिबा ने कहा कि यह सोच हमारी उस नीति के खिलाफ नहीं है, जिसमें हम दुनिया को परमाणु हथियारों से पूरी तरह मुक्त देखना चाहते हैं। छह अगस्त 1945 कोजब दूसरा विश्व युद्ध अपने अंतिम चरण में था, अमेरिका के बमवर्षक विमान 'एनोला गे' ने हिरोशिमा पर एक परमाणु बम गिराया था। यह बम विस्फोट इतना भयानक था कि उस साल के अंत तक लगभग 1,40,000 लोगों की जान चली गई थी। पिछले कई दशकों से जापान परमाणु न रखने के तीन सिद्धांतों का पालन करता आ रहा है। इसके बावजूद वह अमेरिका के परमाणु सुरक्षा कवच के तहत आता है।
देश के रक्षा मंत्री रह चुके इशिबा ने कहा कि यह सोच हमारी उस नीति के खिलाफ नहीं है, जिसमें हम दुनिया को परमाणु हथियारों से पूरी तरह मुक्त देखना चाहते हैं। छह अगस्त 1945 कोजब दूसरा विश्व युद्ध अपने अंतिम चरण में था, अमेरिका के बमवर्षक विमान 'एनोला गे' ने हिरोशिमा पर एक परमाणु बम गिराया था। यह बम विस्फोट इतना भयानक था कि उस साल के अंत तक लगभग 1,40,000 लोगों की जान चली गई थी। पिछले कई दशकों से जापान परमाणु न रखने के तीन सिद्धांतों का पालन करता आ रहा है। इसके बावजूद वह अमेरिका के परमाणु सुरक्षा कवच के तहत आता है।