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कौन थे अलीरेजा तंगसीरी?: होर्मुज पर ताला लगाने वाले ईरानी नौसेना प्रमुख की मौत, इस्राइली पीएम का बड़ा दावा

Thu, 26 Mar 2026 03:51 PM IST
Nirmal Kant वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान। Published by: Nirmal Kant Updated Thu, 26 Mar 2026 03:51 PM IST
सार

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को दावा किया कि आईआरजीसी की नौसेना के कमांडर अलीरेजा तंगसीरी हवाई हमले में मारे गए हैं। तंगसीरी को होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने का जिम्मा सौंपा गया था। पढ़िए रिपोर्ट -

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Israel media claims Iran Naval commander killed in strike, no confirmation from Iran
अलीरेजा तंगसीरी - फोटो : एएनआई/ईरानी सरकारी मीडिया

विस्तार

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को दावा किया है कि उनके हवाई हमले में ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना के कमांडर अलीरेजा तंगसीरी मारे गए हैं। एक छोटे से वीडियो संदेश में उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सेना पूरी ताकत से मुकाबला करती रहेगी। उन्होंने बताया कि बुधवार रात आईआरजीसी की नौसेना के कमांडर को मार गिराया गया। अलीरेजा तंगसीरी ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर पहरा लगा रखा था।
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नेतन्याहू से पहले देश के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने भी तंगसीरी की मौत का दावा किया था। उन्होंने भी वीडियो संदेश जारी किया। काट्ज ने अपने बयान में कहा, बुधवार रात एक सटीक और खतरनाक अभियान में आईडीएफ ने आईआरजीसी के नौसेना कमांडर तंगसीरी और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों को मार गिराया। इससे पहले, इस्राइली मीडिया ने एक अज्ञात सूत्र के हवाले से बताया था कि तंगसीरी हवाई हमले में मार गए हैं। हालांकि, तब इस्राइल या ईरान ने आधिकारिक तौर पर उनकी मौत की पुष्टि नहीं की थी। 
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तंगसीरी को सौंपी गई थी होर्मुज बंद करने की जिम्मेदारी
रिपोर्ट के मुताबिक, तंगसीसी आईआरजीसी की नौसेना के प्रमुख थे और उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं, आईआरजीसी ने आज फिर से अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। बताया जा रहा है कि ईरान के उत्तरी हिस्से में बनियादी ढांचे और नागरिक इलाकों पर हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई। 
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कौन थे अलीरेजा तंगसीरी?
अमेरिका द्वारा वित्त पोषित रेडियो फरदा (फारसी भाषा) की रिपोर्ट के मुताबिक, तंगसीरी ने सितंबर 2007 में कहा था, अगर अमेरिका हमसे टकराएगा, तो हम उसका पीछा मैक्सिको की खाड़ी तक करेंगे। जनवरी 2016 में जब ईरान ने 10 अमेरिकी नाविकों को हिरासत में लिया था। ये अमेरिकी नाविक इंजन में खराबी के बाद ईरानी जलक्षेत्र में प्रवेश कर गए थे। तब तंगसीरी ने इसे अमेरिकी सेना का ईरान के सामने 'आत्मसमर्पण' बताया था। 23 अगस्त 2018 को ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने तंगसीरी को आईआरजीसी की नौसेना में कमांडर के पद पर पदोन्नत किया था।  

टाइम्स ऑफ इस्राइल की रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर 2021 में तंगसीरी ने कहा था, अमेरिका को समुद्र में इस्लामी गणराज्य की श्रेष्ठता का एहसास हो गया है। उन्होंने फरवरी 2025 में ईरान के पहले ड्रोन वाहक का अनावरण किया था। यह एक वाणिज्यिक पोत था, जिसे पुनर्निर्मित किया गया था। उन्होंने इसे ईरान के इतिहास में सबसे बड़ी नौसैनिक सैन्य परियोजना बताया था। उन्होंने मार्च 2025 में चेतावनी दी, अगर दुश्मन कोई गलती करते हैं, तो हम उन्हें नरक की गहराइयों में भेज देंगे। 

अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने 24 जून 2019 को एक कार्यकारी आदेश के तहत तंगसीरी को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था और उन पर प्रतिबंध लगा था। अमेरिका में उनकी सभी सपंत्तियों को जब्त कर दिया गया था और अमेरिकी नागरिकों को उनके साथ व्यापार करने पर प्रतिबंध लगा दिया था। उन पर 2024 में द्वितीयक प्रतिबंध लगाए गए थे। वह परवर पार्स कंपनी के बोर्ड में थे, जो एक ईरानी सैन्य कंपनी है। यह कंपनी ड्रोन विकसित करती है और अमेरिका की ओर से इस पर प्रतिबंध लगाया गया है। 

ईरान ने किए जवाबी हमले
आईआरजीसी और ईरानी सेना ने 'ऑपरेशन टू प्रॉमिस 4' के तहत बुधवार को कई जगह सैन्य कार्रवाई की। यह अभियान अमेरिका और इस्राइल के हमलों के तुरंत बाद शुरू किया गया था। ईरानी सशस्त्र बलों ने अब तक 82 मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं, जिनमें आधुनिक हथियारों इस्तेमाल हुआ। इन हमलों में इस्राइल के सैन्य ठिकाने और पश्चिम एशिया में फैले अमेरिकी सैन्य अड्डे रहे हैं।

हिजबुल्ला और इस्लामी रेजिस्टेंट समूह भी जंग में शामिल
इस संघर्ष में लेबनान का हिजबुल्ला और इराक का इस्लामी रेजिस्टेंट समूह भी शामिल हो गए हैं और उन्होंने अपने दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। 
 
जमीनी हमला किया तो गंभीर नतीजे होंगे: आईआरजीसी
आईआरजीसी ने अमेरिका और इस्राइल को चेतावनी भी दी कि अगर ईरान की जमीन पर जमीनी हमला किया गया, तो इसके गंभीर नतीजे होंगे। बयान में कहा गया कि नेतन्याहू और ट्रंप के बहकावे में आकर अपने बच्चों को जंग में न भेजें, क्योंकि हमला करने वाले सैनिक ईरान की जनता के बीच घिर जाएंगे और मारे जाएंगे। 

ये भी पढ़ें: 'ईरान मुझे सुप्रीम लीडर बनाना चाहता था, मैने मना कर दिया'; जंग के बीच ट्रंप ने किया चौंकाने वाला दावा


आईआरजीसी ने अमेरिकी जनता से की अपील
आईआरजीसी ने अमेरिकी लोगों से सीधे अपील करते हुए कहा कि उन्हें झूठ और गलत जानकारी के जरिये गुमराह किया जा रहा है। बयान में कहा गया कि इस जंग की सच्चाई अमेरिका में पेट्रोल पंपों, ईरान की सड़कों और तेल अवीव व हाइफा के आसमान में देखी जा सकती है। 

82वीं एयरबोर्न डिविजन के सैनिक भेज सकता है अमेरिका
सीबीएस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन पश्चिम एशिया में 82वीं एयरबोर्न डिविजन के सैनिक भेज सकता है। एक सूत्र के हवाले से बताया गया कि इस डिवीजन के कुछ हिस्से को क्षेत्र में तैनात किया जा सकता है। अमेरिका खर्ग द्वीप पर संभावित जमीनी हमले पर विचार कर रहा है। 

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