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US-Iran Tension: 'ईरान सुप्रीम लीडर बनाना चाहता था, मैंने ठुकराया'; जंग के बीच ट्रंप ने किया चौंकाने वाला दावा

Thu, 26 Mar 2026 03:43 PM IST
Himanshu Singh Chandel वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Thu, 26 Mar 2026 03:43 PM IST
सार

Trump Claim: अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान उन्हें सुप्रीम लीडर बनाना चाहता था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अमेरिका से बातचीत करना चाहता है, जबकि तेहरान ने इसे खारिज किया है। दोनों पक्षों के बीच पश्चिम एशिया पर तनाव बना हुआ है।

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Trump makes shocking claim amid war says Iran wanted to make me Supreme Leader but I refused
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान के लोग उन्हें अपना सुप्रीम लीडर बनाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। ट्रंप के इस बयान ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। खास बात यह है कि यह दावा ऐसे समय आया है जब ईरान लगातार अमेरिका के साथ किसी भी शांति वार्ता से इनकार कर रहा है।
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ट्रंप ने वॉशिंगटन में एक फंडरेजिंग कार्यक्रम के दौरान कहा कि उन्हें यह प्रस्ताव ईरान की तरफ से मिला था, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस पद में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत करना चाहता है और युद्ध खत्म करना चाहता है, लेकिन अंदरूनी डर के कारण वह खुलकर यह बात नहीं कह पा रहा है। हालांकि ईरान पहले ही ऐसे किसी भी दावे को खारिज कर चुका है।
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क्या सच में ट्रंप को मिला था ऐसा प्रस्ताव?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-इस्राइल की सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान में सत्ता का खालीपन पैदा हुआ और इसी दौरान उन्हें सुप्रीम लीडर बनाने की बात सामने आई। उन्होंने दावा किया कि यह प्रस्ताव अनौपचारिक तौर पर रखा गया था। हालांकि इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और ईरान की ओर से इसे लेकर कोई समर्थन नहीं मिला है।
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क्या अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत चल रही?
ट्रंप ने कहा कि ईरान बातचीत करना चाहता है और समझौते के लिए तैयार है। उनका दावा है कि तेहरान के अधिकारी डर के कारण इसे सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं। वहीं ईरान लगातार कह रहा है कि वह अपनी शर्तों पर ही युद्ध खत्म करेगा और किसी दबाव में नहीं आएगा। इससे दोनों पक्षों के बीच विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं।

नाटो पर बिफरे ट्रंप, बोले- 'मदद नहीं की, ये समय कभी भूलना मत'
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) देशों पर बिफरे हैं। उन्होंने सीधे-सीधे धमकी देते हुए कहा कि इस समय को कभी भूलिएगा मत। राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ पोस्ट में ईरान के लिए विवादित शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा, नाटो देशों ने ईरान जैसे पागल देश के खिलाफ कोई मदद नहीं की। अमेरिका को नाटो से किसी चीज की आवश्यकता नहीं है, लेकिन ये समय कभी भूलिएगा मत।

ईरान की क्या हैं शर्तें?
ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह तभी युद्ध खत्म करेगा जब उसकी शर्तें मानी जाएंगी। इसमें हमले रोकने की गारंटी, युद्ध के नुकसान की भरपाई और होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसकी संप्रभुता की मान्यता शामिल है। ईरान ने यह भी साफ किया है कि वह अपने रुख से पीछे हटने वाला नहीं है और लगातार जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा।


फिलहाल स्थिति कितनी गंभीर है?
पश्चिम एशिया में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका और इस्राइल की कार्रवाई जारी है, वहीं ईरान भी जवाबी हमले कर रहा है। ट्रंप के बयान और ईरान के इनकार के बीच स्थिति और जटिल हो गई है। फिलहाल शांति की कोई स्पष्ट दिशा नजर नहीं आ रही है और वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है।

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