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OIC: इस्लामी देशों के संगठन ने फिर जम्मू कश्मीर पर बात की, लेकिन पीओके के प्रदर्शनों पर साधी चुप्पी
Wed, 29 Oct 2025 07:43 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जेद्दाह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जेद्दाह
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 29 Oct 2025 07:43 AM IST
सार
इस्लामी देशों के संगठन ने काबुल में पाकिस्तान के हमले, पाकिस्तान द्वारा अफगान क्रिकेटरों की हत्या और पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा बलूच लोगों पर अत्याचार जैसे कई मुद्दों पर चुप्पी साधे रखी। ओआईसी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ हाल के विरोध प्रदर्शनों पर भी मुंह नहीं खोला।
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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में गरीबी एक बड़ी समस्या
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
इस्लामी देशों के संगठन ओआईसी (ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉपरेशन) ने एक बार फिर जम्मू कश्मीर को लेकर बयान दिया है। ओआईसी सचिवालय ने एक बयान में कहा कि जम्मू कश्मीर के लोगों को आत्मनिर्णय का अधिकार मिलना चाहिए। हालांकि इस्लामी देशों का ये संगठन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हो रही ज्यादतियों पर चुप रहा और पीओके में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों पर एक शब्द नहीं कहा।
क्या कहा इस्लामी देशों के संगठन ने
OIC सचिवालय ने सोमवार को एक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने जम्मू कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार की वकालत की और उनके साथ एकजुटता दोहराई। बयान में कहा गया है, 'सचिवालय इस्लामिक सम्मेलन और विदेश मंत्रियों की परिषद के संबंधित प्रस्तावों के अनुसार, जम्मू और कश्मीर के लोगों के उनके मौलिक मानवाधिकारों, जिसमें आत्मनिर्णय का उनका अधिकार भी शामिल है, के लिए उनके न्यायपूर्ण संघर्ष में अपना पूरा समर्थन दोहराता है। यह भारत से जम्मू और कश्मीर के लोगों के मौलिक मानवाधिकारों का सम्मान करने का भी आग्रह करता है।' बयान में आगे कहा गया है, 'सचिवालय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार जम्मू और कश्मीर विवाद के अंतिम समाधान की जरूरत पर भी जोर देता है और इन प्रस्तावों को लागू करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपनी अपील दोहराता है।'
ये भी पढ़ें- UN Report: 'पेरिस समझौते के 10 साल बाद भी उत्सर्जन कम करने की रफ्तार धीमी'; संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में खुलासा
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ओआईसी की निष्पक्षता पर उठे सवाल
हालांकि, इस्लामी देशों के संगठन ने काबुल में पाकिस्तान के हमले, पाकिस्तान द्वारा अफगान क्रिकेटरों की हत्या और पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा बलूच लोगों पर अत्याचार जैसे कई मुद्दों पर चुप्पी साधे रखी। ओआईसी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ हाल के विरोध प्रदर्शनों पर भी मुंह नहीं खोला। गौरतलब है कि यूरोपीय लेखक और पश्चिम एशिया मामलों के विशेषज्ञ माइकल अरिजेंटी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (PoJK) में हो रही हत्याओं पर आंखें मूंदने के लिए इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) और अरब देशों की कड़ी आलोचना की थी।
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क्या कहा इस्लामी देशों के संगठन ने
OIC सचिवालय ने सोमवार को एक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने जम्मू कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार की वकालत की और उनके साथ एकजुटता दोहराई। बयान में कहा गया है, 'सचिवालय इस्लामिक सम्मेलन और विदेश मंत्रियों की परिषद के संबंधित प्रस्तावों के अनुसार, जम्मू और कश्मीर के लोगों के उनके मौलिक मानवाधिकारों, जिसमें आत्मनिर्णय का उनका अधिकार भी शामिल है, के लिए उनके न्यायपूर्ण संघर्ष में अपना पूरा समर्थन दोहराता है। यह भारत से जम्मू और कश्मीर के लोगों के मौलिक मानवाधिकारों का सम्मान करने का भी आग्रह करता है।' बयान में आगे कहा गया है, 'सचिवालय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार जम्मू और कश्मीर विवाद के अंतिम समाधान की जरूरत पर भी जोर देता है और इन प्रस्तावों को लागू करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपनी अपील दोहराता है।'
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ओआईसी की निष्पक्षता पर उठे सवाल
हालांकि, इस्लामी देशों के संगठन ने काबुल में पाकिस्तान के हमले, पाकिस्तान द्वारा अफगान क्रिकेटरों की हत्या और पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा बलूच लोगों पर अत्याचार जैसे कई मुद्दों पर चुप्पी साधे रखी। ओआईसी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ हाल के विरोध प्रदर्शनों पर भी मुंह नहीं खोला। गौरतलब है कि यूरोपीय लेखक और पश्चिम एशिया मामलों के विशेषज्ञ माइकल अरिजेंटी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (PoJK) में हो रही हत्याओं पर आंखें मूंदने के लिए इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) और अरब देशों की कड़ी आलोचना की थी।
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