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ब्रिटेन-फ्रांस की होर्मुज सुरक्षा मिशन: नाराज ईरान ने दी चेतावनी, कहा- एक भी कदम बढ़ा तो देंगे निर्णायक जवाब
Mon, 11 May 2026 03:53 AM IST
राकेश कुमार
एएनआई, तेहरान
एएनआई, तेहरान
Published by: राकेश कुमार
Updated Mon, 11 May 2026 03:53 AM IST
सार
होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा के नाम पर यूरोपीय देशों की सक्रियता ने ईरान को भड़का दिया है, जिससे क्षेत्र में सैन्य टकराव की आशंका बनी हुई है। दक्षिण कोरियाई जहाज पर हुए रहस्यमयी हमले ने वैश्विक तेल आपूर्ति के इस सबसे महत्वपूर्ण रास्ते को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। हालांकि, अब ईरान ने चेतावनी दे दी है। क्या है मामला? जानिए...
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काजेम गरीबाबादी, ईरान के उप विदेश मंत्री
- फोटो : @ANI
विस्तार
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने स्पष्ट शब्दों में ब्रिटेन और फ्रांस के उस साझा प्रयास का विरोध किया है, जिसका उद्देश्य युद्ध की समाप्ति के बाद इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना है। हाल के दिनों में फारस की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों ने इस तनाव को और हवा दे दी है।
ईरान ने दी चेतावनी
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सोशल मीडिया के माध्यम से संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में फ्रांसीसी और ब्रिटिश जहाजों की मौजूदगी को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना जाएगा। गरीबाबादी के अनुसार, यदि ये देश अमेरिका की किसी भी अवैध कार्रवाई में सहयोग करते हैं, और एक कदम भी बढ़ाते हैं तो ईरानी सशस्त्र बल इसका तत्काल और निर्णायक जवाब देंगे।
यह भी पढ़ें: जब ऑपरेशन सिंदूर से दहला था पाकिस्तान: अब हार के दिन भी मना रहा जीत का जश्न, शहबाज ने रचा मारका-ए-हक का पाखंड
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फ्रांस का पक्ष क्या है?
ईरान के कड़े रुख के बीच फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्थिति को स्पष्ट करने का प्रयास किया है। मैक्रों ने कहा कि यह कोई सैन्य तैनाती नहीं है। उन्होंने इसे एक अंतरराष्ट्रीय मिशन बताया, जिसका लक्ष्य हालात अनुकूल होने पर शिपिंग रूट को सुरक्षित करना है। हालांकि, क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बरकरार है।
अमेरिकी हस्तक्षेप पर लगी रोक
फारस की खाड़ी में बढ़ते हमलों के बीच अमेरिका ने भी व्यापारिक जहाजों को गाइड करने का अपना मिशन फिलहाल रोक दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की तेल आपूर्ति का सबसे संवेदनशील मार्ग है, जहां अब ईरान और पश्चिमी देशों की नौसेनाएं आमने-सामने खड़ी नजर आ रही हैं।
दक्षिण कोरियाई जहाज पर हमले का खुलासा
इस बीच, दक्षिण कोरिया ने पिछले सप्ताह अपने जहाज पर हुए हमले की जांच रिपोर्ट साझा की है। रिपोर्ट के मुताबिक, जब जहाज जलडमरूमध्य में खड़ा था, तब दो अज्ञात उड़ने वाली वस्तुओं ने एक मिनट के अंतराल पर उस पर हमला किया। इस हमले से जहाज में भीषण विस्फोट और आग लग गई थी। फिलहाल किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
अन्य वीडियो-
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ईरान ने दी चेतावनी
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सोशल मीडिया के माध्यम से संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में फ्रांसीसी और ब्रिटिश जहाजों की मौजूदगी को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना जाएगा। गरीबाबादी के अनुसार, यदि ये देश अमेरिका की किसी भी अवैध कार्रवाई में सहयोग करते हैं, और एक कदम भी बढ़ाते हैं तो ईरानी सशस्त्र बल इसका तत्काल और निर्णायक जवाब देंगे।
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फ्रांस का पक्ष क्या है?
ईरान के कड़े रुख के बीच फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्थिति को स्पष्ट करने का प्रयास किया है। मैक्रों ने कहा कि यह कोई सैन्य तैनाती नहीं है। उन्होंने इसे एक अंतरराष्ट्रीय मिशन बताया, जिसका लक्ष्य हालात अनुकूल होने पर शिपिंग रूट को सुरक्षित करना है। हालांकि, क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बरकरार है।
अमेरिकी हस्तक्षेप पर लगी रोक
फारस की खाड़ी में बढ़ते हमलों के बीच अमेरिका ने भी व्यापारिक जहाजों को गाइड करने का अपना मिशन फिलहाल रोक दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की तेल आपूर्ति का सबसे संवेदनशील मार्ग है, जहां अब ईरान और पश्चिमी देशों की नौसेनाएं आमने-सामने खड़ी नजर आ रही हैं।
दक्षिण कोरियाई जहाज पर हमले का खुलासा
इस बीच, दक्षिण कोरिया ने पिछले सप्ताह अपने जहाज पर हुए हमले की जांच रिपोर्ट साझा की है। रिपोर्ट के मुताबिक, जब जहाज जलडमरूमध्य में खड़ा था, तब दो अज्ञात उड़ने वाली वस्तुओं ने एक मिनट के अंतराल पर उस पर हमला किया। इस हमले से जहाज में भीषण विस्फोट और आग लग गई थी। फिलहाल किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
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