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ईरान विरोध-प्रदर्शन: अब तक चार बच्चों समेत 35 लोगों की मौत, 1200 लोग हिरासत में लिए गए; नहीं थम रहा संघर्ष

Tue, 06 Jan 2026 07:37 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान। Published by: ज्योति भास्कर Updated Tue, 06 Jan 2026 07:37 AM IST
सार

ईरान में सरकार के खिलाफ असंतोष और आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए चिंता गहराने लगी है। विरोध-प्रदर्शनों के दौरान अब तक कम से कम 35 लोगों की मौत हो चुकी है। अशांति फैलाने के आरोप में स्थानीय पुलिस और सुरक्षाबलों ने 1200 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

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Iran Economic protests violence death toll Update Demonstration over 250 locations in 27 provinces casualties
ईरान में व्यापक विरोध प्रदर्शन (सांकेतिक) - फोटो : Adobestock

विस्तार

ईरान के इलम प्रांत में अशांति और हिंसा के बीच 35 लोगों के मारे जाने की खबर है। विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के कारण जान गंवाने वाले लोगों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। सरकार के खिलाफ आक्रोश प्रकट करने के लिए सड़कों पर उतरे सैकड़ों लोगों को सुरक्षाबलों ने बीते एक हफ्ते के दौरान सलाखों के पीछे भी भेजा गया है। एक अमेरिकी एजेंसी का दावा है कि कानून-व्यवस्था के उल्लंघन के आरोप में अब तक 1200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। अमेरिकी एजेंसी- ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज के मुताबिक मारे गए लोगों में 29 प्रदर्शनकारी, चार बच्चे और ईरान के दो सुरक्षाबल शामिल हैं।

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ईरान में हो रहे विरोध-प्रदर्शन और बीते करीब एक हफ्ते से लगातार फैल रही अशांति के बीच ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड की करीबी समाचार एजेंसी- फार्स की तरफ से जारी सूचना के मुताबिक, प्रदर्शनों के दौरान जनाक्रोश की चपेट में आने वाले 250 पुलिस अधिकारी और IRG की स्वयंसेवी इकाई- बासिज के 45 जवान घायल हुए हैं। ईरान की सरकार ने हताहतों के बारे में समग्र आंकड़े जारी नहीं किए हैं।
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ईलम में जांच कराने का वादा
हिंसा के बाद उपजी वैश्विक चिंताओं के बीच सोमवार देर रात ईरान के राष्ट्रपति ने जांच का आश्वासन भी दिया। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने गृह मंत्रालय को निर्देश दिया है कि इलम प्रांत में हो रही घटनाओं की जांच के लिए विशेष दल गठित करें। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के 31 में 27 प्रांत जनाक्रोश का सामना कर रहे हैं। इन 27 प्रांतों की 250 से अधिक जगहों पर सरकार विरोधी प्रदर्शन रिपोर्ट किए गए हैं।
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क्या सुरक्षाबलों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां दागीं?
हिंसाग्रस्त इलाकों में हालात कितने चिंताजनक हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुरक्षाबलों को नागरिकों पर गोली चलाने के आदेश दिए जा चुके हैं। खबरों के मुताबिक ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 515 किलोमीटर दूर इलम प्रांत की मालेकशाही काउंटी में प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई है। ऑनलाइन प्रसारित कई वीडियो में सुरक्षाबलों को प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां दागते देखा गया है। 

अस्पताल में चिंताजनक घटना, सुरक्षाबल दंगा रोधी उपकरणों से लैस
राष्ट्रपति भवन की तरफ से जारी बयान में भी इलम प्रांत के अस्पताल में 'चिंताजनक घटना' को स्वीकार किया है। ऑनलाइन साझा किए गए वीडियो में सुरक्षाबलों को दंगा रोधी उपकरणों से लैस देखा गया है। खबरों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों की तलाश में बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को अस्पताल में तलाशी लेते देखा गया। 

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अमेरिका के बयान से उपजी चिंता
नागरिकों के दमन की खबरों के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि सामने आ रही घटनाएं चिंताजनक हैं। नागरिकों के खिलाफ अपराध को अंजाम दिया जा रहा है। ईरान के चिंताजनक हालात पर प्रतिक्रिया देते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिकी विदेश विभाग ने लिखा, 'अस्पतालों में घुसना, चिकित्सा कर्मचारियों को पीटना और घायलों पर आंसू गैस के अलावा गोला-बारूद से हमले करना मानवता के खिलाफ अपराध है। अस्पताल युद्धक्षेत्र नहीं हैं।'

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ट्रंप के बयान से आशंकित हैं लोग
बता दें कि ईरान के ग्रामीण क्षेत्र- इलम प्रांत में मुख्य रूप से देश के कुर्द और लूर जातीय समूहों के लोग रहते हैं। गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे इस प्रांत में हिंसा और अशांति कि खबरों के बीच अमेरिकी सरकार के बयान से भी चिंता पैदा हो रही है, क्योंकि यहां ट्रंप के हस्तक्षेप की संभावना है। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने गत शुक्रवार को ईरान को चेतावनी भरे लहजे में कहा था, 'अगर तेहरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ हिंसा और उनकी हत्याएं होती हैं, तो अमेरिका इन लोगों की मदद के लिए आगे आएगा।'

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