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Sunita Williams:अंतरिक्ष यान उड़ाने वाली पहली महिला बनीं सुनीता; करीब दो घंटे की ऑटो उड़ान के दौरान ऐसा किया

Thu, 06 Jun 2024 10:48 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: काव्या मिश्रा Updated Thu, 06 Jun 2024 10:48 AM IST
सार

Sunita Williams: भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स तीसरी बार अंतरिक्ष के लिए रवाना हुई हैं। वे स्टारलाइनर यान से अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन जाने वाली पहली अंतरिक्ष यात्री बनी हैं।

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Indian-origin astronaut Sunita Williams scripts history with NASA’s Boeing Starliner
भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स - फोटो : एक्स/नासा

विस्तार

बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान पर सवार होकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के रास्ते में अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके सहयोगी बुच विल्मोर ने उड़ान क्षमता (मैनुअल पायलटिंग) का परीक्षण भी किया। दोनों ने अंतरिक्ष यान के सदस्यों के तौर पर अपने हाथों में इसका नियंत्रण लेकर इतिहास रच दिया है।

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ऐसा करने वाली सुनीता पहली महिला बन गई हैं। यद्यपि अंतरिक्ष यान आमतौर पर ऑटो होता है, लेकिन चालक दल ने करीब दो घंटे की ऑटो उड़ान के दौरान यान को खुद से नियंत्रण में लिया। उन्होंने स्टारलाइनर को पृथ्वी की ओर किया ताकि सेवा मॉड्यूल के पीछे इसका संचार एंटीना ट्रैकिंग और डाटा रिले उपग्रहों की ओर हो सके। इसके बाद उन्होंने यान को इस तरह से घुमाया कि उसका सूर्य की ओर घुमाव हो ताकि जरूरत पड़ने पर वे आंतरिक बैटरी को चार्ज कर सकें।  
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कवायद के कई कारण
इस पूरी कवायद का उद्देश्य यह दिखाना था कि यदि तीनों उड़ान कंप्यूटर एक ही समय में बंद हो जाएं तो वे अंतरिक्ष में काम कर सकते हैं। उन्होंने मैन्युअली यान की गति बढ़ाई और फिर इसे धीमा किया, ताकि जरूरी हो तो क्रू दल खुद ही अंतरिक्ष स्टेशन की कक्षा से अलग हो सके।
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 मस्क के स्टारशिप का चौथी बार में सफल परीक्षण, धरती पर लौटा
दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट स्टारशिप का चौथा परीक्षण सफल रहा। इसे बृहस्पतिवार को टेक्सास के बोका चिका से शाम 6:20 बजे लॉन्च किया गया। परीक्षण के दौरान इसे अंतरिक्ष में ले जाने के बाद वापस पृथ्वी पर लाया गया और हिंद महासागर में कामयाब लैंडिंग कराई गई। इससे पहले तीन बार इसका परिक्षण विफल हो चुका था। यह मिशन एक घंटे पांच मिनट 48 सेकंड का था। परीक्षण का मुख्य मकसद यह देखना था कि स्टारशिप पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश के दौरान बच पाता है कि नहीं। स्टारशिप को बनाने वाली अरबपति कारोबारी एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने सोशल मीडिया पर लिखा, पानी में लैंडिंग सफल रहा। परीक्षण के लिए टीम को बधाई। एजेंसी

ऐसा करने वाली दुनिया की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री बनीं
बताया गया है कि बोइंग स्टारलाइनर यान की उड़ान में कई बार, कई वजहों से दरी हुई। आखिरकार, फ्लोरिडा के केप कैनवेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से इस यान की रवानगी हुई। इस तरह के मिशन पर जाने वाली सुनीता विलियम्स दुनिया की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री बन गईं हैं। मई 1987 में सुनीते ने अमेरिका की नौसेना अकादमी से प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद वे अमेरिका की नौसेना से जुड़ीं थीं। 1998 में उन्हें नासा द्वारा अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया था। इससे पहले वर्ष 2006 और वर्ष 2012 में सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष अभियानों का हिस्सा बन चुकीं हैं।

 

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