Indonesia: भारत-इंडोनेशिया सैन्य वार्ता संपन्न, दोनों देशों ने क्षेत्रीय शांति के लिए दोहराई प्रतिबद्धता
Indonesia: भारत और इंडोनेशिया 11वीं सैन्य वार्ता का बाली में समापन हुआ। इसमें द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने और क्षेत्रीय शांति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में संयुक्त सैन्य अभ्यास, मनोवैज्ञानिक अभियानों और युद्ध प्रशिक्षण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने रक्षा उद्योग और समुद्री सुरक्षा में साझेदारी बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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भारत और इंडोनेशिया के बीच बाली में सैन्य स्तर की 11वीं वार्ता संपन्न हुई। यह 8 से 10 जुलाई 2025 तक आयोजित हुई थी। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए मजबूत साझेदारी पर जोर दिया। भारतीय सेना के जनसंपर्क निदेशालय ने एक्स पर इस बारे में जानकारी साझा की। इसमें बताया गया कि दोनों देशों की सेनाओं ने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय अभ्यासों, मनोवैज्ञानिक अभियानों और जंगल व पहाड़ों में युद्ध प्रशिक्षण जैसे विषयों पर चर्चा की।
इस साल की शुरुआत में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो ने भारत का दौरा किया था और 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान रक्षा सहयोग के क्षेत्र में कई अहम फैसले लिए गए थे। भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा सहयोग समझौते (डीसीए) की मंजूरी का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध और गहरे होंगे। दोनों देशों की सेनाओं के बीच रणनीतिक और परिचालन स्तर पर सहयोग को लेकर संतोष भी जताया गया। इस सहयोग में भारत-इंडोनेशिया समन्वित गश्त जैसी द्विवार्षिक गतिविधियां, सैन्य अभ्यास 'गरुड़ शक्ति', नौसेना अभ्यास 'समुद्र शक्ति' और 'मिलन', 'कोमोडो', 'तरंग शक्ति', 'सुपर गरुड़ शील्ड' जैसे बहुपक्षीय अभ्यास शामिल हैं।
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राष्ट्रपति प्रबोवो ने भारत के साथ घरेलू रक्षा निर्माण क्षमताओं को बढ़ाने में सहयोग की इच्छा भी जताई थी। भारत ने इंडोनेशिया के रक्षा आधुनिकीकरण कार्यक्रमों में सहायता देने के लिए अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा करने पर सहमति जताई थी।
दोनों देशों ने रक्षा उद्योग में सहयोग को बढ़ाने के लिए संयुक्त रक्षा सहयोग समिति (जेडीसीसी) का उपयोग करने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने की भी बात हुई, ताकि समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हाल के महीनों में भारत-इंडोनेशिया के बीच कई उच्च स्तरीय मुलाकातें हुई हैं। मलयेशिया में आयोजित आसियान के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत के विदेश राज्यमंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो से भेंट की थी।
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ब्रिक्स में शामिल होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इंडोनेशिया के राष्ट्रपति का स्वागत किया। जून में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्वीडन में इंडोनेशिया के चुनाव आयोग के प्रमुख से मुलाकत की थी। 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने भी इंडोनेशिया में कई अहम बैठकें कीं, जिनमें वहां के उप विदेश मंत्री से मुलाकात शामिल थी। इसके अलावा मई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इंडोनेशिया के संस्कृति मंत्री फदली जॉन से 'वेव्स 2025' सम्मेलन के दौरान मुलाकात की थी।
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