फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Cambodian lawmakers pass constitutional amendment allowing government to revoke citizenship

Cambodia: कंबोडिया में सरकार को मिलेगा नागरिकता रद्द करने का अधिकार, संसद ने पारित किया संविधान संशोधन

Fri, 11 Jul 2025 05:45 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, फ्नोम पेन्ह।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, फ्नोम पेन्ह। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 11 Jul 2025 05:45 PM IST
सार

Cambodia: कंबोडिया की संसद ने एक संविधान संशोधन पारित किया है, जिससे सरकार को अब देश विरोधी साजिश रचने वालों की नागरिकता रद्द करने का अधिकार मिल जाएगा। प्रधानमंत्री हुन मानेट ने इसे देश की सुरक्षा के लिए ज़रूरी बताया, जबकि आलोचकों ने इसे विपक्ष और आलोचकों को दबाने की कोशिश कहा।

विज्ञापन
Cambodian lawmakers pass constitutional amendment allowing government to revoke citizenship
कंबोडिया की संसद - फोटो : एक्स/हुन मानेट

विस्तार

कंबोडिया की संसद ने शुक्रवार को एक संविधान संशोधन को पारित किया, जो सरकार को उन लोगों की नागरिकता रद्द करने का अधिकार देगा जो विदेशी ताकतों से मिलकर देश के हितों को नुकसान पहुंचाने के दोषी पाए जाएंगे। 125 सदस्यीय नेशनल असेंबली ने सर्वसम्मति से संविधान के अनुच्छेद 33 में संशोधन को मंजूरी दी। इस बदलाव के बाद सरकार अब ऐसा कानून बना सकेगी जो पहली बार किसी व्यक्ति की नागरिकता को रद्द करने की अनुमति देगा।

विज्ञापन


प्रधानमंत्री हुन मानेट के समर्थकों की ओर से लाए गए इस कानून को आलोचकों ने सरकार के विरोधियों को दबाने और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को खत्म करने की कोशिश बताया है। यह कानून उन लोगों पर भी लागू होगा जो जन्म से कंबोडियाई नागरिक हैं, दोहरी नागरिकता रखते हैं या जिन्हें विदेशी होते हुए भी कंबोडियाई नागरिकता दी गई है। सरकार के कुछ आलोचक और विपक्षी नेता दोहरी नागरिकता वाले माने जाते हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: अमेरिकी विदेश विभाग में छंटनी की तैयारी, जल्द जारी होंगे कर्मचारियों को नोटिस
विज्ञापन
विज्ञापन


कंबोडिया के न्याय मंत्री कोएउत रिथ ने कहा कि सरकार जल्द ही ऐसा कानून तैयार करेगी, जिससे देशद्रोह या विदेशी ताकतों से सांठगांठ करने वाले किसी भी व्यक्ति की नागरिकता रद्द की जा सकेगी। उन्होंने दावा किया कि कुछ कंबोडियाई नागरिकों ने एक अन्य देश के साथ मिलकर अपने देश को नुकसान पहुंचाया है। उनकी यह टिप्पणी 28 मई को कंबोडिया और थाईलैंड की सेनाओं के बीच सीमा विवाद में हुई झड़प की ओर इशारा करती है, जिसमें एक कंबोडियाई सैनिक मारा गया था।


थाईलैंड की सांविधानिक अदालत ने हाल ही में प्रदानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा को एक ऑडियो लीक को लेकर निलंबित कर दिया, जिसमें उन्हें कंबोडियाई सीनेट के अध्यक्ष हुन सेन के साथ सीमा विवाद पर चर्चा करते सुना गया था। हुन सेन प्रधानमंत्री हुन मानेट के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री हैं। इस लीक कॉल के बाद थाईलैंड में राजनीतिक उथल-पुथल मच गई और प्रधानमंत्री शिनावात्रा की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने लगे।

ये भी पढ़ें: बांग्लादेश में एक साल में करीब ढाई हजार सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं, अल्पसंख्यक निकाय का दावा

पिछले महीने कंबोडिया ने हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय से सीमा विवाद को सुलझाने की अपील की थी, जिसमें कई प्राचीन मंदिर स्थल शामिल हैं। संविधान संशोधन उस समय आया, जब हुन सेन ने न्याय मंत्रालय से सरकार की आलोचना करने वालों के खिलाफ कानूनी विकल्प तलाशने को कहा। हुन सेन और हुन मानेट दोनों ने इस बदलाव को आवश्यक बताया और कहा कि दुनिया के कई देशों, जिनमें अमेरिका भी शामिल है, में ऐसे कानून मौजूद हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed