फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   India has already started winding down purchases of Russian energy products: USTR

USTR: 'रूस से दूरी, अमेरिका से नजदीकी', अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने कहा- भारत ने ऊर्जा खरीद में बदला रुख

Wed, 11 Feb 2026 01:08 AM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 11 Feb 2026 01:08 AM IST
सार

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने मंगलवार को कहा कि भारत ने रूसी तेल की खरीद को कम करना शुरू कर दिया है और नई दिल्ली अमेरिका और अन्य स्रोतों से ऊर्जा की खरीद को फिर से बढ़ा रही है। इसके साथ ही उन्होंने भारत को चीन के विकल्प के तौर पर 'सप्लाई चेन का वे-स्टेशन' बताया।

विज्ञापन
India has already started winding down purchases of Russian energy products: USTR
जैमीसन ग्रीर, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) के प्रमुख जैमीसन ग्रीर ने कहा है कि भारत ने रूस से तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की खरीद धीरे-धीरे कम करनी शुरू कर दी है। इसके साथ ही भारत अब अमेरिका और अन्य देशों से ऊर्जा की खरीद बढ़ा रहा है। जैमीसन ग्रीर ने यह बात एक न्यूज चैनल को दिए एक इंटरव्यू में कही। उन्होंने बताया कि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें दोनों देशों ने अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति जताई।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Pakistan: 'अमेरिका ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह किया इस्तेमाल', पाकिस्तानी संसद में छलका ख्वाजा आसिफ का दर्द
विज्ञापन


रूस से तेल क्यों खरीदा जा रहा था?
ग्रीर के मुताबिक, यूक्रेन-रूस युद्ध (2022) से पहले भारत रूस से ज्यादा तेल नहीं खरीदता था। लेकिन युद्ध के बाद रूस ने सस्ता तेल बेचना शुरू किया, जिससे भारत ने बड़ी मात्रा में रूसी तेल खरीदा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत उस तेल को रिफाइन करके यूरोप को बेच रहा था, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था को मदद मिल रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


अमेरिका का बड़ा फैसला
अमेरिका ने भारत की इस नई प्रतिबद्धता को देखते हुए भारत से आने वाले सामान पर लगने वाला 25% अतिरिक्त टैरिफ हटाने पर सहमति जताई है।

व्यापार समझौते की अहम बातें
भारत ने डिजिटल सर्विस टैक्स में कटौती शुरू कर दी है और इसके साथ ही कई औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम या खत्म किए जाएंगे। वहीं अमेरिका से भारत तेल, गैस, विमान, तकनीक और कोकिंग कोल खरीदेगा और अगले 5 साल में भारत करीब 500 अरब डॉलर की अमेरिकी खरीद करने की योजना बना रहा है।

यह भी पढ़ें - Venezuela: वेनेजुएला के विपक्षी नेता जुआन पाब्लो जेल से रिहा होने के बाद नजरबंद, बेटे ने दी जानकारी

चीन के विकल्प के रूप में भारत
जैमीसन ग्रीर ने भारत को चीन के विकल्प के तौर पर 'सप्लाई चेन का वे-स्टेशन' बताया। उनके मुताबिक भारत के पास बड़ा कार्यबल और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता है, कई अमेरिकी कंपनियां चीन से बाहर निकलकर भारत की ओर देख रही हैं। हालांकि अमेरिका चाहता है कि अमेरिकी मजदूर और मैन्युफैक्चरिंग को प्राथमिकता मिले। ग्रीर ने कहा कि यह समझौता लंबे समय तक असर डालने वाला साबित होगा और भारत-अमेरिका व्यापार रिश्तों को नई दिशा देगा।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed