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व्हाट्सएप यूजरनेम: 'नए फीचर से नहीं हो सकेगी पहचान की चोरी', सरकार की रोक के बाद मेटा की सफाई; जानें सबकुछ
Wed, 01 Jul 2026 11:45 PM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 01 Jul 2026 11:45 PM IST
सार
भारत सरकार ने साइबर अपराध और फिशिंग के बढ़ते खतरे को देखते हुए व्हाट्सएप के नए यूजरनेम फीचर के रोलआउट पर फिलहाल रोक लगा दी है। केंद्र ने मेटा से सुरक्षा उपायों पर तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है, जबकि कंपनी ने फीचर को सुरक्षित बताया है।
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व्हाट्सएप
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत सरकार ने व्हाट्सएप के नए 'यूजरनेम' फीचर के रोलआउट पर फिलहाल रोक लगा दी है। सरकार को डर है कि इस फीचर से साइबर अपराध, फिशिंग और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी घटनाओं में तेजी आ सकती है। केंद्र सरकार ने मेटा को नोटिस भेजकर तीन दिनों के भीतर इस पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।
सरकार को साइबर अपराध का डर
आईटी मंत्रालय का मानना है कि यूजरनेम फीचर की मदद से जालसाज सरकारी एजेंसियों, बैंकों या मशहूर हस्तियों के नाम से मिलते-जुलते अकाउंट बना सकते हैं। इससे लोगों की पहचान चोरी करना और उन्हें ठगना आसान हो जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि जब तक वह सुरक्षा उपायों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाती, तब तक भारत में यह फीचर रोलआउट नहीं होगा। सरकार ने मेटा से पूछा है कि उन पर आईटी अधिनियम के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए।
व्हाट्सएप ने क्या कहा?
विवाद के बीच व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने कहा कि यह फीचर प्राइवेसी को मजबूत करने के लिए बनाया गया है। कंपनी ने बताया कि धोखाधड़ी रोकने के लिए कई सुरक्षा चक्र तैयार किए गए हैं। व्हाट्सएप ने सरकारी संस्थाओं, मशहूर हस्तियों और बड़े ब्रांड्स के नाम पहले ही सुरक्षित (रिजर्व) कर लिए हैं, ताकि कोई उनका गलत इस्तेमाल न कर सके।
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सुरक्षा के लिए कंपनी ने नियम बनाया है कि किसी को मैसेज भेजने के लिए उसका सटीक यूजरनेम पता होना जरूरी होगा। साथ ही, अगर कोई अनजान व्यक्ति यूजरनेम के जरिए मैसेज भेजता है, तो व्हाट्सएप यूजर को बताएगा कि वह अकाउंट नया है, किसी दूसरे देश का है या आपके बीच कोई कॉमन ग्रुप है।
ये भी पढ़ें: व्हाट्सएप यूजरनेम फीचर पर सरकार सख्त: मेटा को नोटिस भेजकर तीन दिन में मांगा जवाब, रोल आउट पर लगाई रोक
कैसे काम करेगा यह नया फीचर?
इस फीचर के आने के बाद लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने के लिए मोबाइल नंबर देने की जरूरत नहीं होगी। यूजरनेम अधिकतम 35 अक्षरों का हो सकता है। यह पूरी तरह वैकल्पिक होगा और यूजर इसे कभी भी बदल या हटा सकेंगे। शुरुआत में यह सुविधा सिर्फ मोबाइल ऐप पर मिलेगी। व्हाट्सएप का कहना है कि वह इस साल के अंत तक इसे धीरे-धीरे रोलआउट करने की योजना बना रहा है।
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सरकार को साइबर अपराध का डर
आईटी मंत्रालय का मानना है कि यूजरनेम फीचर की मदद से जालसाज सरकारी एजेंसियों, बैंकों या मशहूर हस्तियों के नाम से मिलते-जुलते अकाउंट बना सकते हैं। इससे लोगों की पहचान चोरी करना और उन्हें ठगना आसान हो जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि जब तक वह सुरक्षा उपायों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाती, तब तक भारत में यह फीचर रोलआउट नहीं होगा। सरकार ने मेटा से पूछा है कि उन पर आईटी अधिनियम के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए।
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व्हाट्सएप ने क्या कहा?
विवाद के बीच व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने कहा कि यह फीचर प्राइवेसी को मजबूत करने के लिए बनाया गया है। कंपनी ने बताया कि धोखाधड़ी रोकने के लिए कई सुरक्षा चक्र तैयार किए गए हैं। व्हाट्सएप ने सरकारी संस्थाओं, मशहूर हस्तियों और बड़े ब्रांड्स के नाम पहले ही सुरक्षित (रिजर्व) कर लिए हैं, ताकि कोई उनका गलत इस्तेमाल न कर सके।
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A WhatsApp spokesperson says, “We’ve announced the option for people to reserve their preferred username on WhatsApp. The ability to use a username is not yet live and will roll out slowly later this year. To protect against impersonation, we’ve held the highest-profile names —… pic.twitter.com/fG0xmtEthl
— ANI (@ANI) July 1, 2026
सुरक्षा के लिए कंपनी ने नियम बनाया है कि किसी को मैसेज भेजने के लिए उसका सटीक यूजरनेम पता होना जरूरी होगा। साथ ही, अगर कोई अनजान व्यक्ति यूजरनेम के जरिए मैसेज भेजता है, तो व्हाट्सएप यूजर को बताएगा कि वह अकाउंट नया है, किसी दूसरे देश का है या आपके बीच कोई कॉमन ग्रुप है।
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कैसे काम करेगा यह नया फीचर?
इस फीचर के आने के बाद लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने के लिए मोबाइल नंबर देने की जरूरत नहीं होगी। यूजरनेम अधिकतम 35 अक्षरों का हो सकता है। यह पूरी तरह वैकल्पिक होगा और यूजर इसे कभी भी बदल या हटा सकेंगे। शुरुआत में यह सुविधा सिर्फ मोबाइल ऐप पर मिलेगी। व्हाट्सएप का कहना है कि वह इस साल के अंत तक इसे धीरे-धीरे रोलआउट करने की योजना बना रहा है।