फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Google gets a big setback in the case against Epic Games, the court called the Play Store an illegal monopoly

Google: एपिक गेम्स के खिलाफ केस में गूगल को बड़ा झटका, कोर्ट ने प्ले स्टोर को बताया अवैध एकाधिकार

Sat, 02 Aug 2025 06:04 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सान फ्रांसिस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सान फ्रांसिस्को Published by: शुभम कुमार Updated Sat, 02 Aug 2025 06:04 AM IST
सार

गूगल को फोर्टनाइट निर्माता एपिक गेम्स के साथ चली एंटीट्रस्ट लड़ाई में अपील कोर्ट से करारी हार मिली है। नौवीं सर्किट अपील कोर्ट ने ज्यूरी के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें गूगल के प्ले स्टोर को अवैध एकाधिकार करार दिया गया। अब कोर्ट ने उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प देने के लिए गूगल पर विघटनकारी बदलाव लागू करने का रास्ता साफ कर दिया है।

विज्ञापन
Google gets a big setback in the case against Epic Games, the court called the Play Store an illegal monopoly
कोर्ट का फैसला - फोटो : FreePik

विस्तार

दिग्गज प्रौद्योगिकी व सर्च इंजन कंपनी गूगल ने फोर्टनाइट निर्माता के साथ अविश्वास प्रस्ताव की लड़ाई में अपनी अपील खो दी है। एक संघीय अपील न्यायालय ने ज्यूरी के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें गूगल के एंड्रॉयड एप स्टोर को अवैध एकाधिकार करार दिया गया। इस फैसले से संघीय न्यायाधीश के लिए उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प देने के उद्देश्य से विघटनकारी बदलाव लागू करने का रास्ता अब साफ हो गया है।

विज्ञापन


नौवीं सर्किट अपील कोर्ट द्वारा जारी सर्वसम्मत फैसला गूगल के लिए दोहरा कानूनी झटका है, जिसे 3 एंटीट्रस्ट (भ्रष्टाचार-रोधी) केस में रोका गया। इसके परिणामस्वरूप 2023 के अंत से उसके इंटरनेट साम्राज्य के विभिन्न स्तंभों को दबंग और कानून तोड़ने वाले एकाधिकार घोषित किया गया।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- अफगानिस्तान: IS-खुरासान से यूरोप-अमेरिका को गंभीर खतरा; UN के विशेषज्ञों की यूएनएससी को सौंपी रिपोर्ट में दावा
विज्ञापन
विज्ञापन


गूगल की यह नाकाम अपील वीडियो गेम निर्माता एपिक गेम्स के लिए एक बड़ी जीत है, जिसने लगभग पांच साल पहले एंड्रॉयड एप्स के लिए गूगल के प्ले स्टोर और एपल के आईफोन एप स्टोर को निशाना बनाकर एक कानूनी अभियान शुरू किया। इसका उद्देश्य उन विशेष भुगतान प्रसंस्करण प्रणालियों को दरकिनार करना था जो इन-एप लेनदेन पर 15 से 30 प्रतिशत कमीशन लेती थीं। इस फैसले के तहत अमेरिकी जिला जज जेम्स डोनाटो ने गूगल को प्ले स्टोर को प्रतिस्पर्धा से बचाने वाली डिजिटल दीवारों को गिराने का आदेश दिया। 

ये भी पढ़ें:- मृत या गतिशील अर्थव्यवस्था: ट्रंप के बयान के बाद भारत को लेकर नई बहस; अमेरिकी विशेषज्ञ खुद खोल रहे दावे की पोल

एप स्टोर आलोचना, नाकामी
दिसंबर 2023 में ज्यूरी द्वारा एंड्रॉयड-संचालित स्मार्टफोन के लिए गूगल के एप स्टोर की आलोचना के बाद से नाकामियों का सिलसिला शुरू हो गया है। इस नाकामी में पिछले साल कंपनी के सर्वव्यापी सर्च इंजन और इस साल की शुरुआत में इसके डिजिटल  विज्ञापन नेटवर्क की अंतर्निहित तकनीक के खिलाफ एकाधिकार संबंधी फैसले भी शामिल हैं। एक माह की सुनवाई में 9 सदस्यों वाली ज्यूरी ने निष्कर्ष निकाला कि गूगल ने वैकल्पिक एप स्टोर्स को उपभोक्ताओं और सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के साथ बेहतर सौदे  देने से रोकने के लिए अपने सिस्टम में हेराफेरी की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed