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पूर्व राजकुमार एंड्रयू तलब: 156 वर्षों में कोर्ट का समन पाने वाले पहले शाही सदस्य बने; क्या है पूरा मामला?

Wed, 04 Nov 2026 10:47 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, लंदन।
पीटीआई, लंदन। Published by: राकेश कुमार Updated Wed, 04 Nov 2026 10:47 PM IST
सार

लंदन के हाई कोर्ट ने तुर्की की एक महिला से जुड़े सिविल धोखाधड़ी के मामले में पूर्व राजकुमार एंड्रयू को गवाह के तौर पर समन जारी किया है, जो पिछले 156 वर्षों में किसी ब्रिटिश शाही सदस्य के लिए पहला ऐसा मौका है। यह मामला 2019 में उनके खाते में ट्रांसफर किए गए 7.5 लाख पाउंड (10 लाख डॉलर) के संदिग्ध भुगतान से जुड़ा है, जिसे उन्होंने 2021 में लौटा दिया था। राजा चार्ल्स तृतीय द्वारा प्रिंस की उपाधि छीने जाने के बाद एंड्रयू पहले से ही जेफरी एप्स्टीन मामले की पुलिस जांच का सामना कर रहे हैं।
 

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ex prince andrew witness summons civil fraud case
पूर्व राजकुमार को कोर्ट का समन - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

ब्रिटेन की अदालत से एक बेहद दुर्लभ फैसला सामने आया है। लंदन के हाई कोर्ट ने पूर्व ब्रिटिश राजकुमार एंड्रयू (अब एंड्रयू माउंटबैटन-विंडसर) को एक सिविल धोखाधड़ी के मामले में गवाह के तौर पर गवाही देने के लिए समन जारी किया है। यह पिछले 156 वर्षों में पहला ऐसा मौका है जब ब्रिटिश शाही परिवार के किसी सदस्य को अदालत का गवाही समन भेजा गया है।हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि एंड्रयू के पास इस समन को रद्द कराने के लिए अदालत में आवेदन देने का अधिकार है। इसलिए अभी यह पूरी तरह तय नहीं है कि वे कटघरे में खड़े होकर गवाही देंगे ही या नहीं।
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धोखाधड़ी का यह मामला क्या है?
यह पूरा विवाद तुर्की की नागरिक नेबाहात एवयाप इसबिलेन द्वारा दायर किए गए एक मुकदमे से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके पूर्व वित्तीय सलाहकार सलमान तुर्क ने उनके करोड़ों पाउंड (लाखों डॉलर) हड़प लिए।
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पीड़ित महिला का आरोप है कि सलाहकार सलमान तुर्क ने उन्हें गुमराह करके साल 2019 में एंड्रयू के खाते में 7,50,000 पाउंड (लगभग 10 लाख डॉलर) ट्रांसफर करवाए थे। एंड्रयू इस धोखाधड़ी के मुकदमे में सीधे तौर पर आरोपी या पक्षकार नहीं हैं। विवाद सामने आने के बाद उन्होंने साल 2021 में ही यह पूरा पैसा वापस लौटा दिया था। वहीं, आरोपी सलाहकार सलमान तुर्क का दावा है कि पीड़ित महिला ने खुद एंड्रयू के शाही संपर्कों का इस्तेमाल करने के लिए यह रकम दी थी, जिससे साल 2015 से तुर्की में जेल में बंद उनके पति को छुड़ाने में मदद मिल सके।
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156 साल पहले शाही परिवार का कौन सा सदस्य कोर्ट में पेश हुआ था?
ब्रिटिश न्यायपालिका के इतिहास में किसी शाही सदस्य को कोर्ट में समन भेजना एक अत्यंत दुर्लभ घटना है। कानूनी जानकारों के मुताबिक, इससे पहले आखिरी बार साल 1870 में ब्रिटिश शाही परिवार के किसी सदस्य को गवाही का समन मिला था। उस समय तत्कालीन प्रिंस ऑफ वेल्स (जो बाद में राजा एडवर्ड सप्तम बने) को एक हाई-प्रोफाइल तलाक के मुकदमे में गवाही के लिए बुलाया गया था। उन्होंने उस समय अदालत के समन को स्वीकार किया था और कोर्ट में पेश होकर अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया था।

पूर्व राजकुमार एंड्रयू की अन्य कानूनी मुश्किलें क्या हैं?
राजा चार्ल्स तृतीय के छोटे भाई एंड्रयू माउंटबैटन-विंडसर पहले से ही कई गंभीर आरोपों और कानूनी विवादों का सामना कर रहे हैं। कुख्यात अमरीकी अपराधी जेफरी एप्स्टीन के साथ उनके संबंधों को लेकर ब्रिटिश पुलिस की कई एजेंसियां जांच कर रही हैं। एप्स्टीन यौन शोषण कांड से शाही परिवार की छवि को बचाने के लिए राजा चार्ल्स तृतीय ने साल 2025 के अंत में एंड्रयू से उनकी 'प्रिंस' की आधिकारिक उपाधि छीन ली थी। वहीं, अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा एप्स्टीन जांच से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने के बाद से ब्रिटेन की जांच एजेंसियों ने एंड्रयू के खिलाफ नए सिरे से जांच शुरू कर दी है।
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