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'48 घंटे में स्थिति होगी साफ': अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का दावा; क्या होर्मुज पर ईरान से होने वाली है डील?
Wed, 05 Aug 2026 09:05 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, कैलिफोर्निया।
एएनआई, कैलिफोर्निया।
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 05 Aug 2026 09:05 PM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने खुद अमेरिका से बातचीत की पहल की है और अगले 48 घंटों में स्थिति साफ हो जाएगी। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा और होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द खोला जाएगा। ट्रंप ने क्या-क्या कहा? जानिए...
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने खुद अमेरिका से संपर्क किया है और दोनों देशों के बीच बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि अगले 48 घंटे बेहद अहम होंगे और इसी दौरान साफ हो जाएगा कि दोनों देशों के बीच समझौता होता है या नहीं।
ट्रंप ने यह बयान लॉस एंजिल्स से लास वेगास जाते समय पत्रकारों से बातचीत में दिया। उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे लगातार बातचीत चल रही है और हालात सही दिशा में बढ़ रहे हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के लिए समझौता करना ही सबसे अच्छा विकल्प होगा।
क्या ईरान ने बातचीत की इच्छा जताई?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद अमेरिका से संपर्क किया है और बातचीत की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हो चुकी है और अब अगले दो दिन पूरी दुनिया के लिए अहम साबित हो सकते हैं। ट्रंप का दावा है कि जल्द ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
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होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई होती है। बताया जा रहा है कि जुलाई में अमेरिका और ईरान के बीच हुआ 14 सूत्रीय समझौता टूटने के बाद इस समुद्री मार्ग को लेकर तनाव काफी बढ़ गया था। अब अमेरिका, ईरान और ओमान मिलकर एक अंतरिम समझौते पर काम कर रहे हैं ताकि इस समुद्री रास्ते को फिर से सुरक्षित तरीके से खोला जा सके।
यह भी पढ़ें: रनवे के पास मिला विस्फोटक ड्रोन: जर्मनी के एयरपोर्ट पर अफरातफरी की स्थिति, क्या बड़ी तबाही की थी तैयारी?
ट्रंप ने क्या चेतावनी दी?
बातचीत की संभावना जताने के साथ-साथ ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देगा। ट्रंप ने कहा कि जल्द ही इस बात को औपचारिक समझौते का हिस्सा बनाया जाएगा कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा।
उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी सख्त रुख दिखाया। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह समुद्री मार्ग हर हाल में खोला जाएगा। अगर ईरान सहयोग करता है तो शांति से समाधान निकलेगा, लेकिन यदि उसने अड़चन पैदा की तो अमेरिका कड़ी सैन्य कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेगा।
चुनावी दौरे के दौरान दिया बयान
अमेरिका में नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के मद्देनजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चुनाव प्रचार कर रहे हैं। इस दौरान वह अपनी आर्थिक नीतियों और 'वर्किंग फैमिलीज टैक्स कट' जैसी योजनाओं को भी प्रमुखता से उठा रहे हैं।
क्या है पूरी तस्वीर?
फिलहाल संकेत यही हैं कि पिछले महीने टूटी बातचीत को ओमान की मध्यस्थता से दोबारा शुरू करने की कोशिश हो रही है। ट्रंप का दावा है कि ईरान बातचीत के लिए आगे आया है और अगले 48 घंटे इस पूरी प्रक्रिया का भविष्य तय कर सकते हैं। यदि समझौता हो जाता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव कम हो सकता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को राहत मिल सकती है। हालांकि, यदि वार्ता विफल रहती है तो क्षेत्र में तनाव और सैन्य टकराव का खतरा भी बढ़ सकता है।
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ट्रंप ने यह बयान लॉस एंजिल्स से लास वेगास जाते समय पत्रकारों से बातचीत में दिया। उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे लगातार बातचीत चल रही है और हालात सही दिशा में बढ़ रहे हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के लिए समझौता करना ही सबसे अच्छा विकल्प होगा।
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क्या ईरान ने बातचीत की इच्छा जताई?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद अमेरिका से संपर्क किया है और बातचीत की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हो चुकी है और अब अगले दो दिन पूरी दुनिया के लिए अहम साबित हो सकते हैं। ट्रंप का दावा है कि जल्द ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
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होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई होती है। बताया जा रहा है कि जुलाई में अमेरिका और ईरान के बीच हुआ 14 सूत्रीय समझौता टूटने के बाद इस समुद्री मार्ग को लेकर तनाव काफी बढ़ गया था। अब अमेरिका, ईरान और ओमान मिलकर एक अंतरिम समझौते पर काम कर रहे हैं ताकि इस समुद्री रास्ते को फिर से सुरक्षित तरीके से खोला जा सके।
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ट्रंप ने क्या चेतावनी दी?
बातचीत की संभावना जताने के साथ-साथ ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देगा। ट्रंप ने कहा कि जल्द ही इस बात को औपचारिक समझौते का हिस्सा बनाया जाएगा कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा।
उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी सख्त रुख दिखाया। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह समुद्री मार्ग हर हाल में खोला जाएगा। अगर ईरान सहयोग करता है तो शांति से समाधान निकलेगा, लेकिन यदि उसने अड़चन पैदा की तो अमेरिका कड़ी सैन्य कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेगा।
चुनावी दौरे के दौरान दिया बयान
अमेरिका में नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के मद्देनजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चुनाव प्रचार कर रहे हैं। इस दौरान वह अपनी आर्थिक नीतियों और 'वर्किंग फैमिलीज टैक्स कट' जैसी योजनाओं को भी प्रमुखता से उठा रहे हैं।
क्या है पूरी तस्वीर?
फिलहाल संकेत यही हैं कि पिछले महीने टूटी बातचीत को ओमान की मध्यस्थता से दोबारा शुरू करने की कोशिश हो रही है। ट्रंप का दावा है कि ईरान बातचीत के लिए आगे आया है और अगले 48 घंटे इस पूरी प्रक्रिया का भविष्य तय कर सकते हैं। यदि समझौता हो जाता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव कम हो सकता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को राहत मिल सकती है। हालांकि, यदि वार्ता विफल रहती है तो क्षेत्र में तनाव और सैन्य टकराव का खतरा भी बढ़ सकता है।