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रनवे के पास मिला विस्फोटक ड्रोन: जर्मनी के एयरपोर्ट पर अफरातफरी की स्थिति, क्या बड़ी तबाही की थी तैयारी?
Wed, 05 Aug 2026 08:22 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, बर्लिन।
पीटीआई, बर्लिन।
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 05 Aug 2026 08:22 PM IST
सार
लिपजिग एयरपोर्ट पर विस्फोटक ड्रोन मिलने से जर्मनी की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। समय रहते ड्रोन को निष्क्रिय कर बड़ा हादसा टाल दिया गया। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह किसी बड़े हमले की तैयारी थी या सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था की परीक्षा लेने की कोशिश?
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जर्मनी के लीपजिग एयरपोर्ट पर सुरक्षा में बड़ी चूक
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
जर्मनी के लीपजिग-हाले एयरपोर्ट पर उस समय हड़कंप मच गया, जब रनवे के पास विस्फोटक से लैस एक ड्रोन मिला। पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने तुरंत कार्रवाई की और रोबोट की मदद से ड्रोन का डेटोनेटर सुरक्षित तरीके से हटा दिया। घटना के बाद दोनों रनवे बंद कर दिए गए, कई उड़ानों का रास्ता बदला गया और पूरे एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इस ड्रोन को वहां किस मकसद से लाया गया था।
रनवे के पास ड्रोन कैसे पहुंचा?
यह घटना मंगलवार देर रात की है। एयरपोर्ट के दक्षिणी रनवे के पास एक संदिग्ध ड्रोन दिखाई दिया। जांच करने पर पता चला कि उसमें विस्फोटक सामग्री और डेटोनेटर लगा हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। पूरे इलाके को खाली कराया गया। इसके बाद विशेष बम निरोधक रोबोट की मदद से ड्रोन का डेटोनेटर सुरक्षित तरीके से हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल ड्रोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
कार्गो विमान से दूसरा उड़ता ऑब्जेक्ट टकराया!
घटना के दौरान डीएचएल का एक मालवाहक विमान लीपजिग एयरपोर्ट पर उतरने वाला था। लेकिन रनवे पर खतरे की जानकारी मिलते ही पायलट ने लैंडिंग रद्द कर दी। इसके बाद विमान जब हवा में चक्कर लगा रहा था, तब वह किसी दूसरे उड़ते ऑब्जेक्ट से टकरा गया। इस टक्कर से विमान के अगले हिस्से को हल्का नुकसान पहुंचा। हालांकि पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को लगभग 200 किलोमीटर दूर हनोवर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार दिया। इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। अब अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि विमान से टकराने वाला ऑब्जेक्ट क्या था।
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इस घटना से जुड़ी सात बड़ी बातें
क्या यूरोप के बड़े कार्गो हब को बनाया गया था निशाना?
लीपजिग-हाले एयरपोर्ट यूरोप के सबसे व्यस्त कार्गो एयरपोर्ट में गिना जाता है। यह डीएचएल का बड़ा लॉजिस्टिक्स हब है। यहां यूक्रेन की एंतोनोव एयरलाइंस के विशाल मालवाहक विमान भी खड़े रहते हैं।
घटना के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा और बढ़ा दी गई। पुलिस ने पूरे इलाके की तलाशी ली। शुरुआती जांच में अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ड्रोन किसने भेजा और उसका असली निशाना क्या था। जर्मन पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। नाटो ने भी कहा है कि वह पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। हालांकि अभी किसी संगठन या देश का नाम सामने नहीं आया है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले की असली वजह साफ हो सकेगी। फिलहाल एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन सामान्य हो गया है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक कड़ी कर दी गई है।
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रनवे के पास ड्रोन कैसे पहुंचा?
यह घटना मंगलवार देर रात की है। एयरपोर्ट के दक्षिणी रनवे के पास एक संदिग्ध ड्रोन दिखाई दिया। जांच करने पर पता चला कि उसमें विस्फोटक सामग्री और डेटोनेटर लगा हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। पूरे इलाके को खाली कराया गया। इसके बाद विशेष बम निरोधक रोबोट की मदद से ड्रोन का डेटोनेटर सुरक्षित तरीके से हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल ड्रोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
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कार्गो विमान से दूसरा उड़ता ऑब्जेक्ट टकराया!
घटना के दौरान डीएचएल का एक मालवाहक विमान लीपजिग एयरपोर्ट पर उतरने वाला था। लेकिन रनवे पर खतरे की जानकारी मिलते ही पायलट ने लैंडिंग रद्द कर दी। इसके बाद विमान जब हवा में चक्कर लगा रहा था, तब वह किसी दूसरे उड़ते ऑब्जेक्ट से टकरा गया। इस टक्कर से विमान के अगले हिस्से को हल्का नुकसान पहुंचा। हालांकि पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को लगभग 200 किलोमीटर दूर हनोवर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार दिया। इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। अब अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि विमान से टकराने वाला ऑब्जेक्ट क्या था।
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इस घटना से जुड़ी सात बड़ी बातें
- रनवे के पास विस्फोटक और डेटोनेटर लगा ड्रोन मिला।
- बम निरोधक रोबोट की मदद से डेटोनेटर हटाया गया।
- एयरपोर्ट के दोनों रनवे कुछ समय के लिए बंद कर दिए गए।
- कई उड़ानों को हनोवर एयरपोर्ट भेजा गया।
- डीएचएल का एक कार्गो विमान लैंडिंग रद्द करने पर मजबूर हुआ।
- हवा में विमान किसी दूसरे उड़ते ऑब्जेक्ट से टकरा गया।
- पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं।
क्या यूरोप के बड़े कार्गो हब को बनाया गया था निशाना?
लीपजिग-हाले एयरपोर्ट यूरोप के सबसे व्यस्त कार्गो एयरपोर्ट में गिना जाता है। यह डीएचएल का बड़ा लॉजिस्टिक्स हब है। यहां यूक्रेन की एंतोनोव एयरलाइंस के विशाल मालवाहक विमान भी खड़े रहते हैं।
घटना के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा और बढ़ा दी गई। पुलिस ने पूरे इलाके की तलाशी ली। शुरुआती जांच में अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ड्रोन किसने भेजा और उसका असली निशाना क्या था। जर्मन पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। नाटो ने भी कहा है कि वह पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। हालांकि अभी किसी संगठन या देश का नाम सामने नहीं आया है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले की असली वजह साफ हो सकेगी। फिलहाल एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन सामान्य हो गया है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक कड़ी कर दी गई है।