US: 'तेहरान की सभी परमाणु सुविधाओं को नष्ट करना मेरे लिए सम्मान की बात', ईरान-इस्राइल युद्ध रोकने पर ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल और ईरान के बीच युद्धविराम कराने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि युद्धविराम से पहले ईरान के सभी परमाणु ठिकानों और हथियारों को नष्ट करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि उन्हें खुशी है कि उन्होंने ईरान और इस्राइळ के बीच युद्ध को रोकने में मदद की। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम कराने से पहले ईरान की सभी परमाणु साइटों और हथियारों को नष्ट करना उनके लिए 'बहुत सम्मान की बात' थी।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि ईरान और इस्राइल दोनों ही संघर्ष को समाप्त करना चाहते थे। उन्होंने कहा, 'ईरान और इस्राइल दोनों समान रूप से युद्ध को रोकना चाहते थे! पहले ईरान की सभी परमाणु सुविधाएं और ताकत को खत्म करना और फिर युद्ध को रोकना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी।
13 जून को इस्राइल ने ईरानी परमाणु ठिकानों पर किए थे हमले
यह सब तब हुआ जब इस्राइल ने 13 जून को ईरान की परमाणु और सैन्य जगहों पर हमला किया। इसके जवाब में, ईरान ने इस्राइल के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। फिर अमेरिका ने भी दोनों के युद्ध में एंट्री ली और ईरान के तीन परमाणु ठिकानों- फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर सटीक हमले किए।
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ट्रंप की युद्धविराम की घोषणा के बाद इस्राइल ने फिर किया हमला
इससे पहले, सुबह ट्रंप ने ईरान और इस्राइल के बीच युद्धविराम समझौते की घोषणा की। यह तब हुआ जब ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में कतर और ईरान में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला किया था। हालांकि, ट्रंप की घोषणा के कुछ देर बाद ही इस्राइली वायु सेना (IAF) ने तेहरान के उत्तर में एक ईरानी रडार ठिकाने पर हमला किया, जिसके बाद ईरान ने इस्राइल पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह जानकारी द टाइम्स ऑफ इस्राइल की रिपोर्ट में दी गई।
युद्धविराम तोड़ने पर ट्रंप ने जताई नाराजगी
दोनों देशों द्वारा युद्धविराम तोड़ने पर डोनाल्ड ट्रंप ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देश इतने लंबे समय से लड़ रहे हैं कि अब उन्हें खुद नहीं पता कि वे क्या कर रहे हैं। इसके तुरंत बाद, इस्राइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बातचीत के बाद इस्राइल ने ईरान पर आगे हमला नहीं किया।
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इस्राइल के रक्षा मंत्री ने राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले की सराहना की
इस्राइल के रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने भी एक्स पर एक पोस्ट की, जिसमें उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ अपनी बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसले और इस्राइल के साथ सहयोग की सराहना की। कैट्ज ने यह भी कहा कि अगर ईरान युद्धविराम का पालन करता है तो इस्राइल भी इसका सम्मान करेगा। कैट्ज ने लिखा, 'मैंने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से बात की और राष्ट्रपति ट्रंप को ईरानी खतरे से निपटने में इस्राइल के साथ खड़े होने के लिए धन्यवाद दिया। हमने यह भी तय किया कि अगर ईरान युद्धविराम मानेगा, तो इस्राइल भी मानेगा।'
13 जून को शुरू हुआ था दोनों के बीच संघर्ष
इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष 13 जून को शुरू हुआ था, जब इस्राइल ने 'ऑपरेशन राइजिंग लॉयन' शुरू करके ईरान की परमाणु और सैन्य सुविधाओं पर बड़ा हवाई हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3' शुरू किया और इस्राइल ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया।
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