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अमेरिका-ईरान जंग में खतरनाक मोड़: तेहरान बोला- नई रणनीति से हिला देंगे यूएस की नींव, ट्रंप ने दी चेतावनी

Wed, 02 Sep 2026 07:59 PM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Wed, 02 Sep 2026 07:59 PM IST
सार

ईरान ने अमेरिका के साथ जारी संघर्ष में नई रणनीति अपनाने की चेतावनी दी है। यह बयान मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के ताजा हमलों और ईरानी ठिकानों पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद आया है। दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने कूटनीतिक समाधान की कोशिशों को और मुश्किल बना दिया है। 

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dangerous turn in US Iran conflict Supreme National Security Council Secretary Mohsen Rezaei issued warning
मोहसिन रेजाई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने बुधवार को चेतावनी दी कि दोनों देशों के बीच हालिया तनाव बढ़ने के बाद तेहरान अमेरिका के साथ जारी संघर्ष में 'नई रणनीति' अपनाएगा। एक्स पर पोस्ट करते हुए रेजाई ने कहा कि आप जल्द ही देखेंगे कि युद्ध के मैदान, कूटनीति और आर्थिक नाकेबंदी का सामना करने में ईरान की नई रणनीति आपकी नींव हिला देगी।

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अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के ताबड़तोड़ हमले
रेजाई की यह चेतावनी मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के नए हमलों के बाद सामने आई है। ये हमले कई हफ्तों में दोनों देशों के बीच हुए सबसे भीषण टकराव के तौर पर देखे जा रहे हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के मुताबिक, उसकी सेना ने जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, बहरीन और इराक के स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। ये हमले ईरानी ठिकानों के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों के बाद किए गए, जिनमें तेहरान के मुताबिक 18 लोग मारे गए थे।
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छह महीने पुराने संघर्ष पर बढ़ा दबाव
दुश्मनी में आई इस नई तेजी ने छह महीने से जारी संघर्ष को सुलझाने की कूटनीतिक कोशिशों को और मुश्किल बना दिया है। ईरान रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर दबाव बनाए हुए है, जबकि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाकर जवाबी नाकेबंदी कर रहा है। दुनिया के प्रमुख तेल और ऊर्जा मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ता तनाव वैश्विक स्तर पर भी चिंता का कारण बन रहा है।
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सिरिक में शादी समारोह पर हमले का आरोप
एक अलग घटनाक्रम में ईरान के विदेश मंत्रालय ने दक्षिणी ईरानी शहर सिरिक में एक शादी समारोह पर हुए घातक हमले को लेकर अमेरिका पर युद्ध अपराध करने का आरोप लगाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "इस गैर-कानूनी युद्ध की सच्चाई और युद्ध अपराध का असली चेहरा सिरिक में है, जहां अमेरिका ने अपनी विफलता को छिपाने की हताश कोशिश में एक शादी समारोह पर बेरहमी से बमबारी की।"

चार लोगों की मौत, 50 से ज्यादा घायल
ईरानी रेड क्रिसेंट के आंकड़ों के मुताबिक, इस घटना में एक बच्चे समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। ईरानी सरकारी अकाउंट से जारी किए गए फुटेज में शादी समारोह वाली जगह पर मलबा और भारी तबाही दिखाई दे रही है।

गालिबाफ ने अमेरिका को बताया 'शैतान'
ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी इस अभियान की निंदा की। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिका को 'शैतान' करार दिया। ग़ालिबाफ ने कहा कि अगर कोई ताकत शैतान की तरह काम करती है, शैतान की तरह लक्ष्य चुनती है और शैतान की तरह हत्या करती है, तो वह शैतान ही है। 

अमेरिकी सेना ने नागरिकों को निशाना बनाने से किया इनकार
हालांकि अमेरिकी सेना ने शादी समारोह वाली जगह पर हुए हमले के बारे में सीधे तौर पर कोई बयान नहीं दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने कहा, "अमेरिकी सेना कभी भी आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाती, जबकि IRGC ऐसा करती है।" यहां उन्होंने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का जिक्र किया।

अमेरिकी हमलों के बाद शुरू हुआ तनाव का नया दौर
तनाव बढ़ने का यह नया दौर उस समय शुरू हुआ, जब वॉशिंगटन ने रविवार को ईरान की संपत्तियों पर हमले किए। कई हफ्तों में यह ईरान के खिलाफ अमेरिका के पहले ज्ञात हमलों में शामिल था। अमेरिका ने कहा कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की ओर से बारूदी सुरंगें बिछाने और अमेरिकी कर्मियों पर हमले करने की कोशिशों के जवाब में की गई।

जॉर्डन और UAE में अमेरिकी सैनिकों पर हमला
इसके बाद ईरानी सेना ने जॉर्डन और UAE में तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया। इसी दौरान अलग-अलग घटनाओं में दो तेल टैंकरों को भी निशाना बनाया गया, हालांकि इन हमलों की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली। सऊदी अरब की राष्ट्रीय शिपिंग कंपनी ने पुष्टि की कि टैंकर से जुड़ी एक घटना में फिलीपींस के दो नाविकों की मौत हो गई।

एरबिल से बहरीन और कुवैत तक गूंजे हमले
बाद में ईरानी सैन्य इकाइयों ने अमेरिकी ठिकानों पर और हमलों की घोषणा की। इनमें इराक के एरबिल में अमेरिकी सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन से किया गया समन्वित हमला तथा जॉर्डन में स्थित अमेरिकी मरीन प्रशिक्षण शिविर पर हमला शामिल था। बहरीन और कुवैत में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। कुवैती अधिकारियों ने बताया कि एक ईरानी ड्रोन के कारण रिहायशी इलाके में आग लग गई।

ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी
इन घटनाओं के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को आगे और जवाबी हमले नहीं करने की चेतावनी दी। उन्होंने 'ट्रुथ सोशल' पर कहा कि ईरान को इससे भी बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का बहुत कम हिस्सा ही बचेगा!' 


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सैन्य टकराव के बीच बातचीत का रास्ता खुला
सैन्य कार्रवाई तेज होने के बावजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि अगर अमेरिका संघर्ष खत्म करने के लिए किसी कूटनीतिक समझौते की पहल करता है, तो तेहरान भी उसका सकारात्मक जवाब देगा। इससे संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बावजूद कूटनीतिक समाधान की गुंजाइश पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

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