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People in Nepal are performing the last rites of effigies; hopes of finding the missing have vanished!
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नेपाल मे लोग पुतलों का कर रहे अंतिम संस्कार,लापता लोगों के मिलने की उम्मीद खत्म!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम
Published by: Bhaskar Tiwari
Updated Thu, 03 Sep 2026 12:24 AM IST
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नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के एक सप्ताह बाद भी हालात बेहद भयावह बने हुए हैं। इस त्रासदी में बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं। समय बीतने के साथ लापता लोगों के परिजनों की उम्मीदें लगातार कमजोर होती जा रही हैं। कई परिवारों ने अब यह मानना शुरू कर दिया है कि उनके प्रियजन शायद जीवित नहीं हैं। इसी भावनात्मक पीड़ा के बीच कुछ लोगों ने अपने लापता परिजनों का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करना शुरू कर दिया है। इसके लिए परिवार के सदस्य अपने प्रियजन के रूप में पुतला तैयार करते हैं और फिर पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उसका अंतिम संस्कार करते हैं। उनका मानना है कि इस तरह उन्हें मानसिक और भावनात्मक संतोष मिलेगा तथा उनके प्रियजन की आत्मा को शांति प्राप्त होगी। लोगों का कहना है कि उनके परिजन भले ही जहां कहीं भी हों, उन्हें शांति और सुख मिले।
आपदा के बाद जारी राहत और बचाव अभियान में अब तक 1,127 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि चार हजार से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की इतनी बड़ी संख्या ने उनके परिवारों की चिंता और बढ़ा दी है। एक सप्ताह गुजर जाने के बावजूद कई इलाकों में बचावकर्मी लगातार मलबे, मिट्टी और गाढ़े कीचड़ के बीच जीवन के संकेत तलाश रहे हैं। आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में हालात इतने कठिन हैं कि वहां फंसे लोगों का लंबे समय तक जीवित रहना बेहद मुश्किल माना जा रहा है। इसके बावजूद नेपाली बचाव दल अपने अभियान में जुटे हुए हैं और किसी भी संभावित जीवित व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
बचावकर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक गाढ़ा कीचड़ और भारी मलबा है। इसी वजह से शवों की तलाश और उन्हें बाहर निकालने में भी काफी कठिनाई हो रही है। कई स्थानों पर राहत एवं बचाव कार्य बेहद सावधानी से करना पड़ रहा है, क्योंकि मलबे के नीचे दबे लोगों तक पहुंचना आसान नहीं है। इस त्रासदी ने हजारों परिवारों को गहरे सदमे में पहुंचा दिया है। जिन परिवारों को अभी तक अपने प्रियजनों के बारे में कोई निश्चित जानकारी नहीं मिली है, वे हर गुजरते दिन के साथ अनिश्चितता और पीड़ा का सामना कर रहे हैं।
हालांकि, नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने लोगों से पूरी तरह उम्मीद न छोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अभी भी लापता लोगों में से कुछ के जीवित मिलने की संभावना है। उनका कहना है कि चमत्कार होते हैं और जब तक बचाव अभियान जारी है, तब तक उम्मीद बनाए रखनी चाहिए। ऐसे में एक तरफ जहां परिवार अपने लापता प्रियजनों की प्रतीक्षा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ परिवार प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार के जरिए अपने दुख को स्वीकार करने की कोशिश कर रहे हैं। नेपाल की यह त्रासदी न केवल भारी जनहानि का उदाहरण है, बल्कि उन परिवारों की गहरी पीड़ा भी सामने लाती है जो आज भी अपने प्रियजनों के लौटने की उम्मीद और उनके खो जाने की आशंका के बीच फंसे हुए हैं।
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