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प्रोफेसर ने खोली पोल तो तिलमिलाया चीन, राष्ट्रपति जिनपिंग के खिलाफ बोलने पर मिली सजा

Wed, 19 Aug 2020 08:10 AM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, बीजिंग
पीटीआई, बीजिंग Published by: अनवर अंसारी Updated Wed, 19 Aug 2020 08:10 AM IST
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CPC expels Xi Jinping critic Cai Xia, who accused him of provoking conflict with India to divert attention
काई शिया - फोटो : Twitter

चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक मुखर आलोचक को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति पर आरोप लगाया था कि वह चीन के लोगों का आर्थिक और सामाजिक दिक्कतों से ध्यान भटकाने के लिए भारत और चीन के बीच विवाद को भड़का रहे हैं।

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हांगकांग के ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ के मुताबिक कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) ने भाषणों से देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए सेंट्रल पार्टी स्कूल की पूर्व प्रोफेसर काई शिया को निष्कासित कर दिया।
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स्कूल की वेबसाइट पर लगे एक नोटिस के हवाले से कहा गया कि काई (68) को इसलिए दंडित किया गया क्योंकि उन्होंने राजनीतिक समस्या पैदा करने वाले भाषण दिए। नोटिस में कहा गया कि उनके भाषण काफी भड़काऊ किस्म के थे और उन्होंने पार्टी के अनुशासन का उल्लंघन किया।
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यह भी पढ़ें: चीन ने अमेरिका पर की जवाबी कार्रवाई, कुछ शीर्ष अधिकारियों और नेताओं पर लगाया वीजा प्रतिबंध

काई ने अखबार को बताया कि वह सुरक्षित हैं और अमेरिका में हैं। हालांकि उन्होंने ज्यादा कुछ कहने से इनकार कर दिया। ब्रिटेन के ‘गार्डियन’ अखबार को जून में एक साक्षात्कार में काई ने कहा था कि शी जिनपिंग चीन और भारत के बीच टकराव को बढ़ा रहे हैं और अपने फायदे तथा दबदबा बढ़ाने के लिए अमेरिका विरोधी भावनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। 

इससे पहले, चीन में सरकार के स्वामित्व वाली रियल एस्टेट कंपनी के पूर्व अध्यक्ष रेन झिकियांग को सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। उन्होंने कोरोना वायरस महामारी को लेकर राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी। 


मार्च में सार्वजनिक रूप से एक निबंध के ऑनलाइन प्रकाशन के बाद से रेन झिकियांग गायब हो गए थे। इसी निबंध में उन्होंने महामारी पर जिनपिंग के खिलाफ टिप्पणी की थी। 69 वर्षीय रेन पर भ्रष्टाचार, गबन और रिश्वत के आरोप लगाए गए।

गौरतलब है कि चीन में सरकार विरोधी बयानों और राष्ट्रपति के खिलाफ टिप्पणी करने वाले लोगों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाते हैं। यहां सरकार विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर सजा के कड़े प्रावधान हैं।   

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