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कोविड-19: सबसे पहले वुहान में लगा था लॉकडाउन, महामारी के एक साल बाद चीन में कैसे हैं हालात?

Wed, 17 Mar 2021 02:39 PM IST
प्रियंका तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर अजाला, वुहान
वर्ल्ड डेस्क, अमर अजाला, वुहान Published by: प्रियंका तिवारी Updated Wed, 17 Mar 2021 02:39 PM IST
सार

अमेरिका समेत कई देश आज भी यह मानते हैं कि जानलेवा कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से दुनियाभर में फैला है। 30 जनवरी 2020 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोविड-19 महामारी को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था।

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Covid 19 Firstly lockdown was imposed in Wuhan how is the situation in China after one year of the epidemic
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI

विस्तार

वहीं, एक मार्च 2020 तक चीन में कोविड-19  के साथ लोगों की कुल संख्या 80174 तक पहुंच गई थी और कुल 2915 लोगों की इस घातक बीमारी से मृत्यु हो गई थी। ऐसे में उस समय इस वायरस से बचाव के लिए चीन प्रशासन को बस एक ही उपाय सूझ रहा था और वह था लॉकडाउन। 

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एक प्रभावी टीके की अनुपस्थिति में वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लोगों के बीच दूरी बनाने के उपायों की जरूरत आन पड़ी थी। इसलिए चीनी सरकार ने महामारी को नियंत्रित करने के लिए बड़े पैमाने पर हस्तक्षेपों की एक श्रृंखला को लागू किया। वुहान में जनसंख्या के पूर्ण लॉकडाउन के साथ ही सख्त नियंत्रण के उपायों को लागू किया गया था। 23 जनवरी 2020 की सुबह 10 बजे से चीन की सरकार ने वुहान और हुबेई के अन्य शहरों में लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी। 
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लॉकडाउन की घोषणा के बाद एक करोड़ से ज्यादा लोगों पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए गए और उन्हें उनके घरों में बंद कर दिया गया। इस दौरान चीन में सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। इससे चारों ओर सन्नाटा छा गया था। इन सबके चलते आमजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। वहीं, धीरे-धीरे वुहान की तरह ही दुनिया के कई शहरों में पाबंदियां लगा दी गईं। इसके बाद दुनियाभर में कुछ समय तक के लिए लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई थी। उस समय हालात इतने खराब थे कि वायरस की चपेट में आने से कई लोग अपने परिवार के सामने दम तोड़ रहे थे। ऐसे में किसी को पता नहीं था कि लॉकडाउन अब कब खुलेगा।
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हालांकि, अब चीन में हालात सामान्य है, लेकिन आज भी यहां लोगों के जेहन में 76 दिनों तक लागू रहे लॉकडाउन के संघर्ष भरे दिन और खौफनाक यादें बरकरार हैं। 76 साल के हुआंग गेबेन ने वायरस की चपेट में आने के बाद 67 दिन अस्पताल में गुजारे थे। उन्हें खून की उल्टियां हो रही थीं और वह अपनी मौत का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'जब मैंने रात में अपनी आंखें बंद की थीं तो नहीं जानता था कि अगले दिन आंखों खोलूंगा भी या नहीं।'


कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया में 20 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, लेकिन चीन ने महज 5000 मौत का आंकड़ा दिखाया था। हालांकि, अमेरिका समेत कई देशों ने इस पर सवाल खड़े किए थे। अभी जहां दुनिया कोरोना महामारी से निपटने में लगी है। वहीं, वुहान के लोग लॉकडाउन को भूल चुके हैं। ट्रैफिक सामान्य है। लोग सड़कों पर टहल रहे हैं और आम लोग सार्वजनिक परिवहन और पार्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। वुहान शहर में टहल रहे और बिना मास्क पहने एक 20 वर्षीय युवा ने कहा, 'पिछले साल हमें संघर्ष करना पड़ा था, लेकिन अब सब कुछ नियंत्रण में है।' 

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