{"_id":"61447f8f31b3222f1e1a5ab4","slug":"corona-and-elections-successful-elections-were-held-in-these-countries-even-during-the-pandemic","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना और मतदान: इन देशों में महामारी के दौर में भी हुआ था सफल चुनाव, जानिए क्या रहे थे नतीजे ","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
कोरोना और मतदान: इन देशों में महामारी के दौर में भी हुआ था सफल चुनाव, जानिए क्या रहे थे नतीजे
Fri, 17 Sep 2021 05:34 PM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 17 Sep 2021 05:34 PM IST
सार
कनाडा अकेला देश नहीं है जहां चुनाव का एलान हुआ है, कई देशों में महामारी के दौर में ही सफल चुनाव हो चुके हैं। जानिए किस तरह से यहां मतदान हुआ और कैसे रहे नतीजे।
विज्ञापन
Corona in World
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कनाडा के राजनीतिक इतिहास में पहली बार वैश्विक महामारी के दौरान ही आम चुनाव होंगे। जब प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पिछले महीने चुनाव कराने का एलान किया था, तब विपक्ष ने कोरोना वायरस के बीच चुनाव के एलान की आलोचना की थी।
विज्ञापन
लेकिन वह अपने फैसले पर अटल रहे और कहा कि उन्हें महामारी के दौर में चुनाव संबंधी घोषणा को लेकर कोई पछतावा नहीं है। कनाडा अकेला देश नहीं है जहां चुनाव का एलान हुआ है, कई देशों में महामारी के दौर में ही सफल चुनाव हो चुके हैं।
विज्ञापन
ब्रिटिश कोलंबिया के विशेषज्ञ डॉ. होरासियो बाच का कहना है कि चुनाव करवाने में कोई हर्ज नहीं है, लेकिन नियमों का सख्त से पालन होना चाहिए।
आइए आपको बताते हैं कि कोरोना महामारी के दौरान किन-किन देशों में सफल चुनाव हुए।
दक्षिण कोरिया
अप्रैल 2020 में दक्षिण कोरिया पहला ऐसा देश था जहां महामारी के दौरान मतदान हुआ। राष्ट्रपति मून जे-इन की पार्टी ने पूर्ण बहुमत से चुनाव जीता था और इस चुनाव में रिकॉर्ड 66.2 फीसदी मतदान हुआ था जो कि पिछले 30 में सबसे अधिक था।
विज्ञापन
इस दौरान कोरोना नियमों का सख्ती से पालन किया गया। 14 हजार पोलिंग बूध बनाए गए थे, मास्क अनिवार्य था और हर किसी का तापमान जांचा गया था। करीब 3 करोड़ लोगों ने वोट डाला था, बावजूद इसके स्थानीय स्तर पर कोई संक्रमण नहीं फैला था।
बुरुंडी
इस अफ्रीकी देश ने हिंसा, गिरफ्तारियां और डर के माहौल के बीच मई 2020 में अपना नया राष्ट्रपति चुना था। सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवार इवारेस्ते दायशिमिए को विजेता घोषित किया गया था। उन्हें 67 फीसदी वोट मिले थे। कुल 40 लाख लोगों ने मतदान किया था। मतदान के बाद मतदाताओं को एकत्र होने की इजाजत नहीं थी। खास बात ये है कि मतदान से ऐन पहले ही डब्ल्यूएचओ प्रमुख और तीन सदस्यों को देश छोड़ने का आदेश दिया गया था।
सर्बिया
जून 2020 में सर्बिया पहला ऐसा यूरोपियन देश बना जहां लॉकडाउन के बाद चुनाव कराए गए। सत्ताधारी पार्टी के एसएनएस के राष्ट्रपति उम्मीदवार एलेक्जेंडर वुचिक ने 60 फीसदी वोटों के साथ जीत हासिल की। मतदान के दौरान कोविड-19 नियमों का सख्ती से पालन हुआ।
श्रीलंका
दो बार चुनाव टलने के बाद श्रीलंका में अगस्त 2020 में संसदीय चुनाव हुए और राष्ट्रपति गोताबाया राजपक्षे और उनके भाई महिंदा राजपक्षे को प्रचंड बहुमत मिला।
सरकार द्वारा जारी स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों के मुताबिक, पार्टियों को 300 लोगों तक की रैली को संबोधित करने की इजाजत थी, जिसे अधिकतक 500 तक किया जा सकता था। डोर-टू-डोर कैंपेन में भी पांच ही लोग जा सकते थे।
अमेरिका
दुनिया के सबसे ताकतवर देश पर कोरोना वायरस की सबसे बुरी मार पड़ी। लाखों लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। कोरोना महामारी के बीच ही चुनाव हुए और डेमोक्रेटिक जो बाइडन ने रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप को करारी मात दी।
यहां 4 नवंबर को 91 हजार से अधिक लोग संक्रमित पाए गए थे जिसके बाद कुल मामलों की संख्या 90 लाख 38 हजार पहुंच गई थी। इस चुनाव में रिकॉर्ड 158 मिलियन लोगों ने वोट डाला जो कुल मतदाताओं का 66.2 फीसदी था।
इस्राइल
कोविड-19 वैक्सीनेशन में अव्वल रहे इस देश में इस साल मार्च में चुनाव हुए थे। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके सहयोगी चुनाव जीतने से महज कुछ कदम ही दूर रह गए।
एक हफ्ते के सियासी ऊहापोह के बाद यहां नई गठबंधन सरकार बनी और 12 साल बाद नेतन्याहू को विपक्ष की गद्दी संभालनी पड़ी। छोटी-छोटी पार्टियों के नेता चुने गए नेफ्टाली बेनेट नए प्रधानमंत्री बने।
जापान
जापान में अप्रैल 2021 में चुनाव हुए थे और सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ने संसदीय उपचुनाव में तीनों सीटें गंवा दीं। जनता कोविड-19 महामारी से निपटने के तरीके को लेकर सरकार से नाराज थी और इसका असर भी चुनाव में नजर आया। यहां इस साल के बाद चुनाव होने हैं।
ईरान
ईरान में इस साल जून में चुनाव हुए और नया राष्ट्रपति चुना गया। कट्टर माने जाने वाले न्यायिक प्रमुख इब्राहिम रईसी को जबरदस्त जीत हासिल हुई। चुनाव में बेहद कम मतदान हुआ था। बता दें कि ईरान को भी कोरोना वायरस की जबरदस्त मार झेलनी पड़ी थी।