जलवायु परिवर्तन: आसमान से कार्बन हटाने को अरबों डॉलर का निवेश कर रहीं कंपनियां, कार्बन रिमूवल क्रेडिट खरीदे
माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और ब्रिटिश एयरवेज जैसी कंपनियां इस तकनीक के लिए अच्छी खासी रकम खर्च कर रही हैं। यह तकनीक कुछ साल पहले तक अस्तित्व में नहीं थी और अभी भी बड़े पैमाने पर अप्रमाणित है। निवेशक मानते हैं कि यह क्षेत्र आने वाले वक्त में अवश्य ही एक बड़े उद्योग का रूप लेगा। इसके साथ ही यह ग्लोबल वार्मिंग से लड़ने में मदद करने के लिए जरूरी भी है।
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वैश्विक तापमान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बीच वित्तीय जगत जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए वायुमंडल से कार्बन डाइआक्साइड (सीओ2) हटाने की होड़ में लगे हैं। कंपनियां इसमें अरबो डॉलर का निवेश कर रही हैं। नई मशीनें और तकनीकें इजाद कर रही हैं, जो हवा से सीओ2 निकाल सकती हैं। इसे कार्बन डाइऑक्साइड रिमूवल नाम दिया गया है। कंपनियों को उम्मीद है कि यह तकनीक ग्लोबल वॉर्मिंग को कम करने में मदद करेगी और मुनाफा भी देगी।
माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और ब्रिटिश एयरवेज जैसी कंपनियां इस तकनीक के लिए अच्छी खासी रकम खर्च कर रही हैं। यह तकनीक कुछ साल पहले तक अस्तित्व में नहीं थी और अभी भी बड़े पैमाने पर अप्रमाणित है। निवेशक मानते हैं कि यह क्षेत्र आने वाले वक्त में अवश्य ही एक बड़े उद्योग का रूप लेगा। इसके साथ ही यह ग्लोबल वार्मिंग से लड़ने में मदद करने के लिए जरूरी भी है। 1,000 से ज्यादा बड़ी कंपनियों ने अगले कुछ दशकों में अपने कार्बन उत्सर्जन को पूरी तरह खत्म करने का वादा किया है। इसे पूरा करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और ब्रिटिश एयरवेज जैसी कंपनियों ने मिलकर कार्बन रिमूवल क्रेडिट खरीदने के लिए कुल 1.6 अरब डॉलर खर्च किए।
2050 तक कार्बन हटाने का उद्योग पहुंचेगा 1.2 खरब डॉलर
कार्बन डाइऑक्साइड हटाने के उद्योग पर नजर रखने वाली वेबसाइट सीडीआर एफवाईआई के मुताबिक, कंपनियों ने 2019 में वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड हटाने पर 1 लाख डॉलर से भी कम खर्च किया था, लेकिन अब यह खर्च काफी बढ़ चुका है और अनुमान है कि 2050 तक यह उद्योग 1.2 खरब डॉलर तक का विशाल बाजार बन सकता है।
5 अरब डॉलर से अधिक का निवेश
सीओ2 ग्लोबल वॉर्मिंग का मुख्य कारण है। अगर हम इसे हवा से हटा पाएं, तो जलवायु परिवर्तन को धीमा किया जा सकता है। निवेश बैंक जेफरीज के मुताबिक, हवा से कार्बन डाइऑक्साइड को हटाने के तरीकों पर काम करने वाली कंपनियों ने 2018 से अब तक इन प्रोजेक्ट्स में 5 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश जुटाया है। इससे पहले इस तरह का निवेश लगभग नहीं हुआ था।
- कनाडा के डीप स्काई के मुख्य कार्यकारी डेमियन स्टील कहते हैं कि यह उद्योग पूंजी के क्षेत्र में 20 साल में मेरे लिए सबसे बड़ा मौका है। डीप स्काई ने कार्बन डाइऑक्साइड निष्कासन परियोजनाओं के विकास के लिए 50 मिलियन डॉलर से अधिक की रकम जुटाई है।
उत्सर्जन की कर सकते हैं भरपाई
कार्बन रिमूवल क्रेडिट कार्बन डाइऑक्साइड या अन्य ग्रीनहाउस गैसों को वायुमंडल से हटाने या टालने वाली परियोजनाओं से पैदा होते हैं। इन्हें खरीदकर संगठन अपने उत्सर्जन की भरपाई कर सकते हैं और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में योगदान दे सकते हैं। कार्बन क्रेडिट एक टोकन होता है, जो भविष्य में होने वाले उत्सर्जन को दिखाता है। यह क्रेडिट सरकार कंपनियों को जारी करती हैं। कंपनियां अपने अपरिहार्य उत्सर्जन को कम करने के लिए कार्बन क्रेडिट खरीदती हैं। वर्तमान में कार्बन क्रेडिट की औसत कीमत जीएचजी के प्रति मीट्रिक टन 40 डॉलर और 80 डॉलर से कम है।
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