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Trade War: 'यूएस की जगह नहीं ले सकेगा चीन'; टैरिफ के खिलाफ वैश्विक मोर्चेबंदी की जिनपिंग की कोशिशों पर फ्रांस

Sat, 12 Apr 2025 04:24 AM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: शिव शुक्ला Updated Sat, 12 Apr 2025 04:24 AM IST
सार

फ्रांस के प्रधानमंत्री फ्रेंकोइस बायरू ने कहा है कि यह सोचना भोलापन और खतरनाक है कि चीन एक व्यापार भागीदार के रूप में अमेरिका की जगह ले सकता है। उन्होंने चीन से दोस्ती को खतरनाक बताते हुए यूरोपीय संघ (ईयू) के सदस्यों से वैश्विक व्यापार तनाव के मौजूदा माहौल में एक साथ रहने का आग्रह किया।

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China will not be able to replace the US, France on Jinping efforts to form global front against trump tariffs
डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन पर भारी टैरिफ लगाने के बाद उसने कई देशों के साथ मिलकर वैश्विक मोर्चाबंदी की शुरुआत कर दी है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग न सिर्फ अगले हफ्ते दक्षिण-पूर्व एशिया के तीन देशों की यात्रा करेंगे बल्कि उन्होंने यूरोपीय संघ (ईयू) से अमेरिका की एकतरफा धौंस का विरोध करने का आह्वान भी किया। उधर, ईयू ब्लॉक से जुड़े फ्रांस ने कहा कि चीन एक व्यापार भागीदार के रूप में अमेरिका की जगह नहीं ले सकेगा।

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चीन से दोस्ती खतरनाक
फ्रांस के प्रधानमंत्री फ्रेंकोइस बायरू ने कहा है कि यह सोचना भोलापन और खतरनाक है कि चीन एक व्यापार भागीदार के रूप में अमेरिका की जगह ले सकता है। उन्होंने चीन से दोस्ती को खतरनाक बताते हुए यूरोपीय संघ (ईयू) के सदस्यों से वैश्विक व्यापार तनाव के मौजूदा माहौल में एक साथ रहने का आग्रह किया। बायरू ने शुक्रवार को यह टिप्पणी बीजिंग में शी जिनपिंग और स्पेन के पीएम की मुलाकात के बाद की। उन्होंने ऐसे मौके पर एकजुटता को जरूरी बताया।  
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अमेरिका के खिलाफ मोर्चाबंदी के लिए जिनपिंग करेंगे यात्राएं
अमेरिका के खिलाफ मोर्चाबंदी के लिए चीनी राष्ट्रपति अगले सप्ताह की शुरुआत दक्षिण-पूर्व एशिया के वियतनाम, मलयेशिया और कंबोडिया की यात्रा से करने वाले हैं, जो चीन पर 145% अमेरिकी टैरिफ के बाद  उनका पहला विदेश दौरा होगा। उधर, नए टैरिफ से 90 दिनों की छूट के बाद भी भविष्य की चिंता को लेकर ईयू के प्रमुख हिस्सेदार और स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेज शुक्रवार को चीन पहुंचे। उन्होंने शी जिनपिंग से मुलाकात की। शी ने अपनी पहली टिप्पणी में कहा, टैरिफ युद्ध में कोई जीतेगा नहीं और दुनिया के खिलाफ जाने से अलगाव होगा। उन्होंने अमेरिका की एकतरफा धौंस का साझा विरोध कर अंतरराष्ट्रीय व्यापार वातावरण के लिए मिलकर काम करने का आव्हान किया। इस पर फ्रांसीसी पीएम फ्रेंकोइस बायरू ने कहा, चीन किसी भी तरह अमेरिका का स्थान नहीं ले सकता है। ईयू को एकजुट होना पड़ेगा। उधर, वैश्विक मोर्चाबंदी के तहत चीनी वाणिज्य मंत्री वांग वेंताओ ने सऊदी व दक्षिण अफ्रीकी देशों से चर्चा की।  
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भविष्य के लिए जवाबी उपाय जरूरी
चीनी राष्ट्रपति ने कहा, चीन-ईयू आर्थिक वैश्वीकरण और मुक्त व्यापार के दृढ़ समर्थक हैं। शी जिनपिंग बोले, यह संबंध न केवल द्विपक्षीय वैध अधिकारों-हितों की रक्षा करेंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नियमों और व्यवस्था को बनाए रखते हुए विश्व समुदाय के भीतर निष्पक्षता और न्याय बनाए रखने में भी मदद करेंगे। उन्होंने कहा, ट्रंप ने भले ही फिलहाल ईयू समेत कई देशों पर 90 दिनों के लिए टैरिफ रोक दिया है लेकिन भविष्य में इस पर जवाबी उपाय बनाने ही होंगे, ताकि एकतरफा धौंस न दी जा सके।

ये भी पढ़ें: ट्रंप को चीन का मुंहतोड़ जवाब, अमेरिकी सामानों पर टैरिफ बढ़ाकर किया 125 फीसदी


स्पेन के पीएम चीनी कंपनियों से भी मिलेंगे
स्पेन के पीएम का दो वर्ष में चीन का तीसरा दौरा है। पीएम पेड्रो संचेज की सरकार अराजक अमेरिकी टैरिफ नीति के कारण वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच एशियाई दिग्गज से निवेश को बढ़ावा देना चाहती है। सांचेज ने चीनी राष्ट्रपति से मिल कई मुद्दों पर चर्चा की। वह इलेक्ट्रिक बैटरी या अक्षय ऊर्जा तकनीक का उत्पादन करने वाली चीनी कंपनियों के साथ भी बैठक करने वाले हैं। यह यात्रा यूरोप और चीन के लिए एक जटिल क्षण में हो रही है।  

अमेरिका से व्यापार वार्ता और नए समझौतों को आगे बढ़ाएगा ब्राजील
अमेरिकी टैरिफ का प्रभाव कम करने के लिए ब्राजील ने भी अपनी रणनीति तैयार कर ली है। वह अमेरिकी टैरिफ पर बातचीत को प्राथमिकता देगा और अन्य व्यापारिक समझौतों को भी बढ़ाएगा, ताकि अमेरिकी टैरिफ से होने वाला प्रभाव कम किया जा सके। ब्राजील के विदेश व्यापार मंत्री तातियाना प्रेजेरेस ने कहा, राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा की सलाह है कि वह लगातार बातचीत करें, लेकिन यदि जरूरी हुआ तो जवाबी कार्रवाई भी की जा सकती है। ब्राजील एशियाई देशों व चीन से प्रतिस्पर्धा को लेकर भी चिंतित है, क्योंकि अमेरिका द्वारा ब्राजील के खिलाफ उठाए गए कदम अन्य देशों को फायदा पहुंचा सकता हैं।  

इसे भी पढ़ें- Trade War: 'एकतरफा दबाव की अमेरिकी नीति का मिलकर विरोध करें', US पर 125% टैरिफ लगाने के बाद EU से बोला चीन 

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