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China: दक्षिण चीन सागर पर कम नहीं हो रहा तनाव, चीन ने फिलीपींस तट पर तैनात किया विमानवाहक पोत

Mon, 01 Jul 2024 02:49 PM IST
मेघा झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: मेघा झा Updated Mon, 01 Jul 2024 02:49 PM IST
सार

हाल में चीन ने अपना दूसरा विमानवाहक पोत 'शांडोंग' तैनात किया है। जो फिलीपीन तट के पास पानी में गश्त करते नजर आया।

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China: Tension is not decreasing in South China Sea, China has deployed aircraft carrier on Philippines coast
विमानवाहक पोत प्रतीकात्मक - फोटो : istock

विस्तार

दक्षिण चीन सागर पर तनाव का माहौल है, इसी बीच चीन ने अपना दूसरा विमानवाहक पोत शांडोंग भी तैनात कर दिया। यह शांडोंग फिलीपीन तट के पास पानी में गश्त करते हुए देखा गया है। वहीं फिलीपींस की ओर से भी दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन का विरोध करना शुरू कर दिया है।
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पिछले कुछ महीनों में चीन और फिलीपींस की नौसेनाओं और तट रक्षकों के बीच टकराव चल रहा था। क्योंकि अमेरिका द्वारा समर्थित फिलीपींस ने चीन द्वारा दावा किए गए दक्षिण चीन सागर में द्वितीय थॉमस शोल पर अपने दावों को साबित करने का अथक प्रयास किया था। चीन दक्षिण चीन सागर के अधिकांश हिस्से पर अपना दावा करता है। इस पर फिलीपींस, मलेशिया, वियतनाम, ब्रुनेई और ताइवान के बीच तीखी बहस है। चीन का आरोप है कि फिलीपींस ने 1999 में जानबूझकर दूसरे थॉमस शोल में एक नौसैनिक जहाज को फंसा दिया था। चीन का दावा था कि क्षतिग्रस्त जहाज को नौसैनिक कर्मियों द्वारा संचालित एक स्थायी प्रतिष्ठान में बदल दिया। संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन के एक न्यायाधिकरण द्वारा 2016 के फैसला लिया गया। इसके आधार पर दक्षिण चीन सागर पर अपने दावों को पुख्ता करने की कोशिश में लगा है। हालांकि, चीन ने न्यायाधिकरण का बहिष्कार किया। लेकिन न्यायाधिकरण के निष्कर्षों को खारिज कर दिया और अपने दावों पर जोरदार तरीके से जोर दिया।
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वहीं दूसरी ओर चीन ने पिछले महीने एक नया कानून लागू किया। इस नए कानून के तहत उसके तट रक्षक को चीन के जलक्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले विदेशी जहाजों को जब्त करने और 60 दिनों तक विदेशी चालक दल को हिरासत में रखने का अधिकार दिया गया। यह कानून के तहत चीन के तट रक्षक को यह अधिकार भी है कि वह जरूरत पड़ने पर विदेशी जहाजों पर गोली चला सकता है। अमेरिका ने मनीला के दावों के समर्थन में अपनी ताकत दिखाने के लिए फिलीपींस में मध्यम दूरी की टाइफॉन मिसाइल प्रणाली तैनात की है।
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अब हाल में चीन ने अपना दूसरा विमानवाहक पोत 'शांडोंग' तैनात किया है। जो फिलीपीन तट के पास पानी में गश्त करते नजर आया। लगभग 70,000 टन विस्थापन वाला विमानवाहक पोत शांडोंग, फिलीपींस के पानी में गश्त करते नजर आया। चीनी विशेषज्ञों के अनुसार विमानवाहक पोत संभवतः एक निर्धारित अभ्यास पर है, जो इसे पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में संभावित दूर की समुद्री यात्रा के लिए भी तैयार कर सकता है।

बता दें कि शांडोंग की तैनाती पीपुल्स लिबरेशन आर्मी द्वारा बड़े और मध्यम विध्वंसक सहित प्रमुख सतही लड़ाकू जहाजों के साथ-साथ मुख्य उभयचर लैंडिंग जहाज को दक्षिण चीन सागर में तैनात करने के बाद की गई है। इसका कारण यह है कि फिलीपींस के साथ समुद्री क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ गया था। 

वहीं शंघाई यूनिवर्सिटी ऑफ पॉलिटिकल साइंस एंड लॉ में राजनीति विज्ञान विभाग में रक्षा प्रोफेसर नी लेक्सियोंग को हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में कहा कि शांडोंग का रास्ता मनीला और वाशिंगटन के लिए एक निवारक के रूप में था। मनीला स्थित थिंक टैंक इंटरनेशनल डेवलपमेंट एंड सिक्योरिटी कोऑपरेशन के अध्यक्ष और संस्थापक चेस्टर कैबल्ज़ा ने कहा कि वाहक की गश्त बीजिंग द्वारा प्रदर्शनकारी राजनीति का एक उदाहरण है। यदि ऐसा फिर से होता है तो इसका अर्थ होगा कि "उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर लाल झंडा है।" उन्होंने कहा, "जब हम भारी सैन्य बल देखते हैं, तो इसका अर्थ है कि बीजिंग युद्ध की तैयारी कर रहा है।"

विवादित दक्षिण चीन सागर में अपने दावों को पुष्ट करने के लिए चीन-फिलीपींस टकराव ने पिछले महीने हिंसक रूप ले लिया। यह तब हुआ जब बीजिंग द्वारा विदेशी जहाजों के खिलाफ कार्रवाई करने और चीनी जल में "उल्लंघन करने के संदिग्ध" विदेशियों को हिरासत में लेने के लिए नए नियम जारी करने के बाद पहली बार उनके नौसैनिक जहाजों में टक्कर हुई। वहीं कुछ सप्ताह पहले फिलीपींस द्वारा दावा किए गए दक्षिण चीन सागर के द्वितीय थॉमस शोल के पास फिलीपींस के नौसैनिक जहाज और एक चीनी जहाज में टक्कर हो गई थी।


बता दें कि फिलीपींस ने भारत की ब्रह्मोस मिसाइलों का भी आयात किया है। चीन के पास वर्तमान में दो विमानवाहक पोत हैं, पहला लियाओनिंग, जो सोवियत युग के जहाज का एक रिफिट था। दूसरा शांडोंग, जो 2019 में कमीशन किया गया, एक स्वदेशी रूप से निर्मित दूसरा विमानवाहक पोत है। चीन का तीसरा विमानवाहक पोत फ़ुज़ियान, जो 80,000 के विस्थापन के साथ दो वाहकों से बड़ा है, वर्तमान में परीक्षण के दौर से गुजर रहा है।
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