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चीन : जेल में बंद तिब्बती भिक्षु की सेहत खतरे में, मानवाधिकार निगरानी समूह ने कहा- शेरब ग्यात्सो को तुरंत रिहा करे
Thu, 10 Feb 2022 02:23 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, न्यूयॉर्क।
एजेंसी, न्यूयॉर्क।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 10 Feb 2022 02:23 AM IST
सार
एचआरडब्ल्यू की चीन निदेशक सोफी रिचर्डसन ने कहा कि एक बार फिर चीन सरकार द्वारा गलत ढंग से एक तिब्बती को कैद में रखना, मौत की सजा बनने का खतरा बन रहा है।
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चीन का झंडा (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Social media
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विस्तार
मानवाधिकार निगरानी समूह (एचआरडब्ल्यू) ने कहा है कि चीन सरकार को चाहिए कि वह जेल में बंद तिब्बती भिक्षु और धार्मिक दार्शनिक गो शेरब ग्यात्सो को तुरंत और बिना शर्त रिहा करे। तिब्बत के बाहर करीबी सहयोगियों ने बताया है कि घेरब ग्यात्सो की सेहत हाल ही में खराब हुई है और वे फेफड़े की पुरानी बीमारी से पीड़ित हैं। आशंका है कि उन्हें जेल में पर्याप्त चिकित्सा उपचार न मिल रहा हो।
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एचआरडब्ल्यू की चीन निदेशक सोफी रिचर्डसन ने कहा, एक बार फिर चीन सरकार द्वारा गलत ढंग से एक तिब्बती को कैद में रखना, मौत की सजा बनने का खतरा बन रहा है। उन्होंने कहा, गो शेरब ग्यात्सो को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए और उनकी चिकित्सा देखभाल की जानी चाहिए।
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सरकारी सुरक्षा एजेंटों ने 45 वर्षीय ग्यात्सो को 26 अक्तूबर 2020 को सिचुआन प्रांत की राजधानी चेंगदू में गिरफ्तार किया था। चीनी अफसरों ने उन्हें तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की राजधानी ल्हासा में स्थानांतरित कर दिया है जहां उन पर अलगाव को उकसाने का आरोप लगाया गया है।
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देश के बाहर के तिब्बती सूत्रों ने बताया कि उन्हें 10 साल की सजा दी गई थी और वे ल्हासा से 20 किमी दक्षिण-पश्चिम स्थित चुशुल जेल में हैं। निर्वासन सूत्रों ने बताया कि किसी भी आगंतुक को ग्यात्सो से मिलने की अनुमति नहीं है जबकि उनका स्वास्थ्य खराब है।