Gaza: गाजा में भूख से जूझ रहे बच्चे और बड़े, थोड़े से चावल के लिए भी मांग रहे भीख; इस्राइल ने रोकी सहायता
इस्राइल ने बीते दो महीने से गाजा में मानवीय सहायता रोक दी है, जिससे लोग भुखमरी के कगार पर हैं। लोग थोड़े से चावल के लिए भी भीख मांग रहे हैं। 25 किलोग्राम आटे की कीमत 360 अमेरिकी डॉलर पहुंच चुकी है, जो गरीब लोगों की पहुंच से बाहर है। वहीं, इस्राइल का कहना है कि वह ऐसा इसलिए कर रहा है, ताकि हमास पर बंधकों की रिहाई के लिए दबाव बनाया जा सके।
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इस्राइल ने गाजा पट्टी में मानवीय सहायता रोक दी है, जिससे वहां भुखमरी का आलम है। बच्चों से लेकर बड़ों तक भोजन पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आलम यह है कि लोग थोड़े से चावल के लिए भी भीख मांग रहे हैं। खाने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो रही है, जिसके चलते उन्हें धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ रहा है।
दक्षिणी गाजा के खान यूनिस में शुक्रवार को भोजन पाने के लिए संघर्ष के चलते सामुदायिक रसोई पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे वहां अफरातफरी का माहौल बन गया। निवेन अबू अरार नामक 33 वर्षीय महिला वहां समय पर नहीं पहुंच सकी, जिसके चलते उसे खाली हाथ लौटना पड़ा। उसकी आखों में आंसू भरे थे।
आखिर कब तक जिंदगी ऐसी रहेगी, हम धीरे-धीरे मर रहे: अबू अरार
अबू अरार आठ बच्चों की मां है और उसका नौवां बच्चा (लड़का) 2023 की युद्ध की शुरुआत में इस्राइली हमले में मारा जा चुका है। छोटे बच्चे को गोद में लिए अबू अरार ने कहा कि आखिर कब तक जिंदगी ऐसी ही रहेगी। हम धीरे-धीरे मर रहे हैं। हमने डेढ़ महीने से रोटी नहीं खाई है। आटा नहीं है। हमें नहीं पता कि क्या करना है। हमारे पास पैसे नहीं हैं। हम बच्चों के लिए क्या लाएं, समझ में नहीं आ रहा है। अबू ने दूध न होने के कारण बच्ची की बोतल में पानी डाला, ताकि उसकी भूख मिट सके।
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ऐसा कर हमास पर बंधकों की रिहाई के लिए दबाव बना रहा इस्राइल
बीते दो महीने से इस्राइल ने गाजा में खाना, दवाइयां और अन्य जरूरी चीजें भेजना बंद कर दिया है। सहायता समूहों ने चेतावनी दी है कि गाजा की नागरिक आबादी भुखमरी का सामना कर रही है। वहीं, इस्राइल का कहना है कि उसने यह सब इसलिए किया है, ताकि आतंकवादी संगठन हमास पर बंधकों की रिहाई के लिए दबाव डाला जा सके। वहीं, सहायता समूहों का कहना है कि मानवीय सहायता रोकना सामूहिक दंड है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
गाजा में अब लगभग कुछ भी नहीं बचा: सहायता समूह
भुखमरी को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने के बारे में पूछे जाने पर इस्राइली अधिकारियों ने तुरंत कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि, अतीत में उन्होंने आतंकवादी समूह हमास पर सहायता चुराने का आरोप लगाया है। गाजा में मानवीय संकट पर चर्चा करने के लिए सहायता समूहों से पत्रकारों ने बात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि गाजा में अब लगभग कुछ भी नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि न तो खाना है और न ही पानी और ईंधन। जो थोड़ा-बहुत बचा है, उसकी कीमत बहुत ज्यादा है, गरीब लोगों की पहुंच से बाहर है।
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25 किलोग्राम आटे की कीमत 360 अमेरिकी डॉलर
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, गाजा की लगभग पूरी आबादी मानवीय सहायता पर निर्भर है। गोदाम खाली हैं, सामुदायिक रसोई बंद हो रही हैं, और परिवार भोजन छोड़ रहे हैं। गाजा में ऑक्सफैम के मीडिया समन्वयक गदा अल हद्दाद ने बताया कि 25 किलोग्राम आटे का एक बैग अब 1,300 शेकेल (360 अमेरिकी डॉलर) में मिलता है। उन्होंने बताया कि मां अपने बच्चों को दिन में एक बार यानी रात का खाना खिलाती हैं, जिससे कि वह सुबह उठकर भूखे रहने की शिकायत न कर सकें।
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