Pakistan: नौ मई की हिंसा की जांच के लिए सरकार ने गठित की कैबिनेट समिति, 14 दिनों के भीतर पेश करेगी रिपोर्ट
Pakistan: यह समिति सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों सहित नौ मई, 2023 की घटनाओं की समीक्षा करेगी और इसे 14 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। यह भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सिफारिशें भी देगी।
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पाकिस्तान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों द्वारा नौ मई को हुई हिंसक घटनाओं के मास्टमाइंड, साजिशकर्ताओं, सूत्रधारों और अंजाम देने वालों का पता लगाने के लिए एक एक कैबिनेट समिति का गठन किया है। शनिवार को एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के संस्थापक इमरान खान और उनकी पार्टी के सैकड़ों सहयोगियों के खिलाफ पहले से ही इस घटना कई मामले दर्ज हैं। जिन्हें पुलिस ने आपराधिक साजिशकर्ता करार दिया है।
जिओ न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर-उल-हक काकर के निर्देश पर इस समिति के गठन की पहल की गई। कैबिनेट डिवीजन ने कार्यवाहक कानून मंत्री अहमद इरफान असलम की अध्यक्षता वाली समिति के गठन के लिए एक अधिसूचना जारी की।
यह समिति सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों सहित नौ मई, 2023 की घटनाओं की समीक्षा करेगी और इसे 14 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। यह भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सिफारिशें भी देगी और नौ मई की घटनाओं के तत्काल और दीर्घकालिक प्रभावों की समीक्षा करेगी।
इमरान खान की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिन्ना हाउस (लाहौर कोर कमांडर हाउस), मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की छी। रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर भी पहली बार भीड़ ने हमला किया था।
इमरान खान रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उन्हें तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराया गया है और उन पर कई अन्य मामलों के तहत मुकदमा चल रहा है। जिसमें उनके समर्थकों द्वारा नौ मई को किए गए हिंसक विरोध प्रदर्शन और सरकारी गोपनीयता अधिनियम के तहत मामले भी शामिल हैं।