{"_id":"6592c29fe7c9b7114600d0ba","slug":"british-sikh-trekker-polar-preet-claims-solo-skiing-record-2024-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"UK: भारतीय मूल की हरप्रीत ने लहराया परचम, स्कीइंग कर पहुंचीं दक्षिणी ध्रुव; गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का दावा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
UK: भारतीय मूल की हरप्रीत ने लहराया परचम, स्कीइंग कर पहुंचीं दक्षिणी ध्रुव; गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का दावा
Mon, 01 Jan 2024 07:18 PM IST
आदर्श शर्मा
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, लंदन
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Mon, 01 Jan 2024 07:18 PM IST
सार
भारतीय मूल की हरप्रीत ने 31 दिनों में स्कीइंग के जरिए दक्षिणी ध्रुव का सफर तय किया है, जिसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट साझा किया। दावा किया कि उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया हैं।
विज्ञापन
हरप्रीत चंडी
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ब्रिटिश सिख सेना अधिकारी और फिजियोथेरेपिस्ट कैप्टन हरप्रीत चंडी ने एकल स्कीइंग से जुड़ा एक कारनामा अपने नाम किया है। एकल दक्षिणी ध्रुव स्कीइंग अभियान को पूरा करने वाली दुनिया की सबसे तेज महिला बनने का नया विश्व रिकॉर्ड हरप्रीत चंदी ने अपने नाम किया हैं। 33 वर्षीय ने रविवार को अपने ब्लॉग पर उन्होंने लिखा कि 1130 किलोमीटर के अभियान को उन्होंने केवल 31 दिनों में पूरा कर लिया हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि इसे अब गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा सत्यापित किया जाएगा। चंडी ने एक पोस्ट में लिखा कि मैंने इसे फिर से तेजी से किया है।
पहले की यात्राओं से यह सफर अलग था- चंडी
हरप्रीत चंडी ने कहा कि मैंने इस साल अंटार्कटिका वापस आई, लेकिन मैंने दुनिया के साथ इसे साझा नहीं किया। मैंने हरक्यूलिस इनलेट से दक्षिणी ध्रुव तक एक और एकल असमर्थित अभियान पूरा किया। ये यात्रा विगत की यात्राओं से अलग थी। ईमानदारी से कहूं तो मुझे पता नहीं था कि मैं ऐसा कर पाऊंगी। फिर मैंने सोचा कि मैं वह सब कुछ करूंगी, जो मैं कर सकती हूं।
विज्ञापन
'75 किलोग्राम वजन के साथ 13 घंटे लगातार की स्कीइंग'
एकल अंटार्कटिक अभियान के हिस्से के रूप हरप्रीत चंडी 26 नवंबर को रोने आइस शेल्फ पर हरक्यूलिस इनलेट से रवाना हुई। गुरुवार को वह दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचीं। औसतन वह दिन में लगभग 12 से 13 घंटे स्कीइंग करती थी, 75 किलोग्राम वजनी स्लेज खींचते हुए। मैंने इसे 31 दिन, 13 घंटे और 19 मिनट में पूरा किया है। इसके लिए मैंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए आवेदन किया हैं। उन्होंने कहा, यह अकेले मेरा नहीं है। यह उन सभी का है जिन्होंने मुझे यहां तक पहुंचने में मदद की।
पहले भी कर चुकी हैं इस ट्रैक पर स्कीइंग
पिछले साल जनवरी में उन्होंने ट्रैकिंग चुनौती पूरी की और शून्य से 50 डिग्री सेल्सियस कम तापमान में अंटार्कटिका में 1,397 किमी की यात्रा करके दक्षिणी ध्रुव तक अकेले असमर्थित ट्रेक का रिकॉर्ड बनाने वाली पहली भारतीय मूल की महिला बन गई थी। पिछला रिकॉर्ड 1,381 किमी का था, जो अंजा ब्लाचा ने 2020 में बनाया था। हालांकि, वह निराश थी कि उसके पास अंटार्कटिका को अकेले और बिना किसी सहारे के पार करने वाली पहली महिला बनने के अपने मूल लक्ष्य को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं था।
विज्ञापन
पहले की यात्राओं से यह सफर अलग था- चंडी
हरप्रीत चंडी ने कहा कि मैंने इस साल अंटार्कटिका वापस आई, लेकिन मैंने दुनिया के साथ इसे साझा नहीं किया। मैंने हरक्यूलिस इनलेट से दक्षिणी ध्रुव तक एक और एकल असमर्थित अभियान पूरा किया। ये यात्रा विगत की यात्राओं से अलग थी। ईमानदारी से कहूं तो मुझे पता नहीं था कि मैं ऐसा कर पाऊंगी। फिर मैंने सोचा कि मैं वह सब कुछ करूंगी, जो मैं कर सकती हूं।
विज्ञापन
So.. I did it again.. just a little faster. I completed a solo unsupported expedition from Hercules Inlet to the South Pole with a very specific goal in mind-the female speed record. The 1130km expedition, lasted 31 days, 13 hours and 19 minutes. Full blog:https://t.co/kygSR0iqVi pic.twitter.com/3TuxuogkdY
— Preet Chandi (@PreetChandi10) December 31, 2023
विज्ञापन
'75 किलोग्राम वजन के साथ 13 घंटे लगातार की स्कीइंग'
एकल अंटार्कटिक अभियान के हिस्से के रूप हरप्रीत चंडी 26 नवंबर को रोने आइस शेल्फ पर हरक्यूलिस इनलेट से रवाना हुई। गुरुवार को वह दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचीं। औसतन वह दिन में लगभग 12 से 13 घंटे स्कीइंग करती थी, 75 किलोग्राम वजनी स्लेज खींचते हुए। मैंने इसे 31 दिन, 13 घंटे और 19 मिनट में पूरा किया है। इसके लिए मैंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए आवेदन किया हैं। उन्होंने कहा, यह अकेले मेरा नहीं है। यह उन सभी का है जिन्होंने मुझे यहां तक पहुंचने में मदद की।
पहले भी कर चुकी हैं इस ट्रैक पर स्कीइंग
पिछले साल जनवरी में उन्होंने ट्रैकिंग चुनौती पूरी की और शून्य से 50 डिग्री सेल्सियस कम तापमान में अंटार्कटिका में 1,397 किमी की यात्रा करके दक्षिणी ध्रुव तक अकेले असमर्थित ट्रेक का रिकॉर्ड बनाने वाली पहली भारतीय मूल की महिला बन गई थी। पिछला रिकॉर्ड 1,381 किमी का था, जो अंजा ब्लाचा ने 2020 में बनाया था। हालांकि, वह निराश थी कि उसके पास अंटार्कटिका को अकेले और बिना किसी सहारे के पार करने वाली पहली महिला बनने के अपने मूल लक्ष्य को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं था।