UK: ब्रिटिश पाकिस्तानी कट्टरपंथी उपदेशक पर लगाए गए आतंकवादी अपराधों के आरोप, कुछ साल पहले जेल से हुआ था रिहा
UK: ब्रिटेन और पाकिस्तान की दोहरी नागरिकता रखने वाले कट्टरपंथी इस्लामी उपदेशक अंजेम चौधरी को सोमवार को लंदन की एक अदालत में पेश किया गया। उसे कुछ साल पहले जेल से रिहा कर दिया गया था।
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ब्रिटेन और पाकिस्तान की दोहरी नागरिकता रखने वाले कट्टरपंथी इस्लामी उपदेशक अंजेम चौधरी को सोमवार को लंदन की एक अदालत में पेश किया गया। उसे कुछ साल पहले जेल से रिहा कर दिया गया था और उस पर आतंकवाद से जुड़े तीन अपराधों में आरोप लगाए गए हैं।
मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने रविवार को चौधरी पर एक प्रतिबंधित संगठन की सदस्यता और समर्थन को प्रोत्साहित करने के लिए बैठकों को संबोधित करने और ब्रिटेन के आतंकवाद अधिनियम 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत एक आतंकवादी संगठन को निर्देशित करने का आरोप लगाया है।
एक कनाडाई नागरिक खालिद हुसैन (28 वर्षीय) को भी एक प्रतिबंधित संगठन की सदस्यता के आरोप में संबंधित आतंकवाद रोधी जांच में गिरफ्तार किया गया है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा, एक प्रतिबंधित संगठन की कथित सदस्यता की जांच कर रहे आतंकवाद रोधी जासूसों ने सोमवार को पूर्वी लंदन में एक 28 वर्षीय व्यक्ति और हीथ्रो हवाई अड्डे पर 56 वर्षीय एक कनाडाई नागरिक को गिरफ्तार किया।
बयान में कहा गया है, उन्हें आतंकवाद अधिनियम 2000 की धारा 41 के तहत गिरफ्तार किया गया है और जासूसों को आगे हिरासत में रखने का वारंट दिया गया था, जिससे उन्हें सोमवार, 24 जुलाई तक हिरासत में रखने की अनुमति मिल सके। दोनों आरोपियों से व्यापक पूछताछ के बाद सोमवार को लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने के लिए हिरासत में भेज दिया गया।
ब्रिटेन में जन्मे चौधरी विभिन्न कट्टरपंथी संगठनों से जुड़ा रहा है, जिनमें अब प्रतिबंधित इस्लामी समूह अल मुहाजिरुन भी शामिल है। उसे 2018 में लंदन की उच्च सुरक्षा वाली बेलमार्श जेल से रिहा किया गया था, जहां उसे सितंबर 2016 में लंदन की ओल्ड बेली अदालत द्वारा कट्टरपंथी उपदेश देने और मुसलमानों को आतंकवादी समूह आईएसआईएस का समर्थन करने का आह्वान करने के लिए दोषी ठहराए जाने के बाद रखा गया था।