फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Britain: A five-month-old girl is turning into stone, one in two million has such a rare disease

ब्रिटेन: जीते जी 'पत्थर' बन रही पांच महीने की मासूम, 20 लाख बच्चों में सिर्फ एक को होता है यह दुर्लभ रोग

Sun, 04 Jul 2021 03:53 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sun, 04 Jul 2021 03:53 PM IST
सार

इस बच्ची को दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है। उसकी मांसपेशियां हड्डियों में बदल रही हैं। चिकित्सा विज्ञान में इस जटिल बीमारी को फाइब्रोडिस्प्लासिया ओसिफिकंस प्रोग्रेसिवा कहा जाता है। 
 

विज्ञापन
Britain: A five-month-old girl is turning into stone, one in two million has such a rare disease
पांच माह की बच्ची लेक्सी रॉबिन्स - फोटो : social media

विस्तार

भारत में वज्र हृदय और पत्थर दिल इंसान जैसे शब्द चलन में है। ये व्यक्ति के कठोर दिल का संकेत करते हैं और ऐसे दिल वाला इंसान मजबूत माना जाता है, लेकिन ब्रिटेन में पांच माह की एक बच्ची की हैरान करने वाली सचाई सामने आई है। वह जटिल आनुवंशिक बीमारी से जूझ रही है। उसका जन्म इसी साल 31 जनवरी को हुआ था। उसका शरीर पत्थर में बदल रहा है। यह बीमारी मांसपेशियों को हड्डियों में बदल देती है। 

विज्ञापन


इस बच्ची का नाम लेक्सी रॉबिन्स है। वह किसी भी सामान्य बच्चे की तरह लगती है, हालांकि वह अपना अंगूठा नहीं हिला पाती और उसके पैर की उंगलियां भी बड़ी हैं। जन्म के कुछ माह उसके माता-पिता उसे डॉक्टरों के पास ले गए। उसकी जांच में पता चला कि वह सीमित जीवन की बीमारी 'फाइब्रोडिस्प्लासिया ओसिफिकंस प्रोग्रेसिवा (एफओपी) से पीड़ित है। 20 लाख लोगों में से एक को यह बीमारी होती है। 
विज्ञापन


इसलिए कहलाता है पत्थर का शरीर
अप्रैल में किए गए उसके एक्स-रे से पता चला कि उसके पैरों में जुड़वां अंगूठे थे। एफओपी बीमारी के कारण कंकाल के बाहर हड्डियां बनने लगती हैं। इसके कारण मरीज चलने-फिरने लायक नहीं रहता। माना जाता है कि यह मांसपेशियों और संयोजी ऊतकों, यानी टेंडन और लिगामेंट्स को हड्डी में बदल देता है। इसलिए कहा जाता है कि 'पत्थर का शरीर है'।
विज्ञापन
विज्ञापन


20 साल बिस्तर पर और अधिकतम उम्र 40 साल
एफओपी के शिकार मरीजों का कोई इलाज नहीं है। ऐसे लोग 20 साल की उम्र तक बिस्तर पर लेटे रहते हैं। उनकी अधिकतम आयु 40 साल होती है।

बच्चे को जन्म नहीं दे सकते
इस बीमार के शिकार लेक्सी हो या कोई और, वे मामूली झटका भी सहन नहीं कर सकते। गिरने की हालत में उनकी स्थिति तेजी से बिगड़ जाती है। ऐसे मरीज बच्चों को भी जन्म नहीं दे सकते। ये इंजेक्शन और वैक्सीन नहीं लगवा सकते हैं और यहां तक की दांतों का इलाज भी नहीं करा सकते हैं। 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed